सूर्य ग्रहण का समय और प्रभाव

सूर्य ग्रहण का समय और प्रभाव

8 अप्रैल 2024, सोमवार जानें क्या प्रभाव पड़ेंगे इस सूर्यग्रहण से


सूर्य ग्रहण 2024 (Surya Grahan 2024)

सनातन धर्म में सूर्य ग्रह का बहुत महत्व है। ब्रह्म पुराण के अनुसार, सूर्य देव को नौ ग्रहों में राजा माना गया है। ऐसा माना जाता है कि सूर्य देव की कृपा से जातक को कुंडली के सभी ग्रह दोषों से छुटकारा मिलता है। वहीं अन्य धर्म ग्रंथों में सूर्य को प्रत्यक्ष देवता माना गया है। सूर्य ग्रह से ही हमें ऊर्जा व प्रकाश प्राप्त होता है। सूर्य देव ही हमारे जीवन को प्रकाशमय करते हैं। सूर्य की रोशनी से ही जीवन संभव है इसलिए पंचदेवों में इनकी पूजा भी जरूर की जाती है। विद्वानों के अनुसार, सूर्य देव कि उपासना करने वाले भक्त जो सामग्री इन्हें अर्पित करते हैं, सूर्यदेव उसे लाख गुना करके लौटाते हैं। हिन्दू पंचांग के अनुसार रविवार का दिन सूर्य के लिए समर्पित है जो कि सप्ताह का एक महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। इस लेख में हम जानेंगे 2024 में अप्रैल में सूर्य ग्रहण कब है और उससे जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां।

सूर्य ग्रह क्या है ? (What is the Sun planet?)

सूर्य ग्रह को यदि खगोलीय दृष्टि से देखा जाए तो यह सौर मंडल में केंद्र में स्थित है, जिसके चलते यह पृथ्वी से काफी करीब है। सूर्य के कारण ही पृथ्वी पर जीवन सूचारू रूप से कालांतर से चला आ रहा है। खगोल विज्ञान की में शुक्र व बुध के बाद सबसे कम है। इसलिए यह पृथ्वी को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। वहीं, वैदिक ज्योतिष में भी सूर्य को काफी महत्व दिया जाता है। सूर्य को क्रूर ग्रह माना जाता है। ये प्रभावी होते हैं तो जातक का समय बदल जाता है। सूर्य ग्रह को वेदों में जगत की आत्मा कहा गया है। ज्योतिष के कुछ ग्रंथों और पुराणों में इन्हीं सूर्य को सूर्य देव से जोड़कर भी देखा जाता है जबकि सूर्य देव का जन्म धरती पर ही हुआ माना जाता है। एक अन्य कथा के अनुसार कश्यप की पत्नी अदिति ने सूर्य साधना करके अपने गर्भ से एक तेजस्वीवान पुत्र को जन्म दिया था।

सूर्य ग्रह का स्वभाव (Nature of Sun Planet)

सूर्य का स्वभाव राजा के समान है, इसलिए सूर्य को ग्रहों का राजा कहा गया है। ज्योतिषों कि माने तो सूर्य ग्रह किसी भी मामले में समझौता पसंद नहीं करते। हालांकि सूर्य विशाल हृदय के स्वामी हैं। इसी वजह से जिन जातकों की कुंडली में सूर्य अच्छी स्थिति होती है, उनका रहन-सहन, तौर तरीके राजसी होता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र कि माने तो हर एक व्यक्ति की कुंडली में सूर्य ग्रह का प्रभाव बहुत ही प्रभावशाली माना जाता है। कुंडली में सूर्य का प्रभाव अच्छा होने पर जातक का सरकारी नौकरी का रास्ता खुलता है। ज्योतिष में सूर्य ग्रह को ऊर्जा, आत्मा और पिता कारक माना जाता है। कुंडली में सूर्य का प्रभाव शुभ होने पर जातक के जीवन में सुख-समृद्धि बना रहता है। जातक की कुंडली में सूर्य अच्छे भाव और मजबूत होने पर व्यक्ति अपने जीवन में ऊंचे पद को हासिल करता है। समाज में उसे पद, मान और सम्मान कि प्राप्ति होती है।

सूर्य ग्रह द्वारा निर्देशित कार्य क्षेत्र (Work area guided by Sun Planet)

ज्योतिष में सूर्य को आत्मा का कारक माना जाता है। इसके साथ ही ज्योतिष में सूर्य को पिता का प्रतिनिधित्व भी माना जाता है। सूर्य के कारण ही पिता से संतान का संबंध मधुर व कटु बनता है। जब भी किसी जातक की कुंडली का आकलन किया जाता है तो सबसे पहले सूर्य का स्थान देखा जाता है। क्योंकि ज्योतिष में सूर्य को सफलता व सम्मान का कारक कहा जाता है। सूर्य प्रभावी हो तो जातक अपने जीवन में यश प्राप्त करता है। इसके साथ ही वह ओजस्वी व प्रतापी होता है। महिला की कुंडली में सू र्य को पति के सफलता के लिए देखा जाता है। ज्योतिष में सूर्य के नाम से भी राशियों को संबोधित किया जाता है। जिसे सूर्य राशि कहा जाता है। यदि जातक की कुंडली में सूर्य की महादशा चल रही हो तो रविवार के दिन जातक को अच्छे फल मिलते हैं। ज्योतिषशास्त्र में सूर्य को सिंह राशि का स्वामी माना जाता है। मेष राशि में यह उच्च होता है, जबकि तुला राशि को सूर्य की नीच राशि मानी जाती है।

सूर्य ग्रह का व्यक्ति के ऊपर प्रभाव (Effect of Sun Planet on a person kundli)

ज्योतिष के अनुसार, जिस जातक की कुंडली में सूर्य लग्न में विराजमान होते हैं उसका चेहरा बड़ा और गोल और आंखों का रंग शहद के समान होता है। जातक के शरीर में सूर्य हृदय को दर्शाता है। काल पुरुष कुंडली में अंतर्गत सिंह राशि हृदय को इंगित करती है। शारीरिक संरचना व ज्योतिष के अनुसार सूर्य पुरुषों की दायीं आंख व स्त्रियों की बायीं आंख को दर्शाता है। जिस जातक की कुंडली में सूर्य पीड़ित होते हैं या प्रभावी नहीं होते हैं उन जातकों पर इसका गहरा असर पड़ता है। ऐसे में जातक अहंकारी हो जाता है। क्रोध जातक की नाक पर सवार रहती है, जिसके कारण उसके कई काम बिगड़ जाते हैं। जातक छोटी-छोटी बातों को लेकर उदास हो जाते हैं। इसके साथ ही वे किसी पर भी विश्वास नहीं कर पाते हैं। जातकों के अंदर ईर्ष्या व्याप्त हो जाता है। जातक महत्वाकांक्षी होने के साथ आत्म केंद्रित भी बन जाते हैं। जिसके कारण इनकी सामाजिक प्रतिष्ठा में भी कमी आती है।

सूर्य ग्रह की अशुभ स्थिति के उपाय (Remedies for inauspicious position of Sun planet)

  • जातक के कुंडली में अगर सूर्य का प्रभाव कमजोर है तो उसे लाल और पीले रंग के वस्त्र, गुड़, सोना, तांबा, माणिक, गेहूं, लाल कमल, मसूर की दाल, गाय आदि का दान किसी गरीब को करना चाहिए।
  • जातक को माणिक्य रत्न धारण करने से कुंडली में सूर्य की शक्ति प्रबल होती है। इसके अलावा सूर्य को मजबूत करने के लिए तांबा, लाल या सूर्यकांत मणि भी धारण किया जा सकता है।
  • सूर्य को मजबूत करने के लिए जातक को रविवार के दिन स्नान करने के बाद लाल वस्त्र पहनना चाहिए। इसके अलावा 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय नम:' मंत्र का तीन, पाँच या 12 माला जाप करें।
  • रविवार के दिन नमक का सेवन न करने से भी सूर्य देव प्रसन्न होते हैं। दलिया, दूध, दही, घी, चीनी और गेहूं की रोटी जैसी चीजें खाएं।
  • रविवार का व्रत करने से भी सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और शारीरिक कष्ट दूर करते हैं, जिससे जातक को आरोग्य की प्राप्ति होती है।
  • आदित्य-हृदय स्तोत्र का पाठ करने से और रोज सुबह उगते सूर्य को लाल फूल के साथ जल अर्पित करने से भी सूर्य देव प्रसन्न होते हैं।

सूर्य ग्रहण 2024 (Surya Grahan 2024)

साल 2024 में सोमवार 8 अप्रैल, 2024 को पूर्ण सूर्य ग्रहण उत्तरी अमेरिका, मैक्सिको, संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा से होकर गुजरेगा। पूर्ण सूर्य ग्रहण दक्षिण प्रशांत महासागर के ऊपर शुरू होगा। आंशिक ग्रहण सभी 48 सन्निहित अमेरिकी राज्यों में दिखाई देगा।

श्री मंदिर द्वारा आयोजित आने वाली पूजाएँ