
23 August 2026 का आज का शुभ मुहूर्त और राहुकाल देखें। विवाह, गृह प्रवेश, पूजा, खरीदारी और अन्य शुभ कार्यों के लिए आज के शुभ समय, राहुकाल और महत्वपूर्ण मुहूर्त की सटीक जानकारी एक ही स्थान पर प्राप्त करें।
23 अगस्त 2026 के इस लेख में आपको आज का पंचांग, तिथि और धार्मिक महत्व की पूरी जानकारी मिलेगी। इसके साथ ही शुभ कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ 'अभिजीत मुहूर्त' और अशुभ समय 'राहुकाल' की सटीक समयावधि बताई गई है। देश के 50 प्रमुख शहरों के अनुसार स्थानीय शुभ-अशुभ समय की सूची शामिल है, जिससे आप सही समय चुन सकें। अंत में राहुकाल के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां और उपाय भी बताए गए हैं।
समय का हमारे जीवन पर बहुत बड़ा असर पड़ता है। जब हम कोई भी नया काम सही और शुभ समय पर शुरू करते हैं, तो उसमें सफलता मिलने की संभावना बहुत बढ़ जाती है।
23 अगस्त 2026 (रविवार / Sunday) को भाद्रपद (भादों) महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि (पवित्रा / श्रावण पुत्रदा एकादशी) है। आइए इसे बिल्कुल आसान और सरल भाषा में समझते हैं कि आज आपके काम के लिए कौन सा समय अच्छा है और किस समय से आपको बचना चाहिए।
हर शहर में सूरज उगने और डूबने का समय थोड़ा अलग होता है। इसलिए आपके शहर में शुभ समय और राहुकाल के समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है। नीचे अपने शहर का समय देखें:
क्र.सं. | शहर (City) | शुभ समय (अभिजीत मुहूर्त) | अशुभ समय (राहुकाल) |
1 | नई दिल्ली (New Delhi) | दोपहर 11:58 से 12:49 तक | शाम 05:12 से 06:49 तक |
2 | मुंबई (Mumbai) | दोपहर 12:14 से 01:05 तक | शाम 05:29 से 07:04 तक |
3 | बेंगलुरु (Bengaluru) | दोपहर 12:00 से 12:50 तक | शाम 05:14 से 06:48 तक |
4 | कोलकाता (Kolkata) | सुबह 11:15 से दोपहर 12:05 तक | शाम 04:31 से 06:07 तक |
5 | चेन्नई (Chennai) | सुबह 11:50 से दोपहर 12:40 तक | शाम 05:04 से 06:38 तक |
6 | हैदराबाद (Hyderabad) | सुबह 11:56 से दोपहर 12:46 तक | शाम 05:06 से 06:40 तक |
7 | अहमदाबाद (Ahmedabad) | दोपहर 12:18 से 01:09 तक | शाम 05:29 से 07:04 तक |
8 | पुणे (Pune) | दोपहर 12:11 से 01:02 तक | शाम 05:26 से 07:01 तक |
9 | जयपुर (Jaipur) | दोपहर 12:05 से 12:56 तक | शाम 05:18 से 06:54 तक |
10 | लखनऊ (Lucknow) | सुबह 11:45 से दोपहर 12:36 तक | शाम 04:57 से 06:33 तक |
11 | सूरत (Surat) | दोपहर 12:15 से 01:06 तक | शाम 05:28 से 07:03 तक |
12 | कानपुर (Kanpur) | सुबह 11:47 से दोपहर 12:38 तक | शाम 04:59 से 06:35 तक |
13 | नागपुर (Nagpur) | सुबह 11:54 से दोपहर 12:45 तक | शाम 05:00 से 06:35 तक |
14 | विशाखापत्तनम (Visakhapatnam) | सुबह 11:40 से दोपहर 12:30 तक | शाम 04:45 से 06:19 तक |
15 | इंदौर (Indore) | दोपहर 12:07 से 12:58 तक | शाम 05:19 से 06:54 तक |
16 | ठाणे (Thane) | दोपहर 12:14 से 01:05 तक | शाम 05:28 से 07:03 तक |
17 | भोपाल (Bhopal) | दोपहर 12:01 से 12:52 तक | शाम 05:12 से 06:47 तक |
18 | पिंपरी-चिंचवड़ (Pimpri-Chinchwad) | दोपहर 12:11 से 01:02 तक | शाम 05:26 से 07:01 तक |
19 | पटना (Patna) | सुबह 11:29 से दोपहर 12:19 तक | शाम 04:42 से 06:17 तक |
20 | वडोदरा (Vadodara) | दोपहर 12:15 से 01:06 तक | शाम 05:27 से 07:02 तक |
21 | गाजियाबाद (Ghaziabad) | सुबह 11:57 से दोपहर 12:48 तक | शाम 05:11 से 06:48 तक |
22 | लुधियाना (Ludhiana) | दोपहर 12:04 से 12:56 तक | शाम 05:17 से 06:54 तक |
23 | आगरा (Agra) | सुबह 11:56 से दोपहर 12:47 तक | शाम 05:09 से 06:45 तक |
24 | नासिक (Nashik) | दोपहर 12:12 से 01:03 तक | शाम 05:23 से 06:58 तक |
25 | फरीदाबाद (Faridabad) | सुबह 11:58 से दोपहर 12:49 तक | शाम 05:12 से 06:48 तक |
26 | मेरठ (Meerut) | सुबह 11:56 से दोपहर 12:48 तक | शाम 05:10 से 06:47 तक |
