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7 फरवरी, 2025

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दशमी शुक्ल पक्ष,शुक्रवार
माघ मास
शिशिर,पिंगल 2081
दशमी शुक्ल पक्ष,शुक्रवार
माघ मास
शिशिर,पिंगल 2081
त्यौहार
रोहिणी व्रत
त्यौहार
रोहिणी व्रत

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त
11:51 AM से 12:35 PM
11:51 AM से 12:35 PM
राहुकाल
राहुकाल
10:49 AM से 12:13 PM
10:49 AM से 12:13 PM
गुलिक काल
गुलिक काल
8:02 AM से 9:26 AM
8:02 AM से 9:26 AM
यमघण्टकाल
यमघण्टकाल
3:00 PM से 4:24 PM
3:00 PM से 4:24 PM

आज का पंचांग

तिथि
शुक्ल पक्ष दशमी
9:27 PM तक
9:27 PM तक
नक्षत्र
रोहिणी
6:41 PM तक
6:41 PM तक
योग
इंद्र
4:16 PM तक
4:16 PM तक
करण
तैतिल
10:09 AM तक
10:09 AM तक
महीना अमान्त
माघ
महीना पूर्णिमांत
माघ
विक्रम संवत
2081 (पिंगल)
शक संवत
1946 (क्रोधी)
सूर्य राशि
मकर
चंद्र राशि
वृष
दिशाशूल
पश्चिम
चंद्र निवास
दक्षिण
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण
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Upcoming festivals
1 February, 2025
विनायक चतुर्थी
1 February, 2025
गणेश जयन्ती
2 February, 2025
वसन्त पञ्चमी
3 February, 2025
स्कन्द षष्ठी
4 February, 2025
रथ सप्तमी
4 February, 2025
नर्मदा जयन्ती
5 February, 2025
भीष्म अष्टमी
5 February, 2025
मासिक दुर्गाष्टमी
6 February, 2025
मासिक कार्तिगाई
7 February, 2025
रोहिणी व्रत
8 February, 2025
जया एकादशी
9 February, 2025
भीष्म द्वादशी
9 February, 2025
प्रदोष व्रत
11 February, 2025
थाई पूसम
12 February, 2025
माघ पूर्णिमा
12 February, 2025
पूर्णिमा उपवास
12 February, 2025
गुरु रविदास जयन्ती
12 February, 2025
ललिता जयन्ती
12 February, 2025
कुम्भ संक्रान्ति
13 February, 2025
फाल्गुन प्रारम्भ *उत्तर
16 February, 2025
संकष्टी चतुर्थी
18 February, 2025
यशोदा जयन्ती
20 February, 2025
शबरी जयन्ती
20 February, 2025
कालाष्टमी
21 February, 2025
जानकी जयन्ती
23 February, 2025
महर्षि दयानन्द सरस्वती जयन्ती
24 February, 2025
विजया एकादशी
25 February, 2025
प्रदोष व्रत
26 February, 2025
महा शिवरात्रि
27 February, 2025
फाल्गुन अमावस्या
27 February, 2025
दर्श अमावस्या
सूर्य शक्ति प्राप्ति 111 सूर्य कवच पाठ, 111 सूर्य नाम उच्चारण, 111 लाल फूल अर्पण पूजा
अधिकार और करियर में सफलता के लिए सूर्य पूजा

सूर्य शक्ति प्राप्ति 111 सूर्य कवच पाठ, 111 सूर्य नाम उच्चारण, 111 लाल फूल अर्पण पूजा

करियर में उन्नति, पदोन्नति, नेतृत्व शक्ति, सरकारी कार्यों में सफलता, समाज में सम्मान और अधिकार

puja venue
श्री देव सूर्य मंदिर, औरंगाबाद, बिहार
puja date
25 अक्टूबर, रविवार, आश्विन शुक्ल चतुर्दशी
नवरात्रि महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती (त्रिदेवी) महायज्ञ एवं ब्रह्मा, विष्णु, महेश (त्रिदेव) महायज्ञ
नवरात्रि दुर्गा अष्टमी विशेष - एक भव्य महापूजा में 6 दिव्य शक्तियों की आराधना

नवरात्रि महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती (त्रिदेवी) महायज्ञ एवं ब्रह्मा, विष्णु, महेश (त्रिदेव) महायज्ञ

संपूर्ण जीवन में सामंजस्य के लिए पूर्ण ब्रह्मांडीय संतुलन पूजा

puja venue
आदि शक्ति महाकाली 10 महाविद्या सिद्धपीठ मंदिर, हरिद्वार, उत्तराखंड
puja date
19 अक्टूबर, सोमवार, आश्विन शुक्ल अष्टमी
नवरात्रि मध्यरात्रि देवी पूजा एवं देवी अर्चन महापूजा
नवरात्रि मध्यरात्रि देवी पूजा विशेष

