23 सितंबर 2025 को क्या है?
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23 सितंबर 2025 को क्या है?

23 सितंबर 2025 को क्या है? जानिए इस दिन का पंचांग, आश्विन शुक्ल प्रतिपदा, नवरात्रि की शुरुआत, घोड़ माता पूजा और शुभ मुहूर्त व पूजा विधि।

आज के दिन के बारे में

23 सितंबर 2025 का दिन धार्मिक दृष्टि से खास है। मंगलवार को द्वितीया तिथि है और नवरात्रि का दूसरा दिन मनाया जाएगा। इस दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है, जो ज्ञान, संयम और शक्ति की देवी मानी जाती हैं। जानिए इस दिन के व्रत, त्योहार और शुभ मुहूर्त, जो इसे हर परिवार के लिए खास बनाते हैं।

23 सितंबर 2025 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 23 सितंबर 2025 को कौन-सा व्रत और त्योहार है और यह दिन धार्मिक दृष्टि से क्यों खास है?

23 सितंबर 2025 मंगलवार को द्वितीया तिथि है और इसी दिन नवरात्रि का दूसरा दिन मनाया जाएगा। इस दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। माँ ब्रह्मचारिणी ज्ञान, संयम और शक्ति की देवी मानी जाती हैं। उनकी पूजा करने से मन की शांति, विवेक और आध्यात्मिक उन्नति होती है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: द्वितीया – संध्या 6:50 बजे तक

  • नक्षत्र: भरणी – संध्या 6:05 बजे तक

  • योग: विभाति – रात 11:40 बजे तक

  • करण: बव – प्रातः 9:12 बजे तक

  • वार: मंगलवार (मंगल देव का दिन)

माँ ब्रह्मचारिणी पूजा का महत्व

माँ ब्रह्मचारिणी नवरात्रि की दूसरी देवी हैं, जो संयम और तपस्या की प्रतीक हैं। उनका ध्यान और व्रत करने से जीवन में धैर्य, शक्ति और बुद्धि की वृद्धि होती है। यह व्रत विशेष रूप से विद्यार्थियों और कामकाजी लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है।

पूजा विधि

  • प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

  • माँ ब्रह्मचारिणी की प्रतिमा या चित्र को पूजा स्थल पर स्थापित करें।

  • दीपक जलाकर फूल, फल और नैवेद्य अर्पित करें।

  • माँ ब्रह्मचारिणी की कथा का श्रवण करें और आरती करें।

  • ध्यान और प्रार्थना के साथ व्रत संपन्न करें।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:00 AM से 11:45 AM

  • राहुकाल: 3:05 PM से 4:38 PM

  • गुलिक काल: 8:12 AM से 9:45 AM

  • यमघंट काल: 12:10 PM से 1:43 PM

सूर्योदय और सूर्यास्त

  • सूर्योदय: 5:40 AM

  • सूर्यास्त: 6:10 PM

ग्रह और राशि

  • सूर्य राशि: कन्या

  • चंद्र राशि: मेष

  • दिशाशूल: उत्तर दिशा

  • ऋतु: वर्षा

  • आयन: दक्षिणायन

निष्कर्ष

23 सितंबर 2025 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से मानसिक शांति, ज्ञान और आध्यात्मिक विकास प्राप्त होता है। यह दिन व्रति के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है और नवरात्रि की यात्रा को सफल और मंगलकारी बनाता है।

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Published by Sri Mandir·September 21, 2025

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