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24 जनवरी, 2025

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दशमी कृष्ण पक्ष,शुक्रवार
माघ मास
शिशिर,पिंगल 2081
दशमी कृष्ण पक्ष,शुक्रवार
माघ मास
शिशिर,पिंगल 2081

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त
11:50 AM से 12:32 PM
11:50 AM से 12:32 PM
राहुकाल
राहुकाल
10:49 AM से 12:11 PM
10:49 AM से 12:11 PM
गुलिक काल
गुलिक काल
8:06 AM से 9:28 AM
8:06 AM से 9:28 AM
यमघण्टकाल
यमघण्टकाल
2:54 PM से 4:16 PM
2:54 PM से 4:16 PM

आज का पंचांग

तिथि
कृष्ण पक्ष दशमी
7:26 PM तक
7:26 PM तक
नक्षत्र
अनुराधा
7:08 AM तक
7:08 AM तक
योग
वृद्धि
5:09 AM तक
5:09 AM तक
करण
विष्टि
7:20 PM तक
7:20 PM तक
महीना अमान्त
पौष
महीना पूर्णिमांत
माघ
विक्रम संवत
2081 (पिंगल)
शक संवत
1946 (क्रोधी)
सूर्य राशि
मकर
चंद्र राशि
वृश्चिक
दिशाशूल
पश्चिम
चंद्र निवास
उत्तर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण
Takur Calendar
ठाकुर प्रसाद मासिक पंचांग देखें
Upcoming festivals
1 January, 2025
चन्द्र दर्शन
3 January, 2025
विनायक चतुर्थी
5 January, 2025
स्कन्द षष्ठी
6 January, 2025
गुरु गोबिन्द सिंह जयन्ती
7 January, 2025
मासिक दुर्गाष्टमी
7 January, 2025
शाकम्भरी उत्सवारम्भ
9 January, 2025
मासिक कार्तिगाई
10 January, 2025
पौष पुत्रदा एकादशी
10 January, 2025
कूर्म द्वादशी
10 January, 2025
वैकुण्ठ एकादशी
11 January, 2025
प्रदोष व्रत
11 January, 2025
शनि त्रयोदशी
11 January, 2025
रोहिणी व्रत
13 January, 2025
पौष पूर्णिमा
13 January, 2025
शाकम्भरी पूर्णिमा
13 January, 2025
पूर्णिमा उपवास
13 January, 2025
लोहड़ी
13 January, 2025
अरुद्र दर्शन
14 January, 2025
माघ प्रारम्भ *उत्तर
14 January, 2025
पोंगल
14 January, 2025
मकर संक्रान्ति
15 January, 2025
माघ बिहु
17 January, 2025
संकष्टी चतुर्थी
17 January, 2025
सकट चौथ
21 January, 2025
कालाष्टमी
23 January, 2025
सुभाष चन्द्र बोस जयन्ती
25 January, 2025
षटतिला एकादशी
26 January, 2025
गणतन्त्र दिवस
27 January, 2025
प्रदोष व्रत
27 January, 2025
मेरु त्रयोदशी
27 January, 2025
मासिक शिवरात्रि
29 January, 2025
माघ अमावस्या
29 January, 2025
दर्श अमावस्या
29 January, 2025
मौनी अमावस
29 January, 2025
थाई अमावसाइ
30 January, 2025
चन्द्र दर्शन
30 January, 2025
गुप्त नवरात्रि प्रारम्भ
माँ बगलामुखी, काल भैरव और संकट मोचन हनुमान सर्व कष्ट निवारण पूजा और यज्ञ
अमावस्या - गुप्त नवरात्रि बगलामुखी-भैरव-हनुमान कॉम्बो

माँ बगलामुखी, काल भैरव और संकट मोचन हनुमान सर्व कष्ट निवारण पूजा और यज्ञ

माँ बगलामुखी, काल भैरव और हनुमान से सुरक्षा का आशीर्वाद लें।

puja venue
सिद्धपीठ मां बगलामुखी मंदिर , बटुक भैरव मंदिर, काशी, हरिद्वार
puja date
18 जनवरी, रविवार, माघ कृष्ण अमावस्या
23,000 शनि मूल मंत्र जाप और 1008 संकट मोचन हनुमान अष्टक पाठ
21 ब्राह्मण शनि हनुमान शनिवार विशेष

