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23-01-2025
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23 जनवरी, 2025

Lunar Image
नवमी कृष्ण पक्ष,गुरुवार
माघ मास
शिशिर,पिंगल 2081
नवमी कृष्ण पक्ष,गुरुवार
माघ मास
शिशिर,पिंगल 2081
त्यौहार
सुभाष चन्द्र बोस जयन्ती
त्यौहार
सुभाष चन्द्र बोस जयन्ती

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त
11:50 AM से 12:32 PM
11:50 AM से 12:32 PM
राहुकाल
राहुकाल
1:32 PM से 2:54 PM
1:32 PM से 2:54 PM
गुलिक काल
गुलिक काल
9:28 AM से 10:49 AM
9:28 AM से 10:49 AM
यमघण्टकाल
यमघण्टकाल
6:45 AM से 8:06 AM
6:45 AM से 8:06 AM

आज का पंचांग

तिथि
कृष्ण पक्ष नवमी
5:38 PM तक
5:38 PM तक
नक्षत्र
विशाखा
5:09 AM तक
5:09 AM तक
योग
गंड
5:07 AM तक
5:07 AM तक
करण
गर
5:34 PM तक
5:34 PM तक
महीना अमान्त
पौष
महीना पूर्णिमांत
माघ
विक्रम संवत
2081 (पिंगल)
शक संवत
1946 (क्रोधी)
सूर्य राशि
मकर
चंद्र राशि
तुला
दिशाशूल
दक्षिण
चंद्र निवास
पश्चिम
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण
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Upcoming festivals
1 January, 2025
चन्द्र दर्शन
3 January, 2025
विनायक चतुर्थी
5 January, 2025
स्कन्द षष्ठी
6 January, 2025
गुरु गोबिन्द सिंह जयन्ती
7 January, 2025
मासिक दुर्गाष्टमी
7 January, 2025
शाकम्भरी उत्सवारम्भ
9 January, 2025
मासिक कार्तिगाई
10 January, 2025
पौष पुत्रदा एकादशी
10 January, 2025
कूर्म द्वादशी
10 January, 2025
वैकुण्ठ एकादशी
11 January, 2025
प्रदोष व्रत
11 January, 2025
शनि त्रयोदशी
11 January, 2025
रोहिणी व्रत
13 January, 2025
पौष पूर्णिमा
13 January, 2025
शाकम्भरी पूर्णिमा
13 January, 2025
पूर्णिमा उपवास
13 January, 2025
लोहड़ी
13 January, 2025
अरुद्र दर्शन
14 January, 2025
माघ प्रारम्भ *उत्तर
14 January, 2025
पोंगल
14 January, 2025
मकर संक्रान्ति
15 January, 2025
माघ बिहु
17 January, 2025
संकष्टी चतुर्थी
17 January, 2025
सकट चौथ
21 January, 2025
कालाष्टमी
23 January, 2025
सुभाष चन्द्र बोस जयन्ती
25 January, 2025
षटतिला एकादशी
26 January, 2025
गणतन्त्र दिवस
27 January, 2025
प्रदोष व्रत
27 January, 2025
मेरु त्रयोदशी
27 January, 2025
मासिक शिवरात्रि
29 January, 2025
माघ अमावस्या
29 January, 2025
दर्श अमावस्या
29 January, 2025
मौनी अमावस
29 January, 2025
थाई अमावसाइ
30 January, 2025
चन्द्र दर्शन
30 January, 2025
गुप्त नवरात्रि प्रारम्भ
रसराज जी महाराज एवं 11 ब्राह्मण द्वारा 108 बजरंग बाण पाठ महायज्ञ
वर्ष के अंतिम बड़ा मंगल पर रसराज जी महाराज के साथ विशेष हनुमान पूजा

रसराज जी महाराज एवं 11 ब्राह्मण द्वारा 108 बजरंग बाण पाठ महायज्ञ

अखंड हनुमान कृपा और अचानक आने वाली समस्याओं एवं बाधाओं से संपूर्ण सुरक्षा प्राप्त करने के लिए

puja venue
परमार्थम् हनुमान मंदिर, दिल्ली
puja date
23 जून, मंगलवार, ज्येष्ठ शुक्ल नवमी
बड़ा मंगल 21,00,000 संकट मोचन हनुमान मंत्र जाप एवं 11,000 सिंदूर सामग्री आहुति महायज्ञ तथा 100 किलो बूंदी प्रसाद वितरण सेवा
अंतिम बड़ा मंगल 121 ब्राह्मण विशेष सबसे विशाल हनुमान पूजा