नवरात्रि मध्यरात्रि देवी पूजा एवं देवी अर्चन महापूजा

सौभाग्य में वृद्धि, संबंधों में सामंजस्य और क्रोध को विवेक से संतुलित करने की कामना

puja venue
नव दुर्गा मंदिर, कटरा, जम्मू
puja date
19 अक्टूबर, सोमवार, आश्विन शुक्ल अष्टमी (सुबह 10:51 के बाद नवमी)
शुक्र दोष निवारण पूजा
शुक्र दोष निवारण विशेष

शुक्र दोष निवारण पूजा

भौतिक सुख, आर्थिक वृद्धि और लग्जरी जीवन की प्राप्ति के लिए

puja venue
नवग्रह मंदिर, डबरा, मध्य प्रदेश
puja date
19 अक्टूबर, सोमवार, आश्विन शुक्ल अष्टमी
1,25,000 बगलामुखी-प्रत्यंगिरा मंत्र जाप, बगलामुखी तंत्र युक्त हवन और कवच पाठ
दशहरा माँ बगलामुखी कानूनी विजय विशेष पूजा

1,25,000 बगलामुखी-प्रत्यंगिरा मंत्र जाप, बगलामुखी तंत्र युक्त हवन और कवच पाठ

करियर में सफलता, कानूनी मामलों में विजय, प्रतिस्पर्धियों पर जीत और शत्रुओं व अचानक आने वाली बाधाओं से सुरक्षा

puja venue
सिद्धपीठ माँ बगलामुखी मंदिर, हरिद्वार, उत्तराखंड
puja date
20 अक्टूबर, मंगलवार, आश्विन शुक्ल नवमी (दोपहर 12ः50 के बाद विजयादशमी)

सम्पूर्ण पंचांग, Varanasi, Uttar Pradesh, India

आज का दिन Varanasi, Uttar Pradesh, India के भक्तों के लिए आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस शुक्रवार को हम माघ के पवित्र माह में दशमी शुक्ल पक्ष पक्ष की शुक्ल पक्ष दशमी का पालन करते हैं। शिशिर ऋतु के चलते सूर्य मकर में संचार कर रहा है, जबकि चंद्रमा वृष में स्थित है। पंचांग के अनुसार, शुक्ल पक्ष दशमी 9:27 PM तक तक सक्रिय रहेगी, इसके बाद अगली तिथि प्रारंभ होगी। आज का नक्षत्र रोहिणी है, जो 6:41 PM तक तक रहेगा, इसके पश्चात अगला नक्षत्र आरंभ होगा। आज का योग इंद्र है, जो 4:16 PM तक तक प्रभावी रहेगा। दिन की शुरुआत में करण तैतिल है, जो 10:09 AM तक तक रहेगा।

Varanasi, Uttar Pradesh, India में आज सूर्योदय 6:39 AM पर और सूर्यास्त 5:47 PM पर होगा, जो दिन की आध्यात्मिक लय को परिभाषित करता है। चंद्रमा का उदय 12:40 PM पर और अस्त 2:05 AM पर होगा। दिशाओं की दृष्टि से आज दिशा शूल पश्चिम दिशा में है, अतः इस दिशा में यात्रा से बचना चाहिए। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो घर से निकलने से पहले अदरक या गुड़ का सेवन करने जैसे पारंपरिक उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है। आज चंद्रमा दक्षिण दिशा में स्थित है, जो मानसिक स्पष्टता और भावनात्मक ऊर्जा को प्रभावित करता है।

दिन का सबसे शुभ समय अभिजीत मुहूर्त 11:51 AM से 12:35 PM के बीच आता है, जो किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत या आध्यात्मिक साधना के लिए उत्तम है। हालांकि, कुछ अशुभ कालों से बचना चाहिए। राहुकाल 10:49 AM से 12:13 PM, गुलिक काल 8:02 AM से 9:26 AM, और यमगंड काल 7:28 AM से 8:53 AM के दौरान नए कार्यों की शुरुआत करना वर्जित माना जाता है।

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आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang)

पंचांग हिंदू धर्म में समय और तिथियों को समझने के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण साधन है। यह भारतीय ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर दिन के सभी प्रमुख पहलुओं की जानकारी प्रदान करता है। आज के दिन की गतिविधियों को सफल और शुभ बनाने के लिए पंचांग का उपयोग करना अत्यंत लाभकारी होता है। इसमें प्रमुख रूप से तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, शुभ मुहूर्त, सूर्योदय और सूर्यास्त की जानकारी होती है। आइए जानते हैं आज के पंचांग की विस्तार से जानकारी।

तिथि

तिथि पंचांग का एक प्रमुख हिस्सा होती है। तिथि से यह ज्ञात होता है कि चंद्रमा की स्थिति किस प्रकार की है और आज का दिन कौन सा है। हिंदू धर्म में हर तिथि का अपना महत्व है, जैसे एकादशी व्रत, पूर्णिमा या अमावस्या पर विशेष पूजा और व्रत किए जाते हैं। आज की तिथि जानकर आप अपने धार्मिक कार्यों को सही समय पर कर सकते हैं।

