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26 अक्टूबर, 2026

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पूर्णिमा शुक्ल पक्ष,सोमवार
अश्विन मास
शरद,सिद्धार्थ 2083
पूर्णिमा शुक्ल पक्ष,सोमवार
अश्विन मास
शरद,सिद्धार्थ 2083

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त
11:21 AM से 12:05 PM
11:21 AM से 12:05 PM
राहुकाल
राहुकाल
7:28 AM से 8:53 AM
7:28 AM से 8:53 AM
गुलिक काल
गुलिक काल
1:08 PM से 2:33 PM
1:08 PM से 2:33 PM
यमघण्टकाल
यमघण्टकाल
10:18 AM से 11:43 AM
10:18 AM से 11:43 AM

आज का पंचांग

तिथि
शुक्ल पक्ष पूर्णिमा
9:42 AM तक
9:42 AM तक
नक्षत्र
अश्विनी
5:42 PM तक
5:42 PM तक
योग
वज्र
2:17 PM तक
2:17 PM तक
करण
बव
9:39 AM तक
9:39 AM तक
महीना अमान्त
अश्विन
महीना पूर्णिमांत
अश्विन
विक्रम संवत
2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत
1948 (प्रभाउ)
सूर्य राशि
तुला
चंद्र राशि
मेष
दिशाशूल
पूर्व
चंद्र निवास
पूर्व
ऋतु
शरद
अयन
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पर्व त्यौहार की जानकारी “फरवरी 2023” तक ही दी गई है। बाकी के त्योहारों की जानकारी हम जल्द ही अपडेट कर देंगे। धन्यवाद!
चौथ माता मंदिर - करवा चौथ अखंड सौभाग्य प्राप्ति पूजा और श्रृंगार सेवा
करवा चौथ - चौथ माता मंदिर श्रृंगार अर्पण विशेष

चौथ माता मंदिर - करवा चौथ अखंड सौभाग्य प्राप्ति पूजा और श्रृंगार सेवा

वैवाहिक सुख, जीवनसाथी की कुशलता, लंबी आयु के आशीर्वाद और वैवाहिक रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए

puja venue
चौथ माता मंदिर, राजस्थान
puja date
29 अक्टूबर, गुरुवार, कार्तिक कृष्ण चतुर्थी
4,00,000 राहु मंत्र जाप, 3,00,000 बृहस्पति मंत्र जाप एवं 2,00,000 सूर्य मंत्र जाप - त्रि-ग्रह शक्ति महायज्ञ
70 वर्षों बाद गुरु का सिंह राशि में गोचर - सिंहस्थ कुंभ विशेष

4,00,000 राहु मंत्र जाप, 3,00,000 बृहस्पति मंत्र जाप एवं 2,00,000 सूर्य मंत्र जाप - त्रि-ग्रह शक्ति महायज्ञ

भाग्य में वृद्धि, करियर में सफलता और बृहस्पति के गोचर के दौरान आक्रामकता को विवेक के साथ संतुलित करने के लिए

puja venue
श्री नवग्रह शनि मंदिर, उज्जैन, मध्य प्रदेश
puja date
31 अक्टूबर, शनिवार, कार्तिक कृष्ण षष्ठी
कुंभ विशेष: त्र्यंबकेश्वर गोदावरी घाट पर कालसर्प दोष शांति पूजा
70 वर्षों बाद दुर्लभ कुंभ: त्र्यंबकेश्वर कालसर्प दोष शांति पूजा

कुंभ विशेष: त्र्यंबकेश्वर गोदावरी घाट पर कालसर्प दोष शांति पूजा

कालसर्प दोष से राहत पाने के लिए

puja venue
श्री त्र्यंबकेश्वर गोदावरी तीर्थ, महाराष्ट्र
puja date
31 अक्टूबर, शनिवार, कार्तिक कृष्ण षष्ठी
3 पवित्र बृहस्पति मंदिरों में 300 कवच पाठ, 300 लीटर हल्दी अभिषेक एवं 31 ब्राह्मणों को पीले वस्त्र दान सेवा
70 वर्षों बाद दुर्लभ गुरु गोचर - 3 शक्तिशाली बृहस्पति मंदिर विशेष

3 पवित्र बृहस्पति मंदिरों में 300 कवच पाठ, 300 लीटर हल्दी अभिषेक एवं 31 ब्राह्मणों को पीले वस्त्र दान सेवा