बड़ा मंगल 21,00,000 संकट मोचन हनुमान मंत्र जाप एवं 11,000 सिंदूर सामग्री आहुति महायज्ञ तथा 100 किलो बूंदी प्रसाद वितरण सेवा

शक्ति, सुरक्षा, बाधाओं से राहत और जीवन में सफलता के लिए हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु

puja venue
दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर, प्रयागराज
puja date
23 जून, मंगलवार, ज्येष्ठ शुक्ल नवमी
100 किलो लाल मिर्च बगलामुखी हवन, 100 किलो हनुमान सिंदूर अभिषेक और 100 किलो चमेली तेल अभिषेक
वर्ष के अंतिम बड़ा मंगल पर हनुमान-बगलामुखी रक्षा विशेष

100 किलो लाल मिर्च बगलामुखी हवन, 100 किलो हनुमान सिंदूर अभिषेक और 100 किलो चमेली तेल अभिषेक

शत्रुओं से रक्षा, नकारात्मकता दूर करने और जीवन की बाधाओं को समाप्त करने के लिए

puja venue
मां पीतांबरा पीठ, खेड़ापति हनुमान मंदिर, उज्जैन
puja date
23 जून, मंगलवार, ज्येष्ठ शुक्ल नवमी

सम्पूर्ण पंचांग, Varanasi, Uttar Pradesh, India

आज का दिन Varanasi, Uttar Pradesh, India के भक्तों के लिए आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस गुरुवार को हम माघ के पवित्र माह में नवमी कृष्ण पक्ष पक्ष की कृष्ण पक्ष नवमी का पालन करते हैं। शिशिर ऋतु के चलते सूर्य मकर में संचार कर रहा है, जबकि चंद्रमा तुला में स्थित है। पंचांग के अनुसार, कृष्ण पक्ष नवमी 5:38 PM तक तक सक्रिय रहेगी, इसके बाद अगली तिथि प्रारंभ होगी। आज का नक्षत्र विशाखा है, जो 5:09 AM तक तक रहेगा, इसके पश्चात अगला नक्षत्र आरंभ होगा। आज का योग गंड है, जो 5:07 AM तक तक प्रभावी रहेगा। दिन की शुरुआत में करण गर है, जो 5:34 PM तक तक रहेगा।

Varanasi, Uttar Pradesh, India में आज सूर्योदय 6:45 AM पर और सूर्यास्त 5:37 PM पर होगा, जो दिन की आध्यात्मिक लय को परिभाषित करता है। चंद्रमा का उदय 1:07 AM पर और अस्त 12:06 PM पर होगा। दिशाओं की दृष्टि से आज दिशा शूल दक्षिण दिशा में है, अतः इस दिशा में यात्रा से बचना चाहिए। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो घर से निकलने से पहले अदरक या गुड़ का सेवन करने जैसे पारंपरिक उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है। आज चंद्रमा पश्चिम दिशा में स्थित है, जो मानसिक स्पष्टता और भावनात्मक ऊर्जा को प्रभावित करता है।

दिन का सबसे शुभ समय अभिजीत मुहूर्त 11:50 AM से 12:32 PM के बीच आता है, जो किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत या आध्यात्मिक साधना के लिए उत्तम है। हालांकि, कुछ अशुभ कालों से बचना चाहिए। राहुकाल 1:32 PM से 2:54 PM, गुलिक काल 9:28 AM से 10:49 AM, और यमगंड काल 7:28 AM से 8:53 AM के दौरान नए कार्यों की शुरुआत करना वर्जित माना जाता है।

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आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang)

पंचांग हिंदू धर्म में समय और तिथियों को समझने के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण साधन है। यह भारतीय ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर दिन के सभी प्रमुख पहलुओं की जानकारी प्रदान करता है। आज के दिन की गतिविधियों को सफल और शुभ बनाने के लिए पंचांग का उपयोग करना अत्यंत लाभकारी होता है। इसमें प्रमुख रूप से तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, शुभ मुहूर्त, सूर्योदय और सूर्यास्त की जानकारी होती है। आइए जानते हैं आज के पंचांग की विस्तार से जानकारी।

तिथि

तिथि पंचांग का एक प्रमुख हिस्सा होती है। तिथि से यह ज्ञात होता है कि चंद्रमा की स्थिति किस प्रकार की है और आज का दिन कौन सा है। हिंदू धर्म में हर तिथि का अपना महत्व है, जैसे एकादशी व्रत, पूर्णिमा या अमावस्या पर विशेष पूजा और व्रत किए जाते हैं। आज की तिथि जानकर आप अपने धार्मिक कार्यों को सही समय पर कर सकते हैं।

