शिव के पर्यायवाची शब्द
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शिव के पर्यायवाची शब्द | Shiv Ke Paryayvachi Shabd

क्या आप शिव के पर्यायवाची शब्द खोज रहे हैं? यहाँ आपको भगवान शिव के प्रसिद्ध नाम, उनके अर्थ और उपयोग से जुड़ी आसान जानकारी मिलेगी।

शिव के अन्य नाम

शिव जी को संहार और निर्माण के देवता के रूप में जाना जाता है। उनके कई पर्यायवाची शब्द हैं, जो उनके अलग-अलग रूप, गुण और महिमा को दर्शाते हैं। इन्हें जानकर भक्त उनके महत्व और आस्था को और गहराई से समझ सकते हैं। इस लेख में जानिए शिव जी के पर्यायवाची शब्द, जिन्हें आप पूजा, भक्ति या अध्ययन में उपयोग कर सकते हैं।

भगवान शिव के पर्यायवाची शब्द

क्रम संख्या

पर्यायवाची शब्द

अर्थ / भाव

1महादेवदेवताओं में सबसे बड़े भगवान
2शिवशुभ और कल्याणकारी भगवान
3शंकरसुख देने वाले और दुःख हरने वाले
4नीलकंठभगवान जिनका गला नीला है (कालकूट पीने के कारण)
5त्रिनेत्रतीन नेत्रों वाले
6भोलेनाथसरल, भोले और दयालु भगवान
7महेश्वरईश्वर के परम स्वरूप वाले
8कैलाशपतिकैलाश पर्वत के अधिपति
9रुद्रक्रोध और विनाश के देवता
10भूतनाथभूत-प्रेतों के स्वामी
11शूलधारीत्रिशूलधारी भगवान
12नटराजनृत्य के भगवान
13चंद्रशेखरजिनके सिर पर चंद्रमा विराजमान हैं
14अर्धनारीश्वरपुरुष और महिला का संयुक्त स्वरूप
15पिनाकधारीभगवान जिनके हाथ में पिनाक (धनुष) है
16गंगाधरजिनके जटाओं में गंगा प्रवाहित है
17महाकालसमय और मृत्यु के स्वामी
18त्रिपुरारीत्रिपुरासुर का संहार करने वाले
19भस्मांगधरभस्म से सुसज्जित भगवान
20कामेश्वरप्रेम और कामना के नियंत्रक

भगवान शिव के अन्य नाम

हिंदू धर्म में भगवान शिव का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। उन्हें संहारक और रचयिता दोनों माना जाता है। उनका व्यक्तित्व असीम शक्ति, ज्ञान, भक्ति और तपस्या का प्रतीक है। भगवान शिव को उनके विभिन्न रूपों और गुणों के आधार पर अनेक नामों से जाना जाता है। इन्हीं नामों को उनके पर्यायवाची शब्द कहा जाता है।

महादेव भगवान शिव का सबसे प्रसिद्ध नाम है, जिसका अर्थ है “सभी देवताओं के देवता।” शिव का अर्थ है “शुभ और कल्याणकारी,” जो अपने भक्तों पर अनंत कृपा और आशीर्वाद बरसाते हैं। शंकर नाम उनके सुख और दुखों को दूर करने वाले स्वरूप को दर्शाता है।

नीलकंठ नाम भगवान शिव के उस अद्भुत कार्य को याद करता है, जब उन्होंने समुद्र मंथन में निकले विष (कालकूट) को अपने गले में रखकर दुनिया को बचाया। त्रिनेत्र उनके तीसरे नेत्र का प्रतीक है, जो विनाश और सृष्टि का संतुलन बनाए रखता है। भोलेनाथ उनका सरल और भोला स्वरूप दर्शाता है, जो भक्तों के लिए हमेशा दयालु और मददगार हैं।

कैलाशपति नाम उनके कैलाश पर्वत में निवास करने वाले रूप को दर्शाता है। रुद्र नाम उनके क्रोध और संहार स्वरूप का प्रतीक है, जबकि भूतनाथ नाम यह बताता है कि वे भूत-प्रेतों के स्वामी भी हैं। शूलधारी नाम उनके हाथ में त्रिशूल रखने वाले स्वरूप को दर्शाता है।

नटराज उनके तांडव नृत्य का प्रतीक है, जो सृष्टि के संहार और निर्माण की लय को दर्शाता है। चंद्रशेखर उनके सिर पर चंद्रमा को धारण करने के कारण प्रसिद्ध हैं। अर्धनारीश्वर उनके पुरुष और महिला के संयुक्त रूप का प्रतीक है। गंगाधर नाम उनके जटाओं में गंगा प्रवाहित होने के कारण प्रसिद्ध है। महाकाल समय और मृत्यु के स्वामी के रूप में उनके शाश्वत स्वरूप को दर्शाता है। त्रिपुरारी त्रिपुरासुर का संहार करने वाले और भस्मांगधर भस्म से सज्जित भगवान के रूप को दर्शाते हैं।

इन पर्यायवाची शब्दों से भगवान शिव के विविध रूप, उनकी शक्ति, भक्ति, तपस्या और दया का स्पष्ट ज्ञान मिलता है। उनके स्मरण और ध्यान से मन को शांति, साहस और भक्ति की प्राप्ति होती है।

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Published by Sri Mandir·February 12, 2026

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