करियर, धन, स्वास्थ्य और संबंधों में देवगुरु बृहस्पति की कृपा की कामना

puja venue
श्री बृहस्पति मंदिर, श्री नवग्रह शनि मंदिर, श्री नवग्रह मंदिर, काशी, उज्जैन, डबरा
puja date
31 अक्टूबर, शनिवार, Kartika Krishna Shashthi
कुंभ अमृत कलश जल अभिषेक और 11,000 महामृत्युंजय मंत्र जाप
70 वर्षों बाद दुर्लभ कुंभ महामृत्युंजय जाप - त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र विशेष

कुंभ अमृत कलश जल अभिषेक और 11,000 महामृत्युंजय मंत्र जाप

अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु का आशीर्वाद पाने के लिए

puja venue
त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, महाराष्ट्र
puja date
31 अक्टूबर, शनिवार, कार्तिक कृष्ण षष्ठी

सम्पूर्ण पंचांग, Varanasi, Uttar Pradesh, India

आज का दिन Varanasi, Uttar Pradesh, India के भक्तों के लिए आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस सोमवार को हम अश्विन के पवित्र माह में पूर्णिमा शुक्ल पक्ष पक्ष की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा का पालन करते हैं। शरद ऋतु के चलते सूर्य तुला में संचार कर रहा है, जबकि चंद्रमा मेष में स्थित है। पंचांग के अनुसार, शुक्ल पक्ष पूर्णिमा 9:42 AM तक तक सक्रिय रहेगी, इसके बाद अगली तिथि प्रारंभ होगी। आज का नक्षत्र अश्विनी है, जो 5:42 PM तक तक रहेगा, इसके पश्चात अगला नक्षत्र आरंभ होगा। आज का योग वज्र है, जो 2:17 PM तक तक प्रभावी रहेगा। दिन की शुरुआत में करण बव है, जो 9:39 AM तक तक रहेगा।

Varanasi, Uttar Pradesh, India में आज सूर्योदय 6:03 AM पर और सूर्यास्त 5:22 PM पर होगा, जो दिन की आध्यात्मिक लय को परिभाषित करता है। चंद्रमा का उदय 5:17 PM पर और अस्त 5:59 AM पर होगा। दिशाओं की दृष्टि से आज दिशा शूल पूर्व दिशा में है, अतः इस दिशा में यात्रा से बचना चाहिए। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो घर से निकलने से पहले अदरक या गुड़ का सेवन करने जैसे पारंपरिक उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है। आज चंद्रमा पूर्व दिशा में स्थित है, जो मानसिक स्पष्टता और भावनात्मक ऊर्जा को प्रभावित करता है।

दिन का सबसे शुभ समय अभिजीत मुहूर्त 11:21 AM से 12:05 PM के बीच आता है, जो किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत या आध्यात्मिक साधना के लिए उत्तम है। हालांकि, कुछ अशुभ कालों से बचना चाहिए। राहुकाल 7:28 AM से 8:53 AM, गुलिक काल 1:08 PM से 2:33 PM, और यमगंड काल 7:28 AM से 8:53 AM के दौरान नए कार्यों की शुरुआत करना वर्जित माना जाता है।

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आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang)

पंचांग हिंदू धर्म में समय और तिथियों को समझने के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण साधन है। यह भारतीय ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर दिन के सभी प्रमुख पहलुओं की जानकारी प्रदान करता है। आज के दिन की गतिविधियों को सफल और शुभ बनाने के लिए पंचांग का उपयोग करना अत्यंत लाभकारी होता है। इसमें प्रमुख रूप से तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, शुभ मुहूर्त, सूर्योदय और सूर्यास्त की जानकारी होती है। आइए जानते हैं आज के पंचांग की विस्तार से जानकारी।

तिथि

तिथि पंचांग का एक प्रमुख हिस्सा होती है। तिथि से यह ज्ञात होता है कि चंद्रमा की स्थिति किस प्रकार की है और आज का दिन कौन सा है। हिंदू धर्म में हर तिथि का अपना महत्व है, जैसे एकादशी व्रत, पूर्णिमा या अमावस्या पर विशेष पूजा और व्रत किए जाते हैं। आज की तिथि जानकर आप अपने धार्मिक कार्यों को सही समय पर कर सकते हैं।

वार

वार यानी सप्ताह का दिन। पंचांग के अनुसार, हर वार का भी अपना महत्व होता है। जैसे सोमवार को भगवान शिव की पूजा की जाती है, मंगलवार को हनुमानजी का दिन माना जाता है। वार से यह पता चलता है कि आज किस देवता की पूजा-अर्चना की जानी चाहिए ताकि दिन शुभ रहे।