वार

वार यानी सप्ताह का दिन। पंचांग के अनुसार, हर वार का भी अपना महत्व होता है। जैसे सोमवार को भगवान शिव की पूजा की जाती है, मंगलवार को हनुमानजी का दिन माना जाता है। वार से यह पता चलता है कि आज किस देवता की पूजा-अर्चना की जानी चाहिए ताकि दिन शुभ रहे।

नक्षत्र

नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति को दर्शाते हैं। पूरे दिन में कौन सा नक्षत्र चल रहा है, इसका ज्ञान पंचांग से होता है। शुभ कार्यों के लिए नक्षत्र का विशेष महत्व होता है। कुछ नक्षत्र शुभ होते हैं जिनमें शादी, गृह प्रवेश या अन्य मांगलिक कार्य किए जाते हैं, जबकि कुछ नक्षत्र अशुभ माने जाते हैं जिनमें इन कार्यों को टाला जाता है।

योग

पंचांग में योग भी शामिल होता है, जो कि समय के अनुसार बदलता रहता है। योग का ज्ञान शुभ-अशुभ घटनाओं का संकेत देता है। अगर आज कोई शुभ योग है, तो यह किसी विशेष कार्य की सफलता का सूचक हो सकता है। वहीं, अशुभ योग होने पर कार्य को स्थगित करना उचित माना जाता है।

करण

करण पंचांग का वह हिस्सा है जो तिथि को दो हिस्सों में विभाजित करता है। यह बताता है कि किस समय का उपयोग शुभ कार्यों के लिए किया जा सकता है। करण का सही ज्ञान होने से आप अपने दिन को बेहतर बना सकते हैं और अनुकूल समय में अपने कार्यों को संपन्न कर सकते हैं।

शुभ मुहूर्त

आज का पंचांग शुभ मुहूर्त की जानकारी भी देता है। हिंदू धर्म में शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। चाहे वह विवाह हो, व्यापार का आरंभ हो या फिर कोई धार्मिक अनुष्ठान हो, शुभ मुहूर्त जानकर आप अपने कार्यों को सफल बना सकते हैं। पंचांग में दिन के अनुसार, सबसे शुभ समय को बताया जाता है जिसे 'अभिजीत मुहूर्त' भी कहा जाता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

आज के पंचांग में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का भी विशेष उल्लेख होता है। हिंदू धर्म में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व होता है। सूर्योदय के समय किए गए धार्मिक कार्य अधिक फलदायी होते हैं। साथ ही, शाम के समय सूर्य को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है।

आज का चंद्रमा और चंद्रदर्शन

पंचांग में चंद्रमा की स्थिति और चंद्रदर्शन की जानकारी भी दी जाती है। आज का चंद्रमा किस राशि में है और किस समय उगेगा, इसका विवरण पंचांग में दिया जाता है। व्रत या उपवास रखने वाले लोगों के लिए चंद्रदर्शन का विशेष महत्व होता है।

पंचांग के लाभ क्या हैं?

पंचांग एक पारंपरिक हिंदू कैलेंडर है, जो पांच मुख्य तत्त्वों तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण का समन्वय करता है। ये सभी तत्व मिलकर दिन की गुणवत्ता और ऊर्जा को निर्धारित करते हैं। पंचांग का उपयोग ब्रह्मांडीय प्रभावों को समझने और अपने कार्यों को उनके अनुरूप ढालने के लिए किया जाता है।

पंचांग का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह शुभ और अशुभ समय की पहचान करने में मदद करता है। विवाह, यात्रा, नए कार्यों की शुरुआत या धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उपयुक्त समय जानने के लिए पंचांग मार्गदर्शन करता है। यह सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त जैसे विवरण भी देता है, जो व्रत और पूजाओं के लिए आवश्यक होते हैं।

हमें प्रतिदिन पंचांग क्यों देखना चाहिए?

प्रतिदिन पंचांग देखने से हम अपने दैनिक जीवन को प्रकृति की लय के अनुरूप ढाल सकते हैं। यह राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड जैसे अशुभ समयों से सतर्क करता है, जब कोई नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।

पंचांग का अनुसरण कर हम अनावश्यक समस्याओं से बच सकते हैं और अपने कार्यों की सफलता को बढ़ा सकते हैं। यह विशेष रूप से साधकों, ज्योतिषियों, किसानों और प्रकृति से सामंजस्य में जीने वालों के लिए अत्यंत उपयोगी है। संक्षेप में, पंचांग एक ब्रह्मांडीय योजनाकर्ता की तरह काम करता है, जो हमें एक सोच-समझकर, सफल और आध्यात्मिक रूप से संतुलित जीवन जीने में मदद करता है।

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श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

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