जीवन की चुनौतियों एवं बाधाओं से सुरक्षा के लिए पूर्णिमा शनिवार विशेष शनि साढ़े साती पीड़ा शांति महापूजा, शनि तिल तेल अभिषेक एवं महादशा शांति महापूजा
जीवन की चुनौतियों एवं बाधाओं से सुरक्षा के लिए पूर्णिमा शनिवार विशेष शनि साढ़े साती पीड़ा शांति महापूजा, शनि तिल तेल अभिषेक एवं महादशा शांति महापूजा
जीवन की चुनौतियों एवं बाधाओं से सुरक्षा के लिए पूर्णिमा शनिवार विशेष शनि साढ़े साती पीड़ा शांति महापूजा, शनि तिल तेल अभिषेक एवं महादशा शांति महापूजा
जीवन की चुनौतियों एवं बाधाओं से सुरक्षा के लिए पूर्णिमा शनिवार विशेष शनि साढ़े साती पीड़ा शांति महापूजा, शनि तिल तेल अभिषेक एवं महादशा शांति महापूजा
जीवन की चुनौतियों एवं बाधाओं से सुरक्षा के लिए पूर्णिमा शनिवार विशेष शनि साढ़े साती पीड़ा शांति महापूजा, शनि तिल तेल अभिषेक एवं महादशा शांति महापूजा
जीवन की चुनौतियों एवं बाधाओं से सुरक्षा के लिए पूर्णिमा शनिवार विशेष शनि साढ़े साती पीड़ा शांति महापूजा, शनि तिल तेल अभिषेक एवं महादशा शांति महापूजा
जीवन की चुनौतियों एवं बाधाओं से सुरक्षा के लिए पूर्णिमा शनिवार विशेष शनि साढ़े साती पीड़ा शांति महापूजा, शनि तिल तेल अभिषेक एवं महादशा शांति महापूजा
जीवन की चुनौतियों एवं बाधाओं से सुरक्षा के लिए पूर्णिमा शनिवार विशेष शनि साढ़े साती पीड़ा शांति महापूजा, शनि तिल तेल अभिषेक एवं महादशा शांति महापूजा
पूर्णिमा शनिवार विशेष

शनि साढ़े साती पीड़ा शांति महापूजा, शनि तिल तेल अभिषेक एवं महादशा शांति महापूजा

जीवन की चुनौतियों एवं बाधाओं से सुरक्षा के लिए
temple venue
श्री शनिदेव मंदिर, शनि शिंगणापुर, महाराष्ट्र
pooja date
Warning Infoइस पूजा की बुकिंग बंद हो गई है
srimandir devotees
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अब तक2,00,000+भक्तोंश्री मंदिर द्वारा आयोजित पूजाओ में भाग ले चुके हैं

जीवन की चुनौतियों एवं बाधाओं से सुरक्षा के लिए पूर्णिमा शनिवार विशेष शनि साढ़े साती पीड़ा शांति महापूजा, शनि तिल तेल अभिषेक एवं महादशा शांति महापूजा

हिन्दी पंचांग के अनुसार एक वर्ष में 12 पूर्णिमा आती हैं। हर महीने की पूर्णिमा का अपना अलग महत्व होता है। माना जाता है कि ज्येष्ठ माह में पड़ने वाली इस पूर्णिमा पर शनिदेव की पूजा कर उनसे विशेष फल प्राप्त कर सकते हैं। दरअसल ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा और शनिवार का संयोग बनने के कारण यह दिन शनिदेव की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, न्याय के देवता शनि सबको कर्मों के अनुसार फल देते हैं। इसलिए शनि की महादशा के दौरान जीवन में अच्छा काम करने पर लाभ होता है। वहीं बुरे काम करने वालों को शनि की साढ़े साती और ढैय्या के चलते अशुभ फल झेलने पड़ते हैं।

कई बार लोगों को पता नहीं चलता की वो शनि दोष से पीड़ित हैं, शनि दोष से पीड़ित होने पर कुछ ऐसे लक्षण हैं जो दिखने लगते हैं जैसे बने बनाए काम बिगड जाना, कर्ज में डूबना, घर में आग लगना या घर बिकना या फिर शराब, जुआ या अन्य बुरी आदतों में फंसना। इसके अलावा शनि के अशुभ प्रभाव के कारण व्यक्ति को कई तरह की परेशानियां जैसे स्वास्थ्य संबंधी समस्या, नौकरी में बाधा, आर्थिक कठिनाई, पारिवारिक कलह, दुर्घटना, बाधाओं समस्याएं झेलनी पड़ती हैं। इन सभी अशुभ प्रभावों से मुक्ति पाने के लिए पूर्णिमा एवं शनिवार के शुभ संयोग पर शनिदेव की पूजा में भाग लें और शनिदेव का शुभाशीष पाएं।

