10 सितंबर 2026 को क्या है?
image
downloadDownload
shareShare
ShareWhatsApp

10 सितंबर 2026 को क्या है? | 10 September 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

हर दिन का पंचांग विशेष महत्व रखता है, जिसमें तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ-अशुभ समय की जानकारी दी जाती है। 10 सितंबर 2026 के दिन कौन-से शुभ संयोग बन रहे हैं, इस दिन का धार्मिक महत्व क्या है और पूजा-पाठ व शुभ कार्यों के लिए कौन-सा समय उत्तम माना गया है, आइए जानते हैं।

10 सितंबर 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 10 सितम्बर 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से क्यों विशेष माना जा रहा है? 10 सितम्बर 2026, गुरुवार को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है, जो सुबह 10:34 AM तक रहेगी। इस दिन सिद्ध योग और मघा नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है, जिसे पूजा-पाठ, पितरों के स्मरण और आध्यात्मिक साधना के लिए उत्तम माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और देवी-देवताओं की आराधना करने से विशेष पुण्य और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष चतुर्दशी – सुबह 10:34 AM तक
  • वार: गुरुवार
  • नक्षत्र: मघा – दोपहर 2:06 PM तक
  • योग: सिद्ध – शाम 7:17 PM तक
  • करण: शकुनि – सुबह 10:35 AM तक
  • मास (अमांत): श्रावण
  • मास (पूर्णिमांत): भाद्रपद
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: सिंह
  • चंद्र राशि: सिंह
  • ऋतु: वर्षा
  • अयन: दक्षिणायन
  • दिशाशूल: दक्षिण
  • चंद्र निवास: पूर्व

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त: 11:32 AM से 12:20 PM राहुकाल: 1:29 PM से 3:02 PM गुलिक काल: 8:49 AM से 10:22 AM यमघण्ट काल: 5:43 AM से 7:16 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

सूर्योदय: 5:43 AM सूर्यास्त: 6:09 PM चंद्रोदय: 4:39 AM चंद्रास्त: 5:37 PM

धार्मिक महत्व

कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि भगवान शिव की उपासना के लिए विशेष मानी जाती है। सिद्ध योग का प्रभाव इस दिन को और भी शुभ बना रहा है, जिससे धार्मिक कार्यों और मंत्र जाप का फल कई गुना बढ़ जाता है। मघा नक्षत्र पितरों और परंपराओं से जुड़ा माना जाता है, इसलिए इस दिन पितरों का स्मरण और दान-पुण्य करना शुभ फलदायी माना गया है।

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान शिव का ध्यान कर शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करें।
  • “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
  • घर के मंदिर में दीपक जलाकर आरती करें।
  • जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या दक्षिणा का दान करें।
  • शाम के समय ध्यान और भजन-कीर्तन करना शुभ माना जाता है।

निष्कर्ष

10 सितम्बर 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। चतुर्दशी तिथि, सिद्ध योग और मघा नक्षत्र का यह विशेष संयोग भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने और जीवन में सुख-शांति लाने के लिए उत्तम अवसर माना गया है। श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा-पाठ करने से सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक संतुलन प्राप्त होता है।

divider
Published by Sri Mandir·May 27, 2026

Did you like this article?

आपके लिए लोकप्रिय लेख

और पढ़ेंright_arrow
Card Image

6 जुलाई 2026 को क्या है?

6 जुलाई 2026 को क्या है? जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।

right_arrow
Card Image

5 जुलाई 2026 को क्या है?

5 जुलाई 2026 को क्या है? जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।

right_arrow
Card Image

4 जुलाई 2026 को क्या है?

4 जुलाई 2026 को क्या है? जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।

right_arrow
srimandir-logo

श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

हमारा पता

फर्स्टप्रिंसिपल ऐप्सफॉरभारत प्रा. लि. 2nd फ्लोर, अर्बन वॉल्ट, नं. 29/1, 27वीं मेन रोड, सोमसुंदरपल्या, HSR पोस्ट, बैंगलोर, कर्नाटक - 560102
YoutubeInstagramLinkedinWhatsappTwitterFacebook