17 मई 2026 को क्या है?
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17 मई 2026 को क्या है? | 17 May 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

पंचांग केवल तिथि देखने का माध्यम नहीं, बल्कि दिन के शुभ-अशुभ समय को समझने का भी आधार माना जाता है। 17 मई 2026 को कौन-सी तिथि रहेगी, किस नक्षत्र का प्रभाव होगा और कौन-से शुभ योग बनेंगे, आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

17 मई 2026 को क्या है?

अगर आप पंचांग के अनुसार दिनों का महत्व समझते हैं, तो 17 मई 2026 को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह दिन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ अधिक मास की शुरुआत का संकेत देता है। चंद्र दर्शन का शुभ अवसर भी इसी दिन मिलता है, जो नई शुरुआत और मानसिक शांति का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक रूप से यह दिन साधारण नहीं, बल्कि धीरे-धीरे सकारात्मक बदलाव लाने वाला माना जाता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष प्रतिपदा – रात 9:42 PM तक
  • वार: रविवार
  • नक्षत्र: कृतिका – दोपहर 2:33 PM तक
  • योग: शोभन – सुबह 6:16 AM तक
  • करण: किंस्तुघ्न – सुबह 11:36 AM तक
  • मास (अमांत): वैशाख
  • मास (पूर्णिमांत): ज्येष्ठ
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: वृष
  • चंद्र राशि: वृष
  • ऋतु: ग्रीष्म
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: पश्चिम
  • चंद्र निवास: दक्षिण

त्यौहार व व्रत

अधिक मास प्रारम्भ

इस दिन से अधिक मास की शुरुआत होती है, जिसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस पूरे महीने में पूजा-पाठ, दान और भक्ति करने का विशेष महत्व होता है।

चन्द्र दर्शन

शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को चंद्र दर्शन करना शुभ माना जाता है। इस दिन चंद्रमा के दर्शन करने से मनोकामनाएं पूर्ण होने और जीवन में सुख-समृद्धि आने की मान्यता है।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:29 AM से 12:21 PM
  • राहुकाल: 4:57 PM से 6:37 PM
  • गुलिक काल: 3:16 PM से 4:57 PM
  • यमघण्ट काल: 11:55 AM से 1:36 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 5:13 AM
  • सूर्यास्त: 6:37 PM
  • चंद्रोदय: 5:10 AM
  • चंद्रास्त: 7:30 PM

पूजा-व्रत विधि

  • सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान विष्णु और अपने इष्ट देव का ध्यान करें।
  • अधिक मास के आरंभ पर दान और पुण्य कार्य करें।
  • शाम के समय चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य दें।
  • दिनभर सात्विक आहार लें और मन को शांत रखें।

निष्कर्ष

17 मई 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से नई शुरुआत का संकेत देता है। अधिक मास का प्रारंभ और चंद्र दर्शन का संयोग इस दिन को और भी खास बनाता है। श्रद्धा और भक्ति के साथ किए गए कार्य जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शुभ फल प्रदान करते हैं।

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Published by Sri Mandir·May 14, 2026

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