14 जून 2026 को क्या है?
image
downloadDownload
shareShare
ShareWhatsApp

14 जून 2026 को क्या है? | 14 June 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

पंचांग में दर्ज हर दिन अपने साथ अलग जानकारी लेकर आता है। 14 जून 2026 को लेकर लोग क्या जानना चाहते हैं और इस दिन कौन-से विवरण सामने आ रहे हैं, आइए देखते हैं।

14 जून 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 14 जून 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से क्यों अत्यंत खास माना जा रहा है? 14 जून 2026, रविवार के दिन ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है (दोपहर 12:21 PM तक)। इस दिन दर्श अमावस्या और रोहिणी व्रत का विशेष संयोग बन रहा है, जिसे पितरों की शांति, पूजा-पाठ और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। साथ ही धृति योग और रोहिणी नक्षत्र का प्रभाव इस दिन को दान-पुण्य और धार्मिक कार्यों के लिए और भी मंगलकारी बना रहा है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष चतुर्दशी – 12:21 PM तक
  • वार: रविवार
  • नक्षत्र: रोहिणी – 10:14 PM तक
  • योग: धृति – 1:16 PM तक
  • करण: शकुनि – 12:19 PM तक
  • मास (अमांत): ज्येष्ठ
  • मास (पूर्णिमांत): ज्येष्ठ
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: वृष
  • चंद्र राशि: वृष
  • ऋतु: ग्रीष्म
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: पश्चिम
  • चंद्र निवास: दक्षिण

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:32 AM से 12:26 PM
  • राहुकाल: 5:07 PM से 6:50 PM
  • गुलिक काल: 3:25 PM से 5:07 PM
  • यमघण्ट काल: 11:59 AM से 1:42 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 5:08 AM
  • सूर्यास्त: 6:50 PM
  • चंद्रोदय: 3:49 AM
  • चंद्रास्त: 6:16 PM

धार्मिक महत्व

14 जून 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। दर्श अमावस्या के दिन पितरों के निमित्त तर्पण, दान और पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है। वहीं रोहिणी व्रत भगवान चंद्रदेव और आध्यात्मिक शांति से जुड़ा माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा भाव से पूजा-पाठ और दान करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। धृति योग और रोहिणी नक्षत्र का संयोग इस दिन को ध्यान, मंत्र जाप और धार्मिक कार्यों के लिए शुभ बनाता है।

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ एवं सात्विक वस्त्र धारण करें।
  • पितरों का स्मरण कर तर्पण और दान करें।
  • भगवान विष्णु और चंद्रदेव की पूजा करें।
  • जल, तिल और सफेद पुष्प अर्पित करें।
  • “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
  • जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र और जल का दान करें।
  • शाम के समय दीपक जलाकर भगवान की आरती करें।

निष्कर्ष

14 जून 2026 का दिन पूजा-पाठ, पितृ तर्पण और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। दर्श अमावस्या, रोहिणी व्रत और धृति योग का संयोग इस दिन को और भी विशेष बनाता है। श्रद्धा और भक्ति के साथ किए गए पूजा-पाठ और दान-पुण्य से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

divider
Published by Sri Mandir·May 27, 2026

Did you like this article?

आपके लिए लोकप्रिय लेख

और पढ़ेंright_arrow
Card Image

19 अगस्त 2026 को क्या है?

19 अगस्त 2026 को क्या है? जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।

right_arrow
Card Image

18 अगस्त 2026 को क्या है?

18 अगस्त 2026 को क्या है? जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।

right_arrow
Card Image

17 अगस्त 2026 को क्या है?

17 अगस्त 2026 को क्या है? जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।

right_arrow
srimandir-logo

श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

हमारा पता

फर्स्टप्रिंसिपल ऐप्सफॉरभारत प्रा. लि. 2nd फ्लोर, अर्बन वॉल्ट, नं. 29/1, 27वीं मेन रोड, सोमसुंदरपल्या, HSR पोस्ट, बैंगलोर, कर्नाटक - 560102
YoutubeInstagramLinkedinWhatsappTwitterFacebook