23,000 शनि मूल मंत्र जाप और 1008 संकट मोचन हनुमान अष्टक पाठ

नकारात्मकता से राहत और जीवन की बाधाओं से रक्षा का आशीर्वाद

puja venue
श्री नवग्रह शनि मंदिर, उज्जैन, मध्य प्रदेश
puja date
17 जनवरी, शनिवार, माघ शुक्ल चतुर्दशी
श्री हनुमान, भैरव, महाकाली सम्पूर्ण सुरक्षा महायज्ञ
2026 पहली अमावस्या शक्तिपीठ विशेष

श्री हनुमान, भैरव, महाकाली सम्पूर्ण सुरक्षा महायज्ञ

नकारात्मक ऊर्जाओं से पूरी सुरक्षा और दुश्मनों पर जीत के लिए

puja venue
शक्तिपीठ कालीघाट मंदिर, कोलकत्ता, पश्चिम बंगाल
puja date
18 जनवरी, रविवार, माघ कृष्ण अमावस्या

सम्पूर्ण पंचांग, Varanasi, Uttar Pradesh, India

आज का दिन Varanasi, Uttar Pradesh, India के भक्तों के लिए आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस शुक्रवार को हम माघ के पवित्र माह में दशमी कृष्ण पक्ष पक्ष की कृष्ण पक्ष दशमी का पालन करते हैं। शिशिर ऋतु के चलते सूर्य मकर में संचार कर रहा है, जबकि चंद्रमा वृश्चिक में स्थित है। पंचांग के अनुसार, कृष्ण पक्ष दशमी 7:26 PM तक तक सक्रिय रहेगी, इसके बाद अगली तिथि प्रारंभ होगी। आज का नक्षत्र अनुराधा है, जो 7:08 AM तक तक रहेगा, इसके पश्चात अगला नक्षत्र आरंभ होगा। आज का योग वृद्धि है, जो 5:09 AM तक तक प्रभावी रहेगा। दिन की शुरुआत में करण विष्टि है, जो 7:20 PM तक तक रहेगा।

Varanasi, Uttar Pradesh, India में आज सूर्योदय 6:45 AM पर और सूर्यास्त 5:37 PM पर होगा, जो दिन की आध्यात्मिक लय को परिभाषित करता है। चंद्रमा का उदय 2:03 AM पर और अस्त 12:45 PM पर होगा। दिशाओं की दृष्टि से आज दिशा शूल पश्चिम दिशा में है, अतः इस दिशा में यात्रा से बचना चाहिए। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो घर से निकलने से पहले अदरक या गुड़ का सेवन करने जैसे पारंपरिक उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है। आज चंद्रमा उत्तर दिशा में स्थित है, जो मानसिक स्पष्टता और भावनात्मक ऊर्जा को प्रभावित करता है।

दिन का सबसे शुभ समय अभिजीत मुहूर्त 11:50 AM से 12:32 PM के बीच आता है, जो किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत या आध्यात्मिक साधना के लिए उत्तम है। हालांकि, कुछ अशुभ कालों से बचना चाहिए। राहुकाल 10:49 AM से 12:11 PM, गुलिक काल 8:06 AM से 9:28 AM, और यमगंड काल 7:28 AM से 8:53 AM के दौरान नए कार्यों की शुरुआत करना वर्जित माना जाता है।

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आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang)

पंचांग हिंदू धर्म में समय और तिथियों को समझने के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण साधन है। यह भारतीय ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर दिन के सभी प्रमुख पहलुओं की जानकारी प्रदान करता है। आज के दिन की गतिविधियों को सफल और शुभ बनाने के लिए पंचांग का उपयोग करना अत्यंत लाभकारी होता है। इसमें प्रमुख रूप से तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, शुभ मुहूर्त, सूर्योदय और सूर्यास्त की जानकारी होती है। आइए जानते हैं आज के पंचांग की विस्तार से जानकारी।

तिथि

तिथि पंचांग का एक प्रमुख हिस्सा होती है। तिथि से यह ज्ञात होता है कि चंद्रमा की स्थिति किस प्रकार की है और आज का दिन कौन सा है। हिंदू धर्म में हर तिथि का अपना महत्व है, जैसे एकादशी व्रत, पूर्णिमा या अमावस्या पर विशेष पूजा और व्रत किए जाते हैं। आज की तिथि जानकर आप अपने धार्मिक कार्यों को सही समय पर कर सकते हैं।

वार

वार यानी सप्ताह का दिन। पंचांग के अनुसार, हर वार का भी अपना महत्व होता है। जैसे सोमवार को भगवान शिव की पूजा की जाती है, मंगलवार को हनुमानजी का दिन माना जाता है। वार से यह पता चलता है कि आज किस देवता की पूजा-अर्चना की जानी चाहिए ताकि दिन शुभ रहे।

