4 अगस्त 2026 को क्या है?
image
downloadDownload
shareShare
ShareWhatsApp

4 अगस्त 2026 को क्या है? | 4 August 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

हर दिन का पंचांग तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ-अशुभ समय की जानकारी प्रदान करता है। 4 अगस्त 2026 के दिन कौन-से शुभ योग बन रहे हैं, ग्रहों की स्थिति कैसी रहेगी और धार्मिक दृष्टि से इस दिन का क्या महत्व माना गया है, आइए जानते हैं।

4 अगस्त 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 4 अगस्त 2026 को कौन-कौन से व्रत और पर्व हैं और यह दिन धार्मिक दृष्टि से क्यों खास माना जाता है? 4 अगस्त 2026, मंगलवार के दिन श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है। यह दिन मंगला गौरी व्रत के कारण विशेष रूप से सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। श्रावण मास में देवी पार्वती की आराधना का यह दिन सुख, सौभाग्य और वैवाहिक जीवन की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण होता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष षष्ठी – रात 10:04 PM तक
  • वार: मंगलवार
  • नक्षत्र: रेवती – रात 9:51 PM तक
  • योग: धृति – शाम 7:34 PM तक
  • करण: गर – सुबह 10:30 AM तक
  • मास (अमांत): आषाढ़
  • मास (पूर्णिमांत): श्रावण
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: कर्क
  • चंद्र राशि: मीन
  • ऋतु: वर्षा
  • अयन: दक्षिणायन
  • दिशाशूल: उत्तर
  • चंद्र निवास: उत्तर

त्यौहार व व्रत

मंगला गौरी व्रत

श्रावण मास में मंगलवार को किया जाने वाला यह व्रत विशेष रूप से देवी पार्वती को समर्पित होता है। विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन की खुशहाली के लिए यह व्रत रखती हैं। इस दिन माता गौरी की पूजा, कथा श्रवण और दीपदान का विशेष महत्व होता है।

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त: 11:39 AM से 12:31 PM राहुकाल: 3:24 PM से 5:03 PM गुलिक काल: 12:05 PM से 1:44 PM यमघण्ट काल: 8:46 AM से 10:25 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

सूर्योदय: 5:27 AM सूर्यास्त: 6:42 PM चंद्रोदय: 10:04 PM चंद्रास्त: 10:27 AM

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • देवी गौरी और भगवान शिव का ध्यान करें।
  • मंगला गौरी व्रत का संकल्प लेकर कथा सुनें या पढ़ें।
  • लाल फूल, अक्षत और दीप से माता की पूजा करें।
  • फलाहार या व्रत नियमों के अनुसार उपवास रखें।
  • शाम को आरती कर व्रत का समापन करें।

निष्कर्ष

4 अगस्त 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है। श्रावण मास का मंगलवार और मंगला गौरी व्रत इस दिन को विशेष बना देता है। श्रद्धा और भक्ति के साथ माता गौरी की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में सुख, सौभाग्य और स्थिरता का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

divider
Published by Sri Mandir·May 18, 2026

Did you like this article?

आपके लिए लोकप्रिय लेख

और पढ़ेंright_arrow
srimandir-logo

श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

हमारा पता

फर्स्टप्रिंसिपल ऐप्सफॉरभारत प्रा. लि. 2nd फ्लोर, अर्बन वॉल्ट, नं. 29/1, 27वीं मेन रोड, सोमसुंदरपल्या, HSR पोस्ट, बैंगलोर, कर्नाटक - 560102
YoutubeInstagramLinkedinWhatsappTwitterFacebook