
यहां जानिए पोंगल पर घर, पूजा स्थल और प्रवेश द्वार को सजाने के आसान और आकर्षक आइडिया।
पोंगल के दौरान घर और आंगन की सजावट का खास महत्व होता है। रंगोली, फूलों और पारंपरिक सजावटी वस्तुओं से माहौल को खुशहाल बनाया जाता है। इस लेख में जानिए पोंगल में की जाने वाली सजावट के तरीके और उनका महत्व।
पोंगल का त्योहार दक्षिण भारत में बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार मुख्य रूप से सूर्य देव और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का पर्व है। पोंगल की रौनक केवल स्वादिष्ट पकवानों तक ही सीमित नहीं होती, बल्कि इस दौरान घरों की सजावट भी देखने लायक होती है। यदि आप इस बार पोंगल पर अपने घर को एक नया और पारंपरिक लुक देना चाहते हैं, तो यहाँ कुछ सरल और प्रभावी सजावट के आइडियाज़ दिए गए हैं।
पोंगल की सजावट की शुरुआत घर के मुख्य द्वार से होती है। दक्षिण भारत में ‘कोलम’ बनाना अनिवार्य माना जाता है। इसे चावल के आटे या चॉक पाउडर से बनाया जाता है।
पारंपरिक डिजाइन: पोंगल के लिए कोलम में विशेष रूप से सूर्य देव, मिट्टी का बर्तन (पोंगल पानई) और गन्ने के चित्र बनाए जाते हैं।
फूलों वाली रंगोली: यदि आप कोलम को और अधिक सुंदर बनाना चाहते हैं, तो इसके चारों ओर गेंदे या गुलाब की पंखुड़ियों का उपयोग करें। यह न केवल सुंदर दिखता है बल्कि घर में भीनी-भीनी खुशबू भी फैलाता है।
गन्ना और कच्ची हल्दी पोंगल के त्योहार के मुख्य प्रतीक हैं। इनकी मदद से आप घर को एक असली ग्रामीण और पारंपरिक रूप दे सकते हैं।
गन्ने के खंभे: घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर दो लंबे गन्ने खड़े करें और उन्हें ऊपर से बांध दें। यह पोंगल की सबसे पुरानी और सबसे प्रभावशाली सजावट मानी जाती है।
मिट्टी के बर्तन पर हल्दी: जिस बर्तन में आप पोंगल पकाते हैं, उसके गले पर कच्ची हल्दी के पौधे को लाल धागे या मौली से बांधें। यह देखने में बहुत शुभ और सुंदर लगता है।
भारतीय त्योहारों में आम के पत्तों को बहुत शुभ माना जाता है।
चूंकि पोंगल का अर्थ ही ‘उबलना’ है और इसे मिट्टी के बर्तनों में पकाया जाता है, इसलिए इन बर्तनों की सजावट बहुत मायने रखती है।
यदि आप घर के अंदर सजावट करना चाहते हैं, तो फूलों की लड़ियाँ सबसे अच्छा विकल्प हैं।
पोंगल पर रोशनी का भी अपना महत्व है। पीतल के पारंपरिक लैंप या दीये घर की शोभा बढ़ाते हैं।
पोंगल पर मेहमानों का आना-जाना लगा रहता है, इसलिए डाइनिंग टेबल की सजावट भी खास होनी चाहिए।
केले के पत्ते: भोजन परोसने के लिए प्लेटों के बजाय केले के पत्तों का उपयोग करें। यह न केवल पारंपरिक है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा है।
सेंटरपीस: मेज के बीच में एक छोटा सा सजाया हुआ मिट्टी का बर्तन रखें और उसमें कुछ ताजे फूल भर दें।
पोंगल की सजावट केवल घर को सजाने का तरीका नहीं है, बल्कि यह हमारी जड़ों और संस्कृति से जुड़ने का एक माध्यम है। सरल चीजों जैसे फूलों, पत्तों और मिट्टी के बर्तनों का उपयोग करके आप अपने घर को एक ऐसा रूप दे सकते हैं जो शांति और खुशी प्रदान करे।
याद रखें, पोंगल प्रकृति का त्योहार है, इसलिए जितनी प्राकृतिक चीजों का उपयोग करेंगे, सजावट उतनी ही जीवंत लगेगी। इन आसान आइडियाज़ को अपनाकर आप इस पोंगल को अपने और अपने परिवार के लिए यादगार बना सकते हैं।
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