नक्षत्र

नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति को दर्शाते हैं। पूरे दिन में कौन सा नक्षत्र चल रहा है, इसका ज्ञान पंचांग से होता है। शुभ कार्यों के लिए नक्षत्र का विशेष महत्व होता है। कुछ नक्षत्र शुभ होते हैं जिनमें शादी, गृह प्रवेश या अन्य मांगलिक कार्य किए जाते हैं, जबकि कुछ नक्षत्र अशुभ माने जाते हैं जिनमें इन कार्यों को टाला जाता है।

योग

पंचांग में योग भी शामिल होता है, जो कि समय के अनुसार बदलता रहता है। योग का ज्ञान शुभ-अशुभ घटनाओं का संकेत देता है। अगर आज कोई शुभ योग है, तो यह किसी विशेष कार्य की सफलता का सूचक हो सकता है। वहीं, अशुभ योग होने पर कार्य को स्थगित करना उचित माना जाता है।

करण

करण पंचांग का वह हिस्सा है जो तिथि को दो हिस्सों में विभाजित करता है। यह बताता है कि किस समय का उपयोग शुभ कार्यों के लिए किया जा सकता है। करण का सही ज्ञान होने से आप अपने दिन को बेहतर बना सकते हैं और अनुकूल समय में अपने कार्यों को संपन्न कर सकते हैं।

शुभ मुहूर्त

आज का पंचांग शुभ मुहूर्त की जानकारी भी देता है। हिंदू धर्म में शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। चाहे वह विवाह हो, व्यापार का आरंभ हो या फिर कोई धार्मिक अनुष्ठान हो, शुभ मुहूर्त जानकर आप अपने कार्यों को सफल बना सकते हैं। पंचांग में दिन के अनुसार, सबसे शुभ समय को बताया जाता है जिसे 'अभिजीत मुहूर्त' भी कहा जाता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

आज के पंचांग में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का भी विशेष उल्लेख होता है। हिंदू धर्म में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व होता है। सूर्योदय के समय किए गए धार्मिक कार्य अधिक फलदायी होते हैं। साथ ही, शाम के समय सूर्य को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है।

आज का चंद्रमा और चंद्रदर्शन

पंचांग में चंद्रमा की स्थिति और चंद्रदर्शन की जानकारी भी दी जाती है। आज का चंद्रमा किस राशि में है और किस समय उगेगा, इसका विवरण पंचांग में दिया जाता है। व्रत या उपवास रखने वाले लोगों के लिए चंद्रदर्शन का विशेष महत्व होता है।

पंचांग के लाभ क्या हैं?

पंचांग एक पारंपरिक हिंदू कैलेंडर है, जो पांच मुख्य तत्त्वों तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण का समन्वय करता है। ये सभी तत्व मिलकर दिन की गुणवत्ता और ऊर्जा को निर्धारित करते हैं। पंचांग का उपयोग ब्रह्मांडीय प्रभावों को समझने और अपने कार्यों को उनके अनुरूप ढालने के लिए किया जाता है।

पंचांग का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह शुभ और अशुभ समय की पहचान करने में मदद करता है। विवाह, यात्रा, नए कार्यों की शुरुआत या धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उपयुक्त समय जानने के लिए पंचांग मार्गदर्शन करता है। यह सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त जैसे विवरण भी देता है, जो व्रत और पूजाओं के लिए आवश्यक होते हैं।

हमें प्रतिदिन पंचांग क्यों देखना चाहिए?

प्रतिदिन पंचांग देखने से हम अपने दैनिक जीवन को प्रकृति की लय के अनुरूप ढाल सकते हैं। यह राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड जैसे अशुभ समयों से सतर्क करता है, जब कोई नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।

पंचांग का अनुसरण कर हम अनावश्यक समस्याओं से बच सकते हैं और अपने कार्यों की सफलता को बढ़ा सकते हैं। यह विशेष रूप से साधकों, ज्योतिषियों, किसानों और प्रकृति से सामंजस्य में जीने वालों के लिए अत्यंत उपयोगी है। संक्षेप में, पंचांग एक ब्रह्मांडीय योजनाकर्ता की तरह काम करता है, जो हमें एक सोच-समझकर, सफल और आध्यात्मिक रूप से संतुलित जीवन जीने में मदद करता है।

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श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

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