2 फरवरी 2026 को क्या है?
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2 फरवरी 2026 को क्या है? | 2 February 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ-अशुभ मुहूर्त, ग्रह-नक्षत्र और धार्मिक दृष्टि से इस तिथि का महत्व।

आज के दिन के बारे में

2 फरवरी 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस दिन माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। इस लेख में जानिए 2 फरवरी 2026 को क्या है और इससे जुड़ी जरूरी जानकारियाँ।

2 फरवरी 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 2 फरवरी 2026 को कौन-कौन से व्रत, पर्व और धार्मिक योग बन रहे हैं? 2 फरवरी 2026, सोमवार को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। यह दिन फाल्गुन मास के आरंभ का संकेत देता है और धार्मिक दृष्टि से नई शुरुआत, आत्मशुद्धि और संयम का प्रतीक माना जाता है। सोमवार होने के कारण यह दिन भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष रूप से शुभ है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष प्रतिपदा – रात 1:53 AM तक
  • वार: सोमवार
  • नक्षत्र: अश्लेषा – रात 10:49 PM तक
  • योग: आयुष्मान – सुबह 7:21 AM तक
  • करण: बालव – दोपहर 2:46 PM तक
  • मास (अमांत): माघ
  • मास (पूर्णिमांत): फाल्गुन
  • विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
  • शक संवत: 1947 (विश्ववासु)
  • सूर्य राशि: मकर
  • चंद्र राशि: कर्क
  • ऋतु: शिशिर
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: पूर्व
  • चंद्र निवास: उत्तर

त्योहार व पर्व

1. फाल्गुन मास का प्रारंभ

फाल्गुन मास हिंदू पंचांग का एक महत्वपूर्ण महीना है। इसी माह में महाशिवरात्रि, होलिका दहन और होली जैसे बड़े पर्व आते हैं। फाल्गुन मास का आरंभ आध्यात्मिक शुद्धि, भक्ति और उत्सवों की तैयारी का संकेत देता है।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:51 AM से 12:35 PM
  • राहुकाल: 8:04 AM से 9:27 AM
  • गुलिक काल: 1:35 PM से 2:58 PM
  • यमघंट काल: 10:50 AM से 12:13 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 6:41 AM
  • सूर्यास्त: 5:44 PM
  • चंद्रोदय: 6:16 PM
  • चंद्रास्त: 6:58 AM

पूजा-व्रत और धार्मिक उपाय

  • सोमवार होने के कारण भगवान शिव का अभिषेक करें।

  • शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करें।

  • फाल्गुन मास के आरंभ पर सात्विक भोजन और संयम का पालन करें।

  • “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।

  • जरूरतमंदों को अन्न या वस्त्र का दान करना शुभ माना जाता है।

निष्कर्ष

2 फरवरी 2026 का दिन फाल्गुन मास के शुभ आरंभ के साथ आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण है। सोमवार और कृष्ण पक्ष प्रतिपदा के योग में भगवान शिव की पूजा करने से मानसिक शांति, रोगों से मुक्ति और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह दिन आने वाले पर्वों की तैयारी और आत्मिक शुद्धि के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

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Published by Sri Mandir·February 1, 2026

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