
जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ-अशुभ मुहूर्त, ग्रह-नक्षत्र और धार्मिक दृष्टि से इस तिथि का महत्व।
15 फरवरी 2026 का दिन पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को पड़ता है। यह तिथि धार्मिक गतिविधियों और दैनिक पूजा-पाठ के लिए उपयुक्त मानी जाती है। इस लेख में जानिए 15 फरवरी 2026 को क्या है और इस दिन से जुड़ी आवश्यक जानकारियाँ।
क्या आप जानना चाहते हैं कि 15 फरवरी 2026 को कौन-कौन से व्रत और त्योहार हैं और यह दिन धार्मिक रूप से क्यों विशेष माना जाता है? 15 फरवरी 2026, रविवार को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। इस दिन महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाता है, जो भगवान शिव की आराधना का सबसे प्रमुख और फलदायी दिन माना जाता है। यह दिन शिवभक्ति, व्रत, रुद्राभिषेक और जागरण के लिए अत्यंत शुभ है।
1. महाशिवरात्रि
महाशिवरात्रि भगवान शिव को समर्पित सबसे महान पर्वों में से एक है। इस दिन व्रत, रात्रि जागरण, अभिषेक और मंत्र जाप करने से सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति मानी जाती है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था।
प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
व्रत का संकल्प लेकर दिनभर उपवास रखें।
भगवान शिव का जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भस्म से अभिषेक करें।
“ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
रात्रि में चार प्रहर पूजा और शिव जागरण करें।
ब्राह्मणों और जरूरतमंदों को दान दें।
15 फरवरी 2026 का दिन महाशिवरात्रि के कारण अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक महत्व रखता है। इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से की गई शिव आराधना जीवन के कष्टों को दूर करती है, मानसिक शांति प्रदान करती है और भक्त को शिव कृपा से जोड़ती है।
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जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।

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