अयोध्या में धर्म पथ पर विराजमान होंगे सूर्यदेव!

अयोध्या में धर्म पथ पर विराजमान होंगे सूर्यदेव!

जानें क्या है इसकी विशेषता


अयोध्या: धर्म पथ से जुड़ी विशेष जानकारी! (Ayodhya: Special Information About Dharma Path)

अयोध्या में बन रहे राम मंदिर को भव्य व ऐतिहासिक बनाने के लिए कई प्रबंध किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में धर्म पथ को भी भव्य रूप देने की तैयारी चल रही है। प्राण प्रतिष्ठा से पहले इस मार्ग पर निर्माण एवं सुंदरीकरण से जुड़े कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।

क्या है राम मंदिर में विशेष? (What is Special in Ram Mandir)

धर्म पथ पर अभी वाहनों के आने-जाने के लिए नौ-नौ मीटर चौड़े फोरलेन मार्ग बनाए गए हैं। लेकिन अब इन मार्गों के दोनों ओर सात-सात मीटर चौड़े मार्गों के निर्माण का प्रस्ताव दिया गया है।

धर्म पथ को लेकर कई योजनाएं बनाई जा रही हैं। इसी क्रम में लोक निर्माण विभाग की ओर से फोरलेन वाले इस मार्ग को भविष्य में आठ लेन किए जाने का भी प्रस्ताव बनाया गया है। हालांकि अभी इस पर शासन के निर्णय की प्रतीक्षा की जा रही है। ये निर्माण होने के बाद धर्मपथ रामनगरी का पहला आठ लेन वाला मार्ग होगा।

लोक निर्माण विभाग से जुड़े एक अभियंता ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि धर्म पथ में किए जाने वाले विस्तार से जुड़ी इस योजना के पीछे प्रशासन का मकसद है कि भविष्य में वाहनों का आवागमन बढ़ने एवं मेले जैसे किसी बड़े आयोजन पर भी यातायात निर्बाध रूप से चलता रहे।

राम मंदिर अयोध्या में वीवीआईपी मार्ग (Ayodhya:VVIP route is being developed)

धर्म पथ का निर्माण राममंदिर तक पहुंचाने वाले वीवीआईपी मार्ग के रूप में किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग एवं विकास प्राधिकरण संयुक्त रूप से इस मार्ग को हर तरह से सुगम और भव्य बनाने का कार्य कर रहे हैं। एनएच-27 पर रामघाट होते हुए लता चौक तक दो किलोमीटर लंबे इस मार्ग को राममंदिर का आकर्षण बनाने के लिए कई विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं।

राम मंदिर के प्रवेश द्वार पर विराजमान होंगे सूर्यदेव (Ayodhya Dharm Path: Suryadev will be seated at the top of the entrance )

इसके अलावा हरियाली से सुसज्जित डिवाइडर के साथ इस मार्ग का प्रवेश द्वार भी काफी आकर्षक होगा, जहां दीवारों पर रामायण के प्रसंग का जीवंत चित्रण किया जायेगा। वहीं प्रवेश द्वार के शीर्ष पर रथ पर सवार सूर्यदेव विराजमान होंगे। फाइबर रिइंफोर्सड प्लास्टिक यानि एफआरपी से निर्मित सूर्यदेव की प्रतिमा भी यहां पहुंच गई हैं।

आपको बता दें कि फाइबर रिइंफोर्सड प्लास्टिक का वजन कम होता है, लेकिन इसमें मज़बूती काफ़ी ज़्यादा होती है। दीवार पर रामायण के प्रसंग चित्रित करने व सूर्यदेव की प्रतिमा से सुसज्जित प्रवेश द्वार का निर्माण विकास प्राधिकरण द्वारा कराया जायेगा।

श्री मंदिर द्वारा आयोजित आने वाली पूजाएँ