17 सितंबर 2026 को क्या है?
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17 सितंबर 2026 को क्या है? | 17 September 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

हर दिन का पंचांग अपने आप में खास महत्व रखता है, जिसमें तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ मुहूर्त की जानकारी प्राप्त होती है। 17 सितंबर 2026 के दिन कौन-से शुभ योग बन रहे हैं, इस दिन का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व क्या है और किन कार्यों के लिए यह दिन लाभकारी माना गया है, आइए विस्तार से जानते हैं।

17 सितंबर 2026 को क्या है?

अगर आप पंचांग और शुभ योगों में रुचि रखते हैं, तो 17 सितंबर 2026 का दिन आपके लिए खास हो सकता है। इस दिन षष्ठी तिथि के साथ अनुराधा नक्षत्र और विष्कुम्भ योग का संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह समय पूजा-पाठ, दान और मानसिक शांति के लिए शुभ माना जाता है। गुरुवार होने के कारण भगवान विष्णु की आराधना का महत्व और बढ़ जाता है। कई लोग इस दिन अपने घर और परिवार की सुख-शांति के लिए विशेष प्रार्थना भी करते हैं।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष षष्ठी – सुबह 10:49 AM तक
  • वार: गुरुवार
  • नक्षत्र: अनुराधा – रात 7:55 PM तक
  • योग: विष्कुम्भ – दोपहर 12:49 PM तक
  • करण: तैतिल – सुबह 10:49 AM तक
  • मास (अमांत): भाद्रपद
  • मास (पूर्णिमांत): भाद्रपद
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: सिंह
  • चंद्र राशि: वृश्चिक
  • ऋतु: वर्षा
  • अयन: दक्षिणायन
  • दिशाशूल: दक्षिण
  • चंद्र निवास: उत्तर

दिन का धार्मिक महत्व

षष्ठी तिथि को हिंदू धर्म में विशेष रूप से भगवान कार्तिकेय और देवी पूजा के लिए शुभ माना जाता है। गुरुवार का दिन होने के कारण भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की आराधना का भी विशेष महत्व रहता है। अनुराधा नक्षत्र मन को स्थिरता और आध्यात्मिक ऊर्जा देने वाला माना जाता है। इस दिन पूजा-पाठ, मंत्र जाप और दान-पुण्य करने से सकारात्मकता बढ़ती है।

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त: 11:29 AM से 12:17 PM राहुकाल: 1:25 PM से 2:57 PM गुलिक काल: 8:49 AM से 10:21 AM यमघण्ट काल: 5:45 AM से 7:17 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

सूर्योदय: 5:45 AM सूर्यास्त: 6:01 PM चंद्रोदय: 11:24 AM चंद्रास्त: 9:54 PM

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान विष्णु और अपने इष्ट देव का ध्यान करें।
  • केले के पेड़ या विष्णु मंदिर में दीपक जलाना शुभ माना जाता है।
  • घर में शांति और सुख के लिए विष्णु मंत्रों का जाप करें।
  • जरूरतमंद लोगों को अन्न या वस्त्र दान करें।
  • शाम के समय भगवान की आरती कर परिवार की मंगल कामना करें।

निष्कर्ष

17 सितंबर 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से शुभ माना जा सकता है। षष्ठी तिथि, अनुराधा नक्षत्र और गुरुवार का संयोग इस दिन को पूजा-पाठ, दान और सकारात्मक कार्यों के लिए खास बनाता है। श्रद्धा और शांत मन से की गई आराधना व्यक्ति के जीवन में मानसिक संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा लाने में सहायक मानी जाती है।

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Published by Sri Mandir·May 22, 2026

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