17 सितंबर 2025 को क्या है?
image
downloadDownload
shareShare
ShareWhatsApp

17 सितंबर 2025 को क्या है?

17 सितंबर 2025 को क्या है? जानिए इस दिन का पंचांग, आश्विन कृष्ण दशमी, नवमी व्रत, नवरात्रि पूजा का महत्व और शुभ मुहूर्त व पूजा विधि।

आज के दिन के बारे में

17 सितंबर 2025 का दिन धार्मिक आस्था और परंपराओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन कौन से व्रत और पर्व मनाए जाएंगे, पितृ पक्ष से संबंधित कौन सा श्राद्ध किया जाएगा और कौन से शुभ मुहूर्त आपके कार्यों के लिए उपयुक्त रहेंगे, यह जानना जरूरी है। इस लेख में पढ़ें 17 सितंबर 2025 से जुड़ी पूरी जानकारी, जो इस दिन को और भी खास बनाती है।

17 सितंबर 2025 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 17 सितंबर 2025 को कौन-सा व्रत और पर्व है तथा यह दिन धार्मिक दृष्टि से क्यों खास है?

17 सितंबर 2025 बुधवार का दिन है और यह भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। इस दिन एकादशी श्राद्ध मनाया जाएगा। पितृ पक्ष में यह दिन उन पितरों की आत्मा की शांति के लिए समर्पित है जिनकी मृत्यु एकादशी तिथि को हुई हो। इसे एकादशी तिथि श्राद्ध या एकादशी पार्वण श्राद्ध भी कहा जाता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि प्रारंभ: एकादशी तिथि – 17 सितंबर, रात 8:46 बजे से

  • तिथि समाप्त: 18 सितंबर, शाम 6:08 बजे तक

  • नक्षत्र: मृगशीर्ष – 2:18 PM तक, इसके बाद आर्द्रा नक्षत्र

  • योग: विष्कुम्भ योग – 2:58 PM तक, इसके बाद प्रीति योग

  • करण: गर – 9:15 AM तक, इसके बाद वणिज करण

  • वार: बुधवार (भगवान गणेश का दिन, बुद्धि और समृद्धि का प्रतीक)

शुभ-अशुभ समय

  • कुतुप मुहूर्त: 11:51 AM से 12:41 PM

  • रौहिण मुहूर्त: 12:41 PM से 1:31 PM

  • अपराह्न काल: 1:31 PM से 4:00 PM

  • अभिजीत मुहूर्त: 11:32 AM से 12:22 PM

  • राहुकाल: 12:18 PM से 1:52 PM

  • गुलिक काल: 6:36 AM से 8:10 AM

  • यमघंट काल: 7:23 PM से 8:57 PM

सूर्योदय और सूर्यास्त

  • सूर्योदय: 5:41 AM

  • सूर्यास्त: 6:02 PM

  • चंद्रोदय: 1:52 AM (18 सितंबर को)

  • चंद्रास्त: 3:40 PM

ग्रह और राशि

  • सूर्य राशि: सिंह

  • चंद्र राशि: मिथुन से कर्क

  • दिशाशूल: उत्तर दिशा

  • ऋतु: वर्षा

  • आयन: दक्षिणायन

एकादशी श्राद्ध का महत्व

  • एकादशी श्राद्ध पितृ पक्ष का अत्यंत पवित्र दिन माना गया है।

  • यह श्राद्ध उन पितरों के लिए किया जाता है जिनकी मृत्यु एकादशी तिथि को हुई हो।

  • इस दिन श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने से पितरों की आत्मा तृप्त होती है और वंशजों को पितृ आशीर्वाद प्राप्त होता है।

  • बुधवार होने के कारण इस दिन गणेश पूजा का भी विशेष महत्व है। माना जाता है कि गणेश जी की कृपा से परिवार में विघ्नों का नाश होता है और सुख-समृद्धि आती है।

निष्कर्ष

17 सितंबर 2025 का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है क्योंकि इस दिन एकादशी श्राद्ध मनाया जाएगा। यह दिन पितरों की आत्मा की शांति और परिवार में पितृ कृपा प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। श्रद्धा और विधि-विधान से किया गया श्राद्ध जीवन में सौभाग्य, शांति और समृद्धि लाता है।

divider
Published by Sri Mandir·September 16, 2025

Did you like this article?

आपके लिए लोकप्रिय लेख

और पढ़ेंright_arrow
Card Image

17 अगस्त 2026 को क्या है?

17 अगस्त 2026 को क्या है? जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।

right_arrow
Card Image

14 अगस्त 2026 को क्या है?

14 अगस्त 2026 को क्या है? जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।

right_arrow
Card Image

13 अगस्त 2026 को क्या है?

13 अगस्त 2026 को क्या है? जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।

right_arrow
srimandir-logo

श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

हमारा पता

फर्स्टप्रिंसिपल ऐप्सफॉरभारत प्रा. लि. 2nd फ्लोर, अर्बन वॉल्ट, नं. 29/1, 27वीं मेन रोड, सोमसुंदरपल्या, HSR पोस्ट, बैंगलोर, कर्नाटक - 560102
YoutubeInstagramLinkedinWhatsappTwitterFacebook