17 मार्च 2026 को क्या है?
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17 मार्च 2026 को क्या है? | 17 March 2026 Ko Kya Hai

जानिए मार्च माह के सत्रहवें दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ-अशुभ मुहूर्त, ग्रह-नक्षत्र की स्थिति और धार्मिक दृष्टि से इस दिन का महत्व।

आज के दिन के बारे में

पंचांग के अनुसार मार्च महीने की कई तिथियाँ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होती हैं और 17 मार्च 2026 भी उनमें से एक है। इस दिन की तिथि और व्रत-पर्व के बारे में जानना कई लोगों के लिए जरूरी होता है। आइए जानते हैं 17 मार्च 2026 को क्या है।

17 मार्च 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 17 मार्च 2026 को कौन-कौन से व्रत और पर्व हैं और यह दिन धार्मिक रूप से क्यों विशेष माना जाता है? 17 मार्च 2026, मंगलवार को चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। इस दिन मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाएगा। यह दिन भगवान शिव की पूजा और उपवास के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की आराधना करने से सभी कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-शांति आती है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष त्रयोदशी – सुबह 9:24 AM तक
  • वार: मंगलवार
  • नक्षत्र: धनिष्ठा – सुबह 6:23 AM तक
  • योग: सिद्ध – सुबह 8:16 AM तक
  • करण: वणिज – सुबह 9:20 AM तक
  • मास (अमांत): फाल्गुन
  • मास (पूर्णिमांत): चैत्र
  • विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
  • शक संवत: 1947 (विश्ववासु)
  • सूर्य राशि: मीन
  • चंद्र राशि: कुम्भ
  • ऋतु: वसंत
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: उत्तर
  • चंद्र निवास: पश्चिम

त्यौहार व व्रत

मासिक शिवरात्रि

मासिक शिवरात्रि भगवान शिव को समर्पित होती है। इस दिन भक्तजन व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा करते हैं और शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करते हैं। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:43 AM से 12:31 PM
  • राहुकाल: 3:08 PM से 4:38 PM
  • गुलिक काल: 12:07 PM से 1:38 PM
  • यमघण्ट काल: 9:07 AM से 10:37 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 6:06 AM
  • सूर्यास्त: 6:08 PM
  • चंद्रोदय: 4:54 AM
  • चंद्रास्त: 4:34 PM

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

  • भगवान शिव के शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और फूल अर्पित करें।

  • मासिक शिवरात्रि का व्रत रखें और दिनभर सात्विकता का पालन करें।

  • शिव मंत्रों का जाप करें और भगवान से सुख-शांति की प्रार्थना करें।

  • जरूरतमंदों को दान देना शुभ माना जाता है।

निष्कर्ष

17 मार्च 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मासिक शिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव की पूजा और व्रत करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया व्रत सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है।

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Published by Sri Mandir·March 10, 2026

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