राहु-गुरु चांडाल दोष की नकारात्मकता, शैक्षणिक क्षेत्र एवं व्यावसायिक क्षेत्र की अस्थिरता दूर करने, आर्थिक समृद्धि प्राप्त करने, दुर्घटना का भय तथा स्वास्थ्य से संबंधित चिंताओं से मुक्ति पाने तथा पारिवारिक जीवन में होने वाले मनमुटाव को दूर करने के लिए मार्गशीर्ष कृष्णा तृतीया, दिनांक 30 नवंबर 2023, गुरुवार के दिन, श्री बृहस्पति मंदिर, काशी के आचार्यों द्वारा आयोजित राहु-गुरु चांडाल दोष शांति महापूजा में भाग लेने के लिए श्री मंदिर आपको हार्दिक आमंत्रित करता है।
ऑनलाइन पूजा का लाभ निश्चित तौर पर मिलता है। किसी भी पूजा में सबसे अधिक महत्व नाम और गोत्र का होता है। आप पूरे विश्व में कहीं भी रहने पर आपकी पहचान आपके नाम और गोत्र से होती है, तो पूजा किसके नाम से आयोजित हो रही है यह निर्धारित करता है कि पूजा का फल किसे मिलेगा।कोई भी समस्या, बीमारी या दोष हो सभी पूजाओं को नाम और गोत्र से ही संपन्न किया जा सकता है। ऐसे में किसी भी तीर्थ स्थान या मंदिर में आपके नाम और गोत्र के उच्चारण से पूजा का फल आपको प्राप्त होता है।
यदि आपको अपना गोत्र पता नहीं है तो इस स्थिति मैं आप अपना गोत्र कश्यप मान सकते हैं क्योंकि कश्यप ऋषि एक ऐसे ऋषि थे जिनकी संतान हर जाति में पाई जाती हैं और इसी कारण वे श्रेष्ट ऋषि माने जाते हैं। इन विवरणों का पंडित जी द्वारा पूजा के दौरान जाप किया जाएगा।