पूजा लाभ

puja benefits
जीवन की चुनौतियों से रक्षा
शनि की पूजा का महत्व वैदिक ज्योतिष और धार्मिक ग्रंथों में विस्तार से वर्णित है। शनि ग्रह को कर्म का कारक माना गया है, जो व्यक्ति के जीवन में कठिनाईयों का कारण बन जाता है। शनि की पूजा करने से जीवन के चुनौतियों से सुरक्षा मिलती है क्योंकि इससे कुंडली में बने शनि दोष से मुक्ति मिलती है और व्यक्ति को सामर्थ्य और स्थिरता का आभास होता है।
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बाधाओं से रक्षा
शनि दोष के कारण व्यक्ति के जीवन में आए दिन सभी कार्यों में बाधाओं का सामना करना पडता है। मान्यता है कि शनि की पूजा से करने से बाधाओं एवं कठिनाइयों से रक्षा का आशीष मिलता है। इस पूजा को करने वाले जातको को धैर्य, सम्मान और संघर्षशीलता में साहस और सामर्थ्य प्राप्त होता है, जिससे वह जीवन की हर बाधा को सफलतापूर्वक पार कर लेते हैं। शनिवार के दिन की गई शनि पूजा से जातक को बाधा मुक्त जीवन का आशीष प्राप्त होता है।
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साढ़े साती एवं महादशा से मुक्ति
माना जाता है कि शनि ढैय्या की अवधि ढाई वर्ष और शनि की महादशा कुंडली में 19 साल तक चलती है। सामान्यत: शनि की साढ़ेसाती या महादशा को अशुभ और कष्टदायक माना जाता है। इस अशुभ स्थिति से मुक्त होने के लिए शनि साढ़े साती पीड़ा शांति महापूजा एवं महादशा शांति महापूजा अत्यंत प्रभावकारी है। वहीं शनि तिल तेल अभिषेक को करने से कुंडली में मौजूद शनि दोष का प्रभाव भी कम होता है।

पूजा प्रक्रिया

Number-0

पूजा चयन करें

4 विभिन्न पूजा पैकेज ऑप्शन से चयन करें।
Number-1

अर्पण जोड़ें

अपनी पूजा के साथ गौ सेवा, वस्त्र दान, दीप दान भी करें। पूजा के लिए भुगतान करें।
Number-2

संकल्प विवरण दर्ज करें

अपना नाम और गोत्र दर्ज करें।
Number-3

पूजा दिन

अनुभवी पंडितों द्वारा वैदिक प्रक्रिया के अनुसार पूजा होगी। आपको अपने WhatsApp नंबर पर अपडेट्स मिलेंगे।
Number-4

पूजा वीडियो एबं तीर्थ प्रसाद डिलीवरी

अपने पंजीकृत WhatsApp नंबर पर पूजा के 4-5 दिनों में पूजा वीडियो एबं आपके दिए गए पते पर 8-10 दिनों बाद तीर्थ प्रसाद प्राप्त करें ।

श्री शनिदेव मंदिर, शनि शिंगणापुर, महाराष्ट्र

श्री शनिदेव मंदिर, शनि शिंगणापुर, महाराष्ट्र
शनि शिंगणापुर मंदिर एक प्रसिद्ध मंदिर है जो अहमदनगर जिले में शिरडी से 65 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। शनि देव के इस मंदिर को सजीव मंदिर माना जाता है। कहानियों के अनुसार, लगभग 300 साल पहले, गाँव के बीच से बहती पानसनाला नदी के तट पर एक काले रंग का पत्थर पाया गया था, जिसे छुते ही उसमें से खून निकलने लगा। उसी रात भगवान शनि ग्राम प्रधान के सपने में आए और बताया कि यह पत्थर उनकी मूर्ति है। उन्होंने निर्देश दिया कि इस पत्थर को गाँव में खुले में रखा जाए, बिना किसी ढांचे या दीवारों से ढके।

श्री शनेश्वर देवस्थान शनि शिंगनापुर का यह मंदिर पूरे भारत में बेहद प्रसिद्ध है। मंदिर के अलावा, शिंगणापुर एक छोटा सा गाँव है जहां पूरे गाँव में किसी भी घर में दरवाजे नहीं हैं और इसके बावजूद गांव में चोरी भी नहीं होती। मान्यता है कि शनिदेव द्वारा सुरक्षित गांव में चोर नहीं कर सकते और जो कोई भी चोरी करने का प्रयास करता है उसे दैवीय दंड मिल जाता है। कहते हैं कि यहां शनि की प्रतिमा के दर्शन मात्र से शनि दोष दूर हो जाता है।

कैसा रहा श्री मंदिर पूजा सेवा का अनुभव?

क्या कहते हैं श्रद्धालु?
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जय राज यादव

दिल्ली
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रमेश चंद्र भट्ट

नागपुर
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अपर्णा मॉल

पुरी
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शिवराज डोभी

आगरा
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मुकुल राज

लखनऊ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों