23 फरवरी 2026 को क्या है?
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23 फरवरी 2026 को क्या है? | 23 February 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ-अशुभ मुहूर्त, ग्रह-नक्षत्र और धार्मिक दृष्टि से इस तिथि का महत्व।

आज के दिन के बारे में

23 फरवरी 2026 पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। यह दिन व्रत, संयम और आध्यात्मिक शुद्धि से जुड़ा माना जाता है। इस लेख में जानिए 23 फरवरी 2026 को क्या है और इस तिथि का महत्व।

23 फरवरी 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 23 फरवरी 2026 को कौन-कौन से व्रत और त्योहार हैं और यह दिन धार्मिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है? 23 फरवरी 2026, सोमवार को फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है। यह दिन विशेष रूप से भगवान कार्तिकेय (स्कन्द) की उपासना से जुड़ा माना जाता है। शुक्ल षष्ठी तिथि साहस, शक्ति और विजय का प्रतीक मानी जाती है तथा इस दिन की गई पूजा से आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष षष्ठी – सुबह 9:10 AM तक
  • वार: सोमवार
  • नक्षत्र: भरणी – शाम 4:34 PM तक
  • योग: ब्रह्मा – सुबह 10:19 AM तक
  • करण: तैतिल – सुबह 9:09 AM तक
  • मास (अमांत): फाल्गुन
  • मास (पूर्णिमांत): फाल्गुन
  • विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
  • शक संवत: 1947 (विश्ववासु)
  • सूर्य राशि: कुम्भ
  • चंद्र राशि: मेष
  • ऋतु: शिशिर
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: पूर्व
  • चंद्र निवास: पूर्व

त्योहार व पर्व

1. शुक्ल षष्ठी (कार्तिकेय उपासना)

शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि भगवान कार्तिकेय को समर्पित मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से रोग, भय और शत्रु बाधाओं से मुक्ति मिलती है। यह तिथि विशेष रूप से आत्मविश्वास, पराक्रम और निर्णय शक्ति को मजबूत करती है।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:49 AM से 12:35 PM
  • राहुकाल: 7:54 AM से 9:20 AM
  • गुलिक काल: 1:39 PM से 3:05 PM
  • यमघंट काल: 10:46 AM से 12:12 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 6:27 AM
  • सूर्यास्त: 5:57 PM
  • चंद्रोदय: 9:56 AM
  • चंद्रास्त: 11:59 PM

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

  • भगवान कार्तिकेय या गणेश जी की प्रतिमा/चित्र स्थापित करें।

  • दीप, धूप, पुष्प और नैवेद्य अर्पित करें।

  • “ॐ स्कन्दाय नमः” मंत्र का जप करें।

  • दिन भर संयम और सात्त्विक आचरण रखें।

निष्कर्ष

23 फरवरी 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। फाल्गुन मास की शुक्ल षष्ठी तिथि साहस, शक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली मानी जाती है। श्रद्धा और विधि-विधान से की गई पूजा जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और मानसिक दृढ़ता प्रदान करती है।

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Published by Sri Mandir·February 23, 2026

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