21 दिसंबर 2025 को क्या है?
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21 दिसंबर 2025 को क्या है?

जानिए इस दिन की द्वादशी तिथि, एकादशी व्रत का समापन, पंचांग, नक्षत्र, शुभ-अशुभ समय, योग, करिणा और इस दिन के धार्मिक व ज्योतिषीय महत्व से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी।

आज के दिन के बारे में

21 दिसंबर 2025 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है। इस पावन तिथि पर किए गए पूजा-पाठ, व्रत और दान से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और घर-परिवार में सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि बढ़ती है।

21 दिसंबर 2025 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 21 दिसंबर 2025 को कौन-सा व्रत, त्योहार और शुभ योग हैं और यह दिन धार्मिक दृष्टि से क्यों विशेष है? 21 दिसंबर 2025, रविवार को शुक्ल पक्ष प्रतिपदा है। इस दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष कार्य करना शुभ माना जाता है। इस दिन घर में पूजा, व्रत, दान और धर्म-कर्म से सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष प्रतिपदा - सुबह 9:12 AM तक

  • नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा - सुबह 3:36 AM तक

  • योग: वृद्धि - शाम 4:36 PM तक

  • करण: बव - सुबह 9:10 AM तक

  • वार: रविवार

  • मास (अमांत): पौष

  • मास (पूर्णिमांत): पौष

  • विक्रम संवत: 2082 (कालियुक्त)

  • शक संवत: 1947 (विश्ववासु)

  • सूर्य राशि: धनु

  • चंद्र राशि: धनु

  • ऋतु: हेमंत

  • आयन: दक्षिणायन

  • दिशाशूल: पश्चिम दिशा

  • चंद्र निवास: पूर्व दिशा

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:36 AM से 12:18 PM

  • राहुकाल: 3:55 PM से 5:14 PM

  • गुलिक काल: 2:35 PM से 3:55 PM

  • यमघंट काल: 11:57 AM से 1:16 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 6:40 AM

  • सूर्यास्त: 5:14 PM

  • चंद्र उदय: 7:45 AM

  • चंद्रास्त: 6:14 PM

त्योहार और विशेष अवसर

  • चंद्र दर्शन: प्रतिपदा के दिन चंद्र दर्शन करना विशेष फलदायी माना जाता है।

  • धार्मिक महत्व: प्रतिपदा तिथि को नए कार्य की शुरुआत, पूजा, व्रत और दान का विशेष महत्व है। इस दिन किए गए धार्मिक कर्म से घर में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति होती है।

पूजा-व्रत विधि

  • सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

  • घर या मंदिर में देवी-देवताओं की पूजा करें।

  • प्रतिपदा तिथि के अनुसार हवन या दीप प्रज्वलन करें।

  • दान, भजन और कीर्तन करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।

  • शाम को आरती करें और प्रतिपदा से जुड़ी कथा या भजन का पाठ करें।

निष्कर्ष

21 दिसंबर 2025 का दिन धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष है। प्रतिपदा तिथि होने के कारण पूजा, व्रत और दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन किए गए कर्म जीवन में शांति, सौभाग्य और आध्यात्मिक उन्नति को बढ़ाते हैं।

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Published by Sri Mandir·December 15, 2025

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