13 अक्टूबर 2026 को क्या है?
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13 अक्टूबर 2026 को क्या है? | 13 October 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

हर दिन का पंचांग विशेष महत्व रखता है, जिसमें तिथि, नक्षत्र, योग, करण और शुभ मुहूर्त की जानकारी प्राप्त होती है। 13 अक्टूबर 2026 के दिन कौन-से शुभ संयोग बन रहे हैं, इस दिन का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व क्या है और किन कार्यों के लिए यह दिन शुभ माना गया है, आइए विस्तार से जानते हैं।

13 अक्टूबर 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 13 अक्टूबर 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण माना जा रहा है? 13 अक्टूबर 2026, मंगलवार को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि रहेगी। शारदीय नवरात्रि का तीसरा दिन माता चंद्रघंटा की पूजा को समर्पित माना जाता है। सनातन धर्म में माता चंद्रघंटा को शक्ति, साहस और शांति की देवी माना गया है। इस दिन देवी आराधना, व्रत और पूजा-पाठ करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि आने की मान्यता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष तृतीया – शाम 5:08 PM तक
  • वार: मंगलवार
  • नक्षत्र: विशाखा – शाम 4:52 PM तक
  • योग: शुभ – सुबह 7:48 AM तक
  • करण: कौलव – शाम 5:08 PM तक
  • मास (अमांत): आश्विन
  • मास (पूर्णिमांत): आश्विन
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: कन्या
  • चंद्र राशि: वृश्चिक
  • ऋतु: शरद
  • अयन: दक्षिणायन
  • दिशाशूल: उत्तर
  • चंद्र निवास: पश्चिम

त्यौहार व व्रत

शारदीय नवरात्रि – तृतीया

नवरात्रि के तीसरे दिन माता चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। माता चंद्रघंटा को वीरता और करुणा का प्रतीक माना जाता है। श्रद्धालु इस दिन माता की आराधना कर भय और नकारात्मकता से मुक्ति की कामना करते हैं।

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त: 11:26 AM से 12:11 PM राहुकाल: 2:42 PM से 4:08 PM गुलिक काल: 11:16 AM से 12:42 PM यमघण्ट काल: 8:24 AM से 9:50 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

सूर्योदय: 6:23 AM सूर्यास्त: 5:41 PM चंद्रोदय: 6:41 AM (14 अक्टूबर) चंद्रास्त: 8:20 PM

पूजा-व्रत विधि

  • सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • माता चंद्रघंटा का ध्यान कर दीपक और धूप जलाएं।
  • माता को लाल पुष्प, दूध और मिठाई अर्पित करें।
  • दुर्गा चालीसा और देवी मंत्रों का जाप करें।
  • व्रत रखकर सात्विक भोजन ग्रहण करें।
  • जरूरतमंदों को अन्न और वस्त्र दान देना शुभ माना जाता है।

निष्कर्ष

13 अक्टूबर 2026 का दिन धार्मिक श्रद्धा, देवी उपासना और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। शारदीय नवरात्रि की तृतीया माता चंद्रघंटा की कृपा प्राप्त करने और जीवन में सुख-शांति बनाए रखने के लिए शुभ मानी गई है। श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-पाठ करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि बनी रहती है।

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Published by Sri Mandir·May 25, 2026

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