वार

वार यानी सप्ताह का दिन। पंचांग के अनुसार, हर वार का भी अपना महत्व होता है। जैसे सोमवार को भगवान शिव की पूजा की जाती है, मंगलवार को हनुमानजी का दिन माना जाता है। वार से यह पता चलता है कि आज किस देवता की पूजा-अर्चना की जानी चाहिए ताकि दिन शुभ रहे।

नक्षत्र

नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति को दर्शाते हैं। पूरे दिन में कौन सा नक्षत्र चल रहा है, इसका ज्ञान पंचांग से होता है। शुभ कार्यों के लिए नक्षत्र का विशेष महत्व होता है। कुछ नक्षत्र शुभ होते हैं जिनमें शादी, गृह प्रवेश या अन्य मांगलिक कार्य किए जाते हैं, जबकि कुछ नक्षत्र अशुभ माने जाते हैं जिनमें इन कार्यों को टाला जाता है।

योग

पंचांग में योग भी शामिल होता है, जो कि समय के अनुसार बदलता रहता है। योग का ज्ञान शुभ-अशुभ घटनाओं का संकेत देता है। अगर आज कोई शुभ योग है, तो यह किसी विशेष कार्य की सफलता का सूचक हो सकता है। वहीं, अशुभ योग होने पर कार्य को स्थगित करना उचित माना जाता है।

करण

करण पंचांग का वह हिस्सा है जो तिथि को दो हिस्सों में विभाजित करता है। यह बताता है कि किस समय का उपयोग शुभ कार्यों के लिए किया जा सकता है। करण का सही ज्ञान होने से आप अपने दिन को बेहतर बना सकते हैं और अनुकूल समय में अपने कार्यों को संपन्न कर सकते हैं।

शुभ मुहूर्त

आज का पंचांग शुभ मुहूर्त की जानकारी भी देता है। हिंदू धर्म में शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। चाहे वह विवाह हो, व्यापार का आरंभ हो या फिर कोई धार्मिक अनुष्ठान हो, शुभ मुहूर्त जानकर आप अपने कार्यों को सफल बना सकते हैं। पंचांग में दिन के अनुसार, सबसे शुभ समय को बताया जाता है जिसे 'अभिजीत मुहूर्त' भी कहा जाता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

आज के पंचांग में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का भी विशेष उल्लेख होता है। हिंदू धर्म में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व होता है। सूर्योदय के समय किए गए धार्मिक कार्य अधिक फलदायी होते हैं। साथ ही, शाम के समय सूर्य को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है।

आज का चंद्रमा और चंद्रदर्शन

पंचांग में चंद्रमा की स्थिति और चंद्रदर्शन की जानकारी भी दी जाती है। आज का चंद्रमा किस राशि में है और किस समय उगेगा, इसका विवरण पंचांग में दिया जाता है। व्रत या उपवास रखने वाले लोगों के लिए चंद्रदर्शन का विशेष महत्व होता है।

पंचांग के लाभ क्या हैं?

पंचांग एक पारंपरिक हिंदू कैलेंडर है, जो पांच मुख्य तत्त्वों तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण का समन्वय करता है। ये सभी तत्व मिलकर दिन की गुणवत्ता और ऊर्जा को निर्धारित करते हैं। पंचांग का उपयोग ब्रह्मांडीय प्रभावों को समझने और अपने कार्यों को उनके अनुरूप ढालने के लिए किया जाता है।

पंचांग का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह शुभ और अशुभ समय की पहचान करने में मदद करता है। विवाह, यात्रा, नए कार्यों की शुरुआत या धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उपयुक्त समय जानने के लिए पंचांग मार्गदर्शन करता है। यह सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त जैसे विवरण भी देता है, जो व्रत और पूजाओं के लिए आवश्यक होते हैं।

हमें प्रतिदिन पंचांग क्यों देखना चाहिए?

प्रतिदिन पंचांग देखने से हम अपने दैनिक जीवन को प्रकृति की लय के अनुरूप ढाल सकते हैं। यह राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड जैसे अशुभ समयों से सतर्क करता है, जब कोई नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।

पंचांग का अनुसरण कर हम अनावश्यक समस्याओं से बच सकते हैं और अपने कार्यों की सफलता को बढ़ा सकते हैं। यह विशेष रूप से साधकों, ज्योतिषियों, किसानों और प्रकृति से सामंजस्य में जीने वालों के लिए अत्यंत उपयोगी है। संक्षेप में, पंचांग एक ब्रह्मांडीय योजनाकर्ता की तरह काम करता है, जो हमें एक सोच-समझकर, सफल और आध्यात्मिक रूप से संतुलित जीवन जीने में मदद करता है।

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श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

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