23 नवंबर 2026 को क्या है?
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23 नवंबर 2026 को क्या है? | 23 November 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

23 नवंबर 2026 को कौन-से व्रत या पर्व पड़ सकते हैं और इस दिन का धार्मिक महत्व क्या है, यह जानना रोचक है। आइए विस्तार से इस दिन की विशेषताएं समझते हैं।

23 नवंबर 2026 को क्या है?

क्या आपने कभी सोचा है कि कुछ तिथियां सिर्फ कैलेंडर का हिस्सा नहीं होतीं, बल्कि पूजा, व्रत और आध्यात्मिक महत्व के कारण विशेष बन जाती हैं? 23 नवंबर 2026 ऐसा ही एक दिन है, जब कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि के साथ कई महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर एक साथ पड़ रहे हैं। इस दिन वैकुण्ठ चतुर्दशी, मणिकर्णिका स्नान और चौमासी चौदस जैसे विशेष पर्व मनाए जाएंगे। यदि आप शुभ समय, पूजा का महत्व और दिन की धार्मिक विशेषता जानना चाहते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए उपयोगी हो सकती है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष चतुर्दशी – रात 11:43 PM तक
  • वार: सोमवार
  • नक्षत्र: भरणी – रात 2:03 AM तक
  • योग: वरीयान – शाम 7:59 PM तक
  • करण: गर – दोपहर 1:10 PM तक
  • मास (अमांत): कार्तिक
  • मास (पूर्णिमांत): कार्तिक
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: वृश्चिक
  • चंद्र राशि: मेष
  • ऋतु: हेमंत
  • अयन: दक्षिणायन
  • दिशाशूल: पूर्व
  • चंद्र निवास: पूर्व

त्यौहार व व्रत

वैकुण्ठ चतुर्दशी

यह दिन भगवान विष्णु और भगवान शिव की संयुक्त उपासना के लिए विशेष माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से पूजा करने पर आध्यात्मिक शांति और पुण्य की प्राप्ति होती है। कई भक्त मंदिरों में दीपदान और विशेष पूजा-अर्चना भी करते हैं।

मणिकर्णिका स्नान

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पवित्र स्नान और दान का विशेष महत्व बताया गया है। श्रद्धालु स्नान के बाद पूजा-पाठ और ईश्वर स्मरण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने की कामना करते हैं।

चौमासी चौदस

यह तिथि धार्मिक अनुशासन और पूजा-पाठ से जुड़ी मानी जाती है। कई लोग इस दिन व्रत रखकर भगवान की आराधना करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:24 AM से 12:06 PM
  • राहुकाल: 7:42 AM से 9:03 AM
  • गुलिक काल: 1:06 PM से 2:27 PM
  • यमघण्ट काल: 10:24 AM से 11:45 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 6:21 AM
  • सूर्यास्त: 5:09 PM
  • चंद्रोदय: 3:51 PM
  • चंद्रास्त: 4:42 AM

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान शिव और भगवान विष्णु का स्मरण कर पूजा करें।
  • दीप जलाकर मंत्र जाप या भक्ति भाव से प्रार्थना करें।
  • व्रत रखने वाले श्रद्धानुसार फलाहार या सात्विक भोजन ग्रहण करें।
  • जरूरतमंदों को दान देना शुभ माना जाता है।
  • दिनभर श्रद्धा और सकारात्मक भाव के साथ ईश्वर का स्मरण करें।

निष्कर्ष

23 नवंबर 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। वैकुण्ठ चतुर्दशी, मणिकर्णिका स्नान और चौमासी चौदस जैसे पावन अवसर इस दिन को और खास बनाते हैं। श्रद्धा, पूजा और सकारात्मक भाव के साथ बिताया गया यह दिन मन को शांति देने और आध्यात्मिक जुड़ाव महसूस कराने वाला हो सकता है।

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Published by Sri Mandir·May 29, 2026

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