असाध्य रोगों से मुक्ति, बुरे प्रभावों व नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा के लिए सोमवार ब्रह्म मुहूर्त विशेष 11,000 महामृत्युंजय जाप एवं गिलोय और पंचामृत अभिषेक
असाध्य रोगों से मुक्ति, बुरे प्रभावों व नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा के लिए सोमवार ब्रह्म मुहूर्त विशेष 11,000 महामृत्युंजय जाप एवं गिलोय और पंचामृत अभिषेक
असाध्य रोगों से मुक्ति, बुरे प्रभावों व नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा के लिए सोमवार ब्रह्म मुहूर्त विशेष 11,000 महामृत्युंजय जाप एवं गिलोय और पंचामृत अभिषेक
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असाध्य रोगों से मुक्ति, बुरे प्रभावों व नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा के लिए सोमवार ब्रह्म मुहूर्त विशेष 11,000 महामृत्युंजय जाप एवं गिलोय और पंचामृत अभिषेक
सोमवार ब्रह्म मुहूर्त विशेष

11,000 महामृत्युंजय जाप एवं गिलोय और पंचामृत अभिषेक

असाध्य रोगों से मुक्ति, बुरे प्रभावों व नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा के लिए
temple venue
श्री ओंकारेश्वर महादेव मंदिर, काशी, उत्तर प्रदेश
pooja date
24 जून, सोमवार, आषाढ़ कृष्ण तृतीया
Warning Infoइस पूजा की बुकिंग बंद हो गई है
srimandir devotees
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अब तक2,00,000+भक्तोंश्री मंदिर द्वारा आयोजित पूजाओ में भाग ले चुके हैं

असाध्य रोगों से मुक्ति, बुरे प्रभावों व नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा के लिए सोमवार ब्रह्म मुहूर्त विशेष 11,000 महामृत्युंजय जाप एवं गिलोय और पंचामृत अभिषेक

सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन भगवान शिव को प्रसन्न करने से भक्तों को असाध्य रोगों से मुक्ति मिलती है और सभी बुरे प्रभावों और नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा मिलती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, सोमवार को चंद्रदेव ने भगवान शिव की पूजा की थी। इससे महादेव बहुत प्रसन्न हुए थे और उन्होंने चंद्रदेव को निरोगी काया का आशीर्वाद दिया था। यही कारण है कि सोमवार को भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। इस शुभ दिन पर भक्त मंदिरों में शिव को जल और अन्य पवित्र तत्वों से अभिषेक भी करते हैं। शिव पुराण के अनुसार, सुबह उठते ही भगवान शिव का नाम लेने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। इसलिए, भगवान शिव की पूजा विशेष रूप से ब्रह्म मुहूर्त के दौरान की जाती है। इस शुभ दिन पर भक्त मंदिरों में शिव जी पर जल एवं अन्य पवित्र तत्वों से अभिषेक भी करते हैं।

शास्त्रों के अनुसार, सोमवार को अभिषेक करना अन्य दिनों की तुलना में अधिक फलदायी माना जाता है। इसलिए सोमवार के शुभ दिन पर गिलोय और पंचामृत अभिषेक के साथ महामृत्युंजय जाप किया जाएगा। ऐसा माना जाता है कि विभिन्न रोगों से राहत के लिए गिलोय के रस से अभिषेक करना बेहद फायदेमंद होता है। इसके अलावा दूध, दही, शुद्ध घी, शहद और चीनी को चढ़ाने वाले पंचामृत अभिषेक को बुरे प्रभावों और नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा प्रदान करने वाला माना जाता है। सोमवार को 11,000 महामृत्युंजय जाप तथा गिलोय व पंचामृत अभिषेक करने से सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है।

पूजा लाभ

puja benefits
असाध्य रोगों से मुक्ति
शास्त्रों के अनुसार गिलोय के रस से भगवान शिव का अभिषेक करना रोगों से मुक्ति के लिए अत्यंत लाभकारी होता है। ज्योतिष शास्त्राें में बताया गया है कि गिलोय के रस से अभिषेक करने से मंगल से संबंधित रोग दूर होते हैं। इसके अतिरिक्त, महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से पुरानी बीमारियों से मुक्ति मिलती है। इस मंत्र के जाप से रोग दूर होते हैं और आपको अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है।
puja benefits
बुरे प्रभावों और नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा
भगवान शिव को नकारात्मकता दूर करने वाला देवता माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि महामृत्युंजय मंत्र जाप करने वालों को एक दिव्य ऊर्जा कवच के समान सुरक्षा करती है। यह मंत्र अत्यंत शक्तिशाली है, जो नकारात्मक शक्तियों को खत्म करने में मददगार होता है। इसके अलावा, भगवान शिव का पंचामृत अभिषेक करने से सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है, जिससे बुरी और नकारात्मक ऊर्जाएं भी दूर रहती हैं।
puja benefits
जीवन के पाँच विकारों का विनाश
माना जाता है कि पंचामृत शिव अभिषेक करने से व्यक्ति के अंदर मौजूद पांच दुर्गुणों जैसे- काम (वासना), क्रोध, लोभ (लालच), मोह और अहंकार का नाश होता है जिससे मन शुद्ध होता है। यह पूजा सभी प्रकार के पापों का नाश करता है और जीवन में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करता है। इसके अलावा, महामृत्युंजय मंत्र भगवान शिव की पूजा का एक शक्तिशाली और पवित्र मंत्र माना जाता है। इसके जाप से न केवल पांच दुर्गुणों का नाश होता है, बल्कि व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक बीमारियों से भी मुक्ति मिलती है।

