
क्या आप इंद्र के पर्यायवाची शब्द खोज रहे हैं? यहाँ आपको इंद्र देव के प्रसिद्ध नाम, उनके अर्थ और उपयोग से जुड़ी आसान जानकारी मिलेगी।
इंद्र जी को देवताओं के राजा और वर्षा, बिजली व शक्ति के देवता के रूप में जाना जाता है। उनके कई पर्यायवाची शब्द हैं, जो उनके अलग-अलग रूप और महिमा को दर्शाते हैं। इन्हें जानकर भक्त उनके महत्व और आस्था को और बेहतर तरीके से समझ सकते हैं।
क्रम संख्या | पर्यायवाची शब्द | अर्थ / भाव |
| 1 | देवेंद्र | देवों के स्वामी |
| 2 | इंदुकर | वर्षा और जल के देवता |
| 3 | स्वर्गपति | स्वर्ग के अधिपति |
| 4 | मेघनाथ | मेघ और वर्षा के स्वामी |
| 5 | वृष्णि | वृषधारी, वर्षा देने वाले |
| 6 | शत्रुनाशक | दुश्मनों का नाश करने वाला |
| 7 | वज्रधारी | वज्र धारण करने वाले, शक्ति के प्रतीक |
| 8 | अमरपुत्र | देवताओं के प्रमुख पुत्र |
| 9 | इंद्रराज | इन्द्रों के राजा |
| 10 | वज्रदेव | वज्र के देवता, शक्ति और बल का प्रतीक |
| 11 | सोमपुत्र | चन्द्रमा (सोम) से संबंध रखने वाले |
| 12 | महाशक्तिमान | अत्यंत शक्तिशाली |
| 13 | नभपति | आकाश और आकाशीय तत्वों के स्वामी |
| 14 | वारुणप्रिय | वायु और जल देवता वारुण के मित्र |
| 15 | देवकुमार | देवताओं में प्रमुख पुत्र |
| 16 | आकाशगामी | आकाश में विचरण करने वाले |
| 17 | वज्रसंचारी | वज्र से युद्ध करने वाले |
| 18 | मेघकंठ | मेघों का स्वामी, वर्षा देने वाला |
| 19 | इन्द्रवीर | वीरता और युद्ध कौशल में प्रवीण |
| 20 | स्वर्गदेव | स्वर्ग में राज करने वाले |
हिंदू धर्म में इंद्र भगवान को देवताओं के राजा, वर्षा और आकाश के स्वामी के रूप में पूजा जाता है। वे समस्त देवताओं में सर्वोच्च माने जाते हैं और वज्र (बिजली) उनके प्रमुख अस्त्र के रूप में जाना जाता है। इंद्र को उनके गुणों और शक्तियों के अनुसार अनेक नामों से जाना जाता है, जिन्हें इंद्र के पर्यायवाची शब्द कहा जाता है।
देवेंद्र उनका प्रमुख नाम है, जिसका अर्थ है देवों के स्वामी। स्वर्गपति और इंद्रराज उनके स्वर्ग में शासन करने वाले स्वरूप को दर्शाते हैं। मेघनाथ, वृष्णि, मेघकंठ और वारुणप्रिय उनके वर्षा, जल और मेघों के स्वामी होने का प्रतीक हैं।
इंद्र भगवान को वज्रधारी और वज्रदेव कहा जाता है, क्योंकि उनके हाथ में वज्र शक्ति और संहार का प्रतीक है। शत्रुनाशक उनका ऐसा नाम है, जो उनके युद्ध कौशल और दुश्मनों के विनाश का संकेत देता है।
महाशक्तिमान, इंद्रवीर, और आकाशगामी उनके वीरता, शक्ति और आकाशीय तत्वों में नियंत्रण को दर्शाते हैं। उन्हें अमरपुत्र, देवकुमार, और स्वर्गदेव भी कहा जाता है, जो उनके देवताओं में प्रमुख स्थान और कुल में श्रेष्ठता को प्रकट करते हैं। इंद्र भगवान की पूजा से व्यक्ति में साहस, बुद्धि और आकाशीय शक्ति का संचार होता है। वर्षा, प्रकृति और आकाशीय ऊर्जा का नियंत्रण उनके हाथ में माना जाता है। उनके आशीर्वाद से जीवन में विपत्तियों का नाश होता है और समृद्धि आती है।
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