21 अप्रैल 2026 को क्या है?
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21 अप्रैल 2026 को क्या है? | 21 April 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ-अशुभ समय। इस दिन के ग्रह-नक्षत्र, तिथि और धार्मिक महत्व की पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

आज के दिन के बारे में

21 अप्रैल 2026 में शुभ योग और तिथि बन रहे हैं, जो पूजा, व्रत और छोटे धार्मिक कार्यों के लिए अनुकूल हैं। इस दिन सही समय पर किए गए काम जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। आइए जानते हैं इस दिन से जुड़े खास व्रत और त्योहार।

21 अप्रैल 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 21 अप्रैल 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से कैसा रहने वाला है और इस दिन के पंचांग में क्या खास है? 21 अप्रैल 2026, मंगलवार के दिन वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है (रात्रि 1:21 AM तक)। यह दिन सामान्य होते हुए भी पूजा-पाठ, जप और आध्यात्मिक कार्यों के लिए शुभ माना जाता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष पंचमी – रात्रि 1:21 AM तक
  • वार: मंगलवार
  • नक्षत्र: मृगशिरा – रात्रि 12:00 AM तक
  • योग: शोभन – दोपहर 12:31 PM तक
  • करण: बव – दोपहर 2:48 PM तक
  • मास (अमांत): वैशाख
  • मास (पूर्णिमांत): वैशाख
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: मेष
  • चंद्र राशि: वृष
  • ऋतु: वसंत
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: उत्तर
  • चंद्र निवास: दक्षिण

त्योहार व व्रत

पंचमी तिथि होने के कारण यह दिन देवी-देवताओं की पूजा, जप और साधना के लिए शुभ माना जाता है। विशेष रूप से इस दिन भगवान शिव और मां लक्ष्मी की पूजा करने से सुख-समृद्धि और शांति प्राप्त होती है।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:33 AM से 12:23 PM
  • राहुकाल: 3:11 PM से 4:48 PM
  • गुलिक काल: 11:58 AM से 1:34 PM
  • यमघण्ट काल: 8:44 AM से 10:21 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 5:31 AM
  • सूर्यास्त: 6:24 PM
  • चंद्रोदय: 8:26 AM
  • चंद्रास्त: 10:59 PM

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान शिव और मां लक्ष्मी का स्मरण करें।
  • दिनभर जप, ध्यान और पूजा-पाठ करें।
  • मंदिर जाकर दीप जलाएं और भगवान की आराधना करें।
  • जरूरतमंदों को दान देना शुभ माना जाता है।
  • सकारात्मक सोच बनाए रखें और आध्यात्मिक कार्यों में समय दें।

21 अप्रैल 2026 का दिन भले ही किसी बड़े पर्व के बिना हो, लेकिन यह आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। पंचमी तिथि में किए गए जप, तप और पूजा से मन की शांति, सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

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Published by Sri Mandir·April 8, 2026

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