
यहाँ जानें लोहड़ी डेकोरेशन के आसान और सुंदर आइडियाज।
लोहड़ी उत्तर भारत का प्रमुख पर्व है, जिसे खासकर पंजाब और हरियाणा में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार नई फसल के स्वागत और सर्दियों के अंत का प्रतीक है। लोहड़ी की संध्या पावन अग्नि प्रज्वलित की जाती है, जिसे अग्नि देव का प्रतीक माना जाता है और इसकी पवित्रता बनाए रखना आवश्यक समझा जाता है।
लोहड़ी उत्तर भारत का एक प्रसिद्ध शीतकालीन एवं फसल उत्सव है, जो सामूहिकता, कृतज्ञता और समृद्धि की भावना को दर्शाता है। वर्ष 2026 में लोहड़ी का पर्व मंगलवार, 13 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा। यह त्योहार मकर संक्रांति से ठीक एक दिन पूर्व आता है और इसे ठंड के मौसम की विदाई तथा लंबे, उजले दिनों की शुरुआत का संकेत माना जाता है।
1. सामूहिक अग्नि प्रज्वलन की परंपरा
लोहड़ी की रात मिलकर अलाव जलाया जाता है, जो ठंड के मौसम के समापन और नई ऊर्जा के आरंभ का प्रतीक माना जाता है। लोग इस अग्नि के चारों ओर घूमते हुए श्रद्धा भाव से अर्पण करते हैं।
2. लोक गीत और पारंपरिक नृत्य
अलाव के पास ढोल की थाप पर पारंपरिक गीत गाए जाते हैं तथा भांगड़ा और गिद्दा जैसे लोक नृत्य किए जाते हैं, जिससे पूरे वातावरण में उत्सव का रंग भर जाता है।
3. सामूहिक आयोजन और सहभागिता
लोहड़ी के अवसर पर कई जगहों पर मोहल्ला स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, गायन और नृत्य प्रतियोगिताएं होती हैं। यह पर्व आपसी मेल-जोल और सामाजिक जुड़ाव को बढ़ावा देता है।
4. नवदंपतियों के लिए विशेष अवसर
नवविवाहित जोड़ों के लिए लोहड़ी बेहद शुभ मानी जाती है। इस दिन वे पारंपरिक विधियों में भाग लेकर परिवार के बुजुर्गों से आशीर्वाद लेते हैं, जो सुखद दांपत्य जीवन का प्रतीक माना जाता है।
5. कृषि परंपरा और सांस्कृतिक महत्व
लोहड़ी नई फसल के स्वागत और कृषि समृद्धि का उत्सव है। कई क्षेत्रों में इसे मकर संक्रांति या उत्तरायण से जोड़ा जाता है, जो पंजाब की सांस्कृतिक विरासत, कृषि सफलता और सामुदायिक भावना को दर्शाता है।
गेंदे के फूलों से मेन गेट की सजावट करें: घर के मुख्य द्वार को सजाने के लिए गेंदे के फूलों की सुंदर मालाएं तैयार करें। पीले और नारंगी रंग के फूलों का मेल सजावट को और आकर्षक बना देता है। इन्हें दरवाजे पर लगाएं और साथ ही मेन गेट पर रंगीन दुपट्टे टांग दें, जिससे पूरे घर में पारंपरिक और उत्सव का माहौल बन जाए।
फूलों से फर्श को दें खास लुक: गेंदे और गुलाब की पंखुड़ियों की मदद से घर के आंगन या फर्श पर मनमोहक रंगोली बनाई जा सकती है। चाहें तो इसमें आम के पत्ते और रंगे हुए चावल भी शामिल कर सकते हैं। फूलों से सजी रंगोली घर की सुंदरता बढ़ाती है और मेहमानों का दिल भी खुश कर देती है।
लोहड़ी बोनफायर के आसपास सजावट का अंदाज: लोहड़ी की रात बोनफायर के चारों ओर थोड़ी दूरी रखते हुए दुपट्टों से मंडप जैसा स्वरूप बनाएं और उसे गेंदे के फूलों से सजाएं। बोनफायर के पास मिट्टी के दीये और मोमबत्तियां जलाने से रोशनी का सुंदर नज़ारा बनता है। इस तरह की सजावट लोहड़ी पर घर को पारंपरिक और उत्सवी रंग में रंग देती है, जिससे मेहमानों के लिए त्योहार का आनंद और भी बढ़ जाता है।
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