आज का पंचांग 8 जुलाई 2026
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आज का पंचांग 8 जुलाई 2026

यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।

आज के पंचांग के बारे में

दिनभर के महत्वपूर्ण कार्यों की योजना बनाते समय पंचांग एक उपयोगी मार्गदर्शक माना जाता है। 8 जुलाई 2026 के पंचांग में आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, तिथि, नक्षत्र और अन्य आवश्यक ज्योतिषीय समय का संपूर्ण विवरण पढ़ें।

आज का पंचांग 8 जुलाई 2026 | Aaj Ka Panchang 8th July 2026

8 जुलाई 2026 का पंचांग आपके पूरे दिन की धार्मिक और ज्योतिषीय गतिविधियों की योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। आज कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और बुधवार का संयोग है। दिनभर में तिथि, नक्षत्र, योग, करण, शुभ मुहूर्त, राहुकाल तथा ग्रहों की स्थिति में होने वाले प्रभाव को ध्यान में रखकर आप अपने आवश्यक कार्यों को अधिक व्यवस्थित ढंग से तय कर सकते हैं। आइए जानते हैं 8 जुलाई 2026 के पंचांग की संपूर्ण जानकारी।

आज का पंचांग

विवरणजानकारी
तिथिकृष्ण पक्ष अष्टमी (12:23 PM तक)
वारबुधवार
पूर्णिमांत मासआषाढ़
अमांत मासज्येष्ठ
विक्रम संवत2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत1948 (प्रभाउ)
ऋतुग्रीष्म
अयनउत्तरायण
सूर्योदय05:15
सूर्यास्त18:53
चंद्रोदय00:04
चंद्रास्त12:33
नक्षत्ररेवती (3:55 PM तक)
योगअतिगण्ड (12:38 PM तक)
करणकौलव (12:17 PM तक)
अभिजीत मुहूर्त11:37 AM से 12:31 PM
राहुकाल12:04 PM से 1:46 PM
गुलिक काल10:21 AM से 12:04 PM
यमघण्टकाल6:57 AM से 8:39 AM
दिशाशूलउत्तर
सूर्य राशिमिथुन
चंद्र राशिमीन
चंद्र निवासउत्तर

तिथि और वार का महत्व

आज कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि दोपहर 12:23 PM तक प्रभावी रहेगी, जिसके बाद नवमी तिथि आरंभ होगी। अष्टमी तिथि को साधना, आत्मचिंतन, देवी-देवताओं की उपासना और आध्यात्मिक कार्यों के लिए विशेष माना जाता है।

आज बुधवार है। यह दिन बुध ग्रह से संबंधित होने के कारण शिक्षा, लेखन, व्यापार, संचार और नए ज्ञान प्राप्त करने के प्रयासों के लिए अनुकूल माना जाता है। महत्वपूर्ण वार्तालाप और योजनाओं पर विचार करने के लिए भी यह दिन अच्छा माना जाता है।

मास, संवत और काल गणना

आज पूर्णिमांत परंपरा के अनुसार आषाढ़ मास चल रहा है, जबकि अमांत पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास प्रभावी है। दोनों पंचांग प्रणालियों का उपयोग भारत के विभिन्न क्षेत्रों में परंपरा के अनुसार किया जाता है।

आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) तथा शक संवत 1948 (प्रभाउ) चल रहा है। धार्मिक अनुष्ठानों, व्रत और शुभ कार्यों में इन संवतों का विशेष महत्व माना जाता है।

ऋतु और अयन

इस समय ग्रीष्म ऋतु का प्रभाव बना हुआ है। मौसम में धीरे-धीरे परिवर्तन के संकेत दिखाई दे रहे हैं और वर्षा ऋतु के आगमन का वातावरण बनने लगता है।

वर्तमान में उत्तरायण काल चल रहा है। धार्मिक दृष्टि से यह समय शुभ माना जाता है तथा अनेक मांगलिक कार्यों के लिए उपयुक्त समझा जाता है।

सूर्य और चंद्रमा का समय

आज सूर्योदय 5:15 AM पर तथा सूर्यास्त 6:53 PM पर होगा। इन समयों के अनुसार आप पूजा, दैनिक कार्य और अन्य आवश्यक गतिविधियों की योजना बना सकते हैं।

आज चंद्रोदय 12:04 AM पर और चंद्रास्त 12:33 PM पर होगा। चंद्रमा मीन राशि में स्थित रहेगा तथा उसका निवास उत्तर दिशा में माना गया है।

नक्षत्र, योग और करण

आज रेवती नक्षत्र 3:55 PM तक रहेगा। रेवती नक्षत्र को शुभता, यात्रा, नई शुरुआत, दया और सकारात्मक सोच से जोड़कर देखा जाता है। इसके बाद अगला नक्षत्र प्रभावी होगा।

आज अतिगण्ड योग 12:38 PM तक रहेगा। पंचांग के अनुसार किसी भी कार्य से पहले योग की स्थिति का ध्यान रखना लाभकारी माना जाता है।

आज का कौलव करण 12:17 PM तक रहेगा। करण को दैनिक कार्यों की सफलता, निर्णय क्षमता और कार्यों की गति से संबंधित माना जाता है।

शुभ और अशुभ समय

आज अभिजीत मुहूर्त 11:37 AM से 12:31 PM तक रहेगा। यदि किसी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत करनी हो तो इस समय को उपयोगी माना जाता है।

  • राहुकाल: 12:04 PM से 1:46 PM

  • गुलिक काल: 10:21 AM से 12:04 PM

  • यमघण्टकाल: 6:57 AM से 8:39 AM

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इन समयों में नए एवं अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य प्रारंभ करने से बचना उचित माना जाता है।

दिशाशूल और राशि

आज दिशाशूल उत्तर दिशा में रहेगा। यदि उत्तर दिशा की यात्रा आवश्यक हो, तो पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार उचित सावधानी बरतना लाभकारी माना जाता है।

आज सूर्य मिथुन राशि में और चंद्रमा मीन राशि में स्थित हैं। इन ग्रह स्थितियों का प्रभाव दिनभर की ज्योतिषीय परिस्थितियों तथा विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले सामान्य प्रभावों में देखा जाता है।

यदि आप दिनभर के कार्यों को सही समय पर पूरा करना चाहते हैं, तो पंचांग में बताए गए शुभ मुहूर्त का उपयोग करें और राहुकाल जैसे अशुभ समय का ध्यान रखें। इससे आप अपने दैनिक, धार्मिक और महत्वपूर्ण कार्यों की बेहतर योजना बना सकते हैं।

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Published by Sri Mandir·July 7, 2026

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