
क्या आप जानते हैं महालक्ष्मी व्रत समापन 2025 कब है? मां लक्ष्मी की कृपा, घर में सुख-समृद्धि और वैभव की प्राप्ति के लिए रखा जाने वाला यह व्रत क्यों है खास, जानें शुभ मुहूर्त व पूजा विधि।
महालक्ष्मी व्रत समापन पर भक्त माँ लक्ष्मी की पूजा-अर्चना कर व्रत का विधिवत समापन करते हैं। यह व्रत परिवार की सुख-समृद्धि, संतान की दीर्घायु और घर में लक्ष्मी कृपा प्राप्त करने हेतु किया जाता है।
महालक्ष्मी व्रत की शुरुआत भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से होती है और इसका समापन आश्विन कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को किया जाता है। यह व्रत देवी लक्ष्मी को समर्पित होता है, जिन्हें धन, समृद्धि और वैभव की देवी माना जाता है। ऐसा विश्वास है कि इस व्रत को करने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है, जिससे भक्तों को आर्थिक समृद्धि, कर्ज से मुक्ति और जीवन में सुख-शांति का आशीर्वाद मिलता है।
महालक्ष्मी व्रत का समापन 14 सितम्बर 2025, रविवार से आरंभ हुआ था
महालक्ष्मी व्रत, माँ लक्ष्मी को समर्पित एक विशेष व्रत है जो भाद्रपद शुक्ल अष्टमी से प्रारम्भ होकर 15 दिनों तक चलता है। इस व्रत का समापन आश्विन, कृष्ण अष्टमी को होगा। समापन के दिन महालक्ष्मी माता की विशेष पूजा-अर्चना, व्रत का विधान और गजलक्ष्मी स्वरूप की आराधना की जाती है। इसे महालक्ष्मी व्रत समापन कहा जाता है।
व्रत समापन के दिन कुछ विशेष उपाय करने से व्रत का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है:
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