
जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ-अशुभ मुहूर्त, ग्रह-नक्षत्र और धार्मिक दृष्टि से इस तिथि का महत्व।
8 फरवरी 2026 का दिन पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को आता है। यह तिथि साधना, अनुशासन और धार्मिक नियमों के पालन के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस लेख में जानिए 18 फरवरी 2026 को क्या है, कौन से व्रत-त्योहार हैं और यह दिन क्यों खास है।
क्या आप जानना चाहते हैं कि 18 फरवरी 2026 को कौन-कौन से व्रत और त्योहार हैं और यह दिन धार्मिक दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है? 18 फरवरी 2026, बुधवार को फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। इस दिन चंद्र दर्शन का विशेष महत्व होता है। अमावस्या के बाद चंद्रमा के प्रथम दर्शन को शुभ माना जाता है और यह दिन नई शुरुआत, सकारात्मकता और शुभ संकल्पों के लिए उत्तम माना जाता है।
1. चंद्र दर्शन
चंद्र दर्शन अमावस्या के बाद मनाया जाने वाला महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन चंद्रमा के दर्शन करने से मानसिक शांति, सौभाग्य और शुभ फल की प्राप्ति मानी जाती है। विवाहित महिलाएँ परिवार की सुख-समृद्धि के लिए चंद्र दर्शन करती हैं।
प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
संध्या समय चंद्रमा के दर्शन करें।
“ॐ सोम सोमाय नमः” मंत्र का जाप करें।
घर में दीप जलाकर सकारात्मक वातावरण बनाएँ।
शुभ कार्यों और नए संकल्पों की शुरुआत करें।
18 फरवरी 2026 का दिन चंद्र दर्शन के कारण शुभ और मंगलकारी माना जाता है। इस दिन श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए दर्शन और पूजा से मन में शांति, जीवन में संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
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जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक महत्व, तिथि और ग्रह-नक्षत्र की पूरी जानकारी विस्तार से जानें।

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