नक्षत्र

नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति को दर्शाते हैं। पूरे दिन में कौन सा नक्षत्र चल रहा है, इसका ज्ञान पंचांग से होता है। शुभ कार्यों के लिए नक्षत्र का विशेष महत्व होता है। कुछ नक्षत्र शुभ होते हैं जिनमें शादी, गृह प्रवेश या अन्य मांगलिक कार्य किए जाते हैं, जबकि कुछ नक्षत्र अशुभ माने जाते हैं जिनमें इन कार्यों को टाला जाता है।

योग

पंचांग में योग भी शामिल होता है, जो कि समय के अनुसार बदलता रहता है। योग का ज्ञान शुभ-अशुभ घटनाओं का संकेत देता है। अगर आज कोई शुभ योग है, तो यह किसी विशेष कार्य की सफलता का सूचक हो सकता है। वहीं, अशुभ योग होने पर कार्य को स्थगित करना उचित माना जाता है।

करण

करण पंचांग का वह हिस्सा है जो तिथि को दो हिस्सों में विभाजित करता है। यह बताता है कि किस समय का उपयोग शुभ कार्यों के लिए किया जा सकता है। करण का सही ज्ञान होने से आप अपने दिन को बेहतर बना सकते हैं और अनुकूल समय में अपने कार्यों को संपन्न कर सकते हैं।

शुभ मुहूर्त

आज का पंचांग शुभ मुहूर्त की जानकारी भी देता है। हिंदू धर्म में शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। चाहे वह विवाह हो, व्यापार का आरंभ हो या फिर कोई धार्मिक अनुष्ठान हो, शुभ मुहूर्त जानकर आप अपने कार्यों को सफल बना सकते हैं। पंचांग में दिन के अनुसार, सबसे शुभ समय को बताया जाता है जिसे 'अभिजीत मुहूर्त' भी कहा जाता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

आज के पंचांग में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का भी विशेष उल्लेख होता है। हिंदू धर्म में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व होता है। सूर्योदय के समय किए गए धार्मिक कार्य अधिक फलदायी होते हैं। साथ ही, शाम के समय सूर्य को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है।

आज का चंद्रमा और चंद्रदर्शन

पंचांग में चंद्रमा की स्थिति और चंद्रदर्शन की जानकारी भी दी जाती है। आज का चंद्रमा किस राशि में है और किस समय उगेगा, इसका विवरण पंचांग में दिया जाता है। व्रत या उपवास रखने वाले लोगों के लिए चंद्रदर्शन का विशेष महत्व होता है।

पंचांग के लाभ क्या हैं?

पंचांग एक पारंपरिक हिंदू कैलेंडर है, जो पांच मुख्य तत्त्वों तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण का समन्वय करता है। ये सभी तत्व मिलकर दिन की गुणवत्ता और ऊर्जा को निर्धारित करते हैं। पंचांग का उपयोग ब्रह्मांडीय प्रभावों को समझने और अपने कार्यों को उनके अनुरूप ढालने के लिए किया जाता है।

पंचांग का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह शुभ और अशुभ समय की पहचान करने में मदद करता है। विवाह, यात्रा, नए कार्यों की शुरुआत या धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उपयुक्त समय जानने के लिए पंचांग मार्गदर्शन करता है। यह सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त जैसे विवरण भी देता है, जो व्रत और पूजाओं के लिए आवश्यक होते हैं।

हमें प्रतिदिन पंचांग क्यों देखना चाहिए?

प्रतिदिन पंचांग देखने से हम अपने दैनिक जीवन को प्रकृति की लय के अनुरूप ढाल सकते हैं। यह राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड जैसे अशुभ समयों से सतर्क करता है, जब कोई नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।

पंचांग का अनुसरण कर हम अनावश्यक समस्याओं से बच सकते हैं और अपने कार्यों की सफलता को बढ़ा सकते हैं। यह विशेष रूप से साधकों, ज्योतिषियों, किसानों और प्रकृति से सामंजस्य में जीने वालों के लिए अत्यंत उपयोगी है। संक्षेप में, पंचांग एक ब्रह्मांडीय योजनाकर्ता की तरह काम करता है, जो हमें एक सोच-समझकर, सफल और आध्यात्मिक रूप से संतुलित जीवन जीने में मदद करता है।

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श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

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