27 | राजकोट (Rajkot) | दोपहर 12:24 से 01:15 तक | शाम 05:38 से 07:13 तक |
28 | वाराणसी (Varanasi) | सुबह 11:38 से दोपहर 12:29 तक | शाम 04:50 से 06:26 तक |
29 | श्रीनगर (Srinagar) | दोपहर 12:08 से 01:00 तक | शाम 05:16 से 06:53 तक |
30 | छत्रपति संभाजीनगर (Aurangabad) | दोपहर 12:08 से 12:58 तक | शाम 05:18 से 06:53 तक |
31 | धनबाद (Dhanbad) | सुबह 11:22 से दोपहर 12:12 तक | शाम 04:34 से 06:10 तक |
32 | अमृतसर (Amritsar) | दोपहर 12:08 से 01:00 तक | शाम 05:20 से 06:57 तक |
33 | नवी मुंबई (Navi Mumbai) | दोपहर 12:14 से 01:05 तक | शाम 05:28 से 07:03 तक |
34 | प्रयागराज (Prayagraj) | सुबह 11:42 से दोपहर 12:33 तक | शाम 04:54 से 06:30 तक |
35 | रांची (Ranchi) | सुबह 11:25 से दोपहर 12:16 तक | शाम 04:38 से 06:14 तक |
36 | हावड़ा (Howrah) | सुबह 11:15 से दोपहर 12:05 तक | शाम 04:31 से 06:07 तक |
37 | कोयंबटूर (Coimbatore) | दोपहर 12:01 से 12:51 तक | शाम 05:15 से 06:49 तक |
38 | जबलपुर (Jabalpur) | सुबह 11:53 से दोपहर 12:44 तक | शाम 05:04 से 06:39 तक |
39 | ग्वालियर (Gwalior) | सुबह 11:56 से दोपहर 12:48 तक | शाम 05:09 से 06:45 तक |
40 | विजयवाड़ा (Vijayawada) | सुबह 11:46 से दोपहर 12:37 तक | शाम 04:59 से 06:33 तक |
41 | जोधपुर (Jodhpur) | दोपहर 12:15 से 01:06 तक | शाम 05:29 से 07:05 तक |
42 | मदुरै (Madurai) | सुबह 11:56 से दोपहर 12:46 तक | शाम 05:13 से 06:47 तक |
43 | रायपुर (Raipur) | सुबह 11:43 से दोपहर 12:34 तक | शाम 04:57 से 06:31 तक |
44 | कोटा (Kota) | दोपहर 12:07 से 12:58 तक | शाम 05:20 से 06:56 तक |
45 | गुवाहाटी (Guwahati) | सुबह 10:53 से 11:44 तक | शाम 04:06 से 05:43 तक |
46 | चंडीगढ़ (Chandigarh) | दोपहर 12:01 से 12:52 तक | शाम 05:13 से 06:50 तक |
47 | सोलापुर (Solapur) | दोपहर 12:05 से 12:55 तक | शाम 05:19 से 06:53 तक |
48 | हुबली-धारवाड़ (Hubballi-Dharwad) | दोपहर 12:06 से 12:57 तक | शाम 05:18 से 06:52 तक |
49 | बरेली (Bareilly) | सुबह 11:51 से दोपहर 12:43 तक | शाम 05:05 से 06:41 तक |
50 | देहरादून (Dehradun) | सुबह 11:56 से दोपहर 12:48 तक | शाम 05:09 से 06:46 तक |
राहुकाल दिन का वह समय होता है जब नकारात्मक ऊर्जा (negative energy) थोड़ी ज़्यादा मानी जाती है।
क्या न करें (Don'ts): नया बिजनेस या कार्य शुरू न करें, नया सामान (जैसे कार या प्रॉपर्टी) न खरीदें, और पैसों से जुड़ा कोई बड़ा फैसला या हस्ताक्षर न करें।
अगर बहुत ज़रूरी काम हो तो क्या करें? (Remedy): अगर आपको राहुकाल के समय ही बाहर जाना पड़े, तो थोड़ा सा गुड़ खाकर, जल ग्रहण करके और भगवान सूर्य देव या अपने इष्ट देव का ध्यान करके घर से निकलें।
यह दिन का सबसे पवित्र और सकारात्मक समय (positive time) होता है।
इसमें क्या करें (Do's): नया काम शुरू करना, दुकान का उद्घाटन, नए कपड़े या गाड़ी की डिलीवरी लेना, और कोई ज़रूरी समझौता (deal) करना इस समय अत्यंत शुभ रहता है।
23 अगस्त 2026 को पवित्र भाद्रपद (भादों) महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है और दिन रविवार (Sunday) है। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी को 'पवित्रा एकादशी' या 'पुत्रदा एकादशी' के नाम से जाना जाता है।
वैदिक परंपरा में एकादशी का व्रत भगवान श्री हरि विष्णु की आराधना के लिए समर्पित होता है, और रविवार का दिन प्रत्यक्ष देवता भगवान सूर्य देव की पूजा का दिन माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ सूर्य देव को तांबे के पात्र से जल अर्पित करने और 'विष्णु सहस्रनाम' का पाठ करने से संतान सुख, आरोग्य, मान-सम्मान तथा पद-प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन के सभी पापों का नाश होकर अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
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