पूजा प्रक्रिया

Number-0

पूजा चयन करें

4 विभिन्न पूजा पैकेज ऑप्शन से चयन करें।
Number-1

अर्पण जोड़ें

अपनी पूजा के साथ गौ सेवा, वस्त्र दान, दीप दान भी करें। पूजा के लिए भुगतान करें।
Number-2

संकल्प विवरण दर्ज करें

अपना नाम और गोत्र दर्ज करें।
Number-3

पूजा दिन

अनुभवी पंडितों द्वारा वैदिक प्रक्रिया के अनुसार पूजा होगी। आपको अपने WhatsApp नंबर पर अपडेट्स मिलेंगे।
Number-4

पूजा वीडियो एबं तीर्थ प्रसाद डिलीवरी

अपने पंजीकृत WhatsApp नंबर पर पूजा के 4-5 दिनों में पूजा वीडियो एबं आपके दिए गए पते पर 8-10 दिनों बाद तीर्थ प्रसाद प्राप्त करें ।

श्री ओंकारेश्वर महादेव मंदिर, काशी, उत्तर प्रदेश

श्री ओंकारेश्वर महादेव मंदिर, काशी, उत्तर प्रदेश
भोलेनाथ की नगरी काशी में स्थित ओंकारेश्वर महादेव मंदिर, भगवान शिव को समर्पित प्रतिष्ठित मंदिरों में से एक है। भगवान शिव के इस अति प्राचीन मंदिर को लेकर कई कथाएं प्रचलित है। काशी खंड के 86वें अध्याय में इस मंदिर का जिक्र किया गया है। इतना ही नहीं शिव महापुराण में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के प्राकट्य और महात्म्य की कथा दी गई है। बताया जाता है कि यहां पर शिव पंचायत के पांच प्रतीक मौजूद थे, लेकिन वर्तमान में 3 शिवलिंग जिनमें अकारेश्वर, ओंकारेश्वर और मकरेश्वर स्थापित हैं।

मान्यता है कि यहां दर्शन कर लेने से ब्रह्मांड के सभी शिव मंदिरों के दर्शन के बराबर फल प्राप्त होता है। बताया जाता है कि स्वयं ब्रह्मा जी ने यहां बैठकर तपस्या की थी। श्रृष्टि के निर्माण के बाद उन्होंने भगवान शिव से अनुरोध किया था जिसके बाद भोलेनाथ इस स्थान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए थे। भगवान शिव के आशीर्वाद की कामना करने वाले भक्तों के लिए ये मंदिर प्रमुख केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि यहां दर्शन करने से जातक को आध्यात्मिक ज्ञान और जन्म- मृत्यु के चक्र से मुक्ति मिलती है।

पूजा का चयन करें

851

व्यक्तिगत पूजा

अधिकतम 1 व्यक्ति के लिए पूजा कराएं

पूजा संकल्प के दौरान पंडित जी आपके नाम और गोत्र का उच्चारण करेंगे
आपके नाम-संकल्प के साथ संपन्न हुई पूजा का वीडियो आपके साथ साझा किया जाएगा और तीर्थ प्रसाद आपके द्वारा दिए गए पते पर भेजा जाएगा।

1251

पार्टनर पूजा

अधिकतम 2 व्यक्ति के लिए पूजा कराएं

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2001

पारिवारिक पूजा

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पूजा के अंत में फल, मिठाई और सूखे मेवे का प्रसाद चढ़ाया जाएगा।

3001

संयुक्त परिवार पूजा

अधिकतम 6 सदस्यों के लिए पूजा कराएं

पूजा संकल्प के दौरान पंडित जी आपके नाम और गोत्र का उच्चारण करेंगे
आपके नाम-संकल्प के साथ संपन्न हुई पूजा का वीडियो आपके साथ साझा किया जाएगा और तीर्थ प्रसाद आपके द्वारा दिए गए पते पर भेजा जाएगा।
पूजा के अंत में पुष्पांजलि के साथ फल, मिठाई और सूखे मेवे का प्रसाद चढ़ाया जाएगा।

कैसा रहा श्री मंदिर पूजा सेवा का अनुभव?

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