30 मार्च 2026 को क्या है?
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30 मार्च 2026 को क्या है? | 30 March 2026 Ko Kya Hai

जानिए मार्च माह के तीसवें दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ-अशुभ मुहूर्त, ग्रह-नक्षत्र की स्थिति और धार्मिक दृष्टि से इस दिन का विशेष महत्व।

आज के दिन के बारे में

30 मार्च 2026 मार्च महीने के आखिरी दिनों में आने वाली एक महत्वपूर्ण तारीख है। इस दिन की तिथि, व्रत और धार्मिक महत्व क्या है, यह जानना जरूरी हो जाता है, खासकर अगर आप पंचांग देखते हैं। आइए जानते हैं इस दिन कौन-सा व्रत, तिथि और धार्मिक महत्व जुड़ा है।

30 मार्च 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 30 मार्च 2026 को कौन-कौन से व्रत और पर्व हैं और यह दिन धार्मिक रूप से क्यों विशेष माना जाता है? 30 मार्च 2026, सोमवार को चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है। इस दिन प्रदोष व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। यह दिन भगवान शिव की पूजा, व्रत और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष द्वादशी – सुबह 7:10 AM तक
  • वार: सोमवार
  • नक्षत्र: मघा – दोपहर 2:49 PM तक
  • योग: शूल – शाम 4:51 PM तक
  • करण: बालव – सुबह 7:10 AM तक
  • मास (अमांत): चैत्र
  • मास (पूर्णिमांत): चैत्र
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: मीन
  • चंद्र राशि: सिंह
  • ऋतु: वसंत
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: पूर्व
  • चंद्र निवास: पूर्व

त्यौहार व व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित पवित्र व्रत है। इस दिन श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा और व्रत रखते हैं। मान्यता है कि प्रदोष काल में भगवान शिव की आराधना करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:39 AM से 12:27 PM
  • राहुकाल: 7:25 AM से 8:58 AM
  • गुलिक काल: 1:36 PM से 3:09 PM
  • यमघण्ट काल: 10:31 AM से 12:03 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 5:53 AM
  • सूर्यास्त: 6:14 PM
  • चंद्रोदय: 3:51 PM
  • चंद्रास्त: 4:07 AM

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और भगवान शिव का ध्यान करें।

  • शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित करें।

  • प्रदोष व्रत का संकल्प लें और दिनभर संयम का पालन करें।

  • शिव मंत्रों का जाप और शिव चालीसा का पाठ करना शुभ माना जाता है।

  • जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करना पुण्यदायक माना जाता है।

निष्कर्ष

30 मार्च 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है और भगवान शिव की पूजा-अर्चना करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया व्रत जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

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Published by Sri Mandir·March 23, 2026

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