
यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल, सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रमा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सरल भाषा में दी गई है।
30 मई का दिन धार्मिक दृष्टि से क्या महत्व रखता है और कौन-से समय विशेष माने गए हैं? पंचांग आपको दिनभर के महत्वपूर्ण मुहूर्त और ज्योतिषीय जानकारियों से अवगत कराता है। आइए देखते हैं 30 मई का पंचांग।
30 मई 2026 का दिन पंचांग के अनुसार शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि के अंतर्गत आता है और यह दिन शनिवार का है। इस दिन के प्रमुख पंचांग तत्व जैसे तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्य और चंद्रमा की स्थिति दिन के प्रभाव और महत्व को निर्धारित करते हैं। पंचांग का उपयोग शुभ-अशुभ समय जानने, धार्मिक कार्यों की योजना बनाने और दैनिक जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों को सही समय पर लेने के लिए किया जाता है।
विवरण | जानकारी |
तिथि | शुक्ल पक्ष चतुर्दशी (सुबह 11:59 बजे तक) |
वार | शनिवार |
पूर्णिमांत मास | ज्येष्ठ |
अमांत मास | ज्येष्ठ |
विक्रम संवत | 2083 (सिद्धार्थ) |
शक संवत | 1948 (प्रभाउ) |
ऋतु | ग्रीष्म |
अयन | उत्तरायण |
सूर्योदय | 05:09 |
सूर्यास्त | 18:44 |
चंद्रोदय | 18:04 |
चंद्रास्त | 03:58 |
चंद्र राशि | तुला |
चंद्र स्थिति | पश्चिम |
नक्षत्र | विशाखा (दोपहर 1:21 बजे तक) |
योग | शिव (सुबह 5:25 बजे तक) |
करण | वणिज (सुबह 11:59 बजे तक) |
अभिजीत मुहूर्त | 11:29 AM से 12:23 PM |
राहु काल | 8:33 AM से 10:14 AM |
गुलिक काल | 5:09 AM से 6:51 AM |
यमगंड काल | 1:38 PM से 3:20 PM |
दिशाशूल | पूर्व |
सूर्य राशि | वृष |
चंद्र राशि | तुला |
आज की तिथि शुक्ल पक्ष चतुर्दशी है, जो सुबह 11:59 बजे तक रहेगी। इसके बाद अगली तिथि प्रारंभ हो जाएगी। चतुर्दशी तिथि को विशेष रूप से पूजा-पाठ और आध्यात्मिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
आज शनिवार है, जो भगवान शनि देव को समर्पित माना जाता है। इस दिन शनि पूजा, दान और संयम से जुड़े कार्यों का विशेष महत्व माना जाता है।
आज अमांत और पूर्णिमांत दोनों परंपराओं के अनुसार ज्येष्ठ मास चल रहा है। भारतीय पंचांग की विभिन्न मान्यताओं में मास की गणना अलग-अलग पद्धतियों से की जाती है।
संवत्सर के अनुसार आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) और शक संवत 1948 (प्रभाउ) है। भारतीय कालगणना में इन संवतों का विशेष महत्व होता है।
आज ग्रीष्म ऋतु का प्रभाव बना हुआ है। यह समय गर्म मौसम और वातावरण में बदलाव का माना जाता है।
अयन के अनुसार वर्तमान समय उत्तरायण है। धार्मिक दृष्टि से उत्तरायण को शुभ और सकारात्मक ऊर्जा वाला काल माना जाता है।
आज सूर्योदय सुबह 5:09 बजे होगा और सूर्यास्त शाम 6:44 बजे। ये समय दैनिक कार्यों और पूजा-पाठ के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
चंद्रमा का उदय शाम 6:04 बजे और अस्त रात 3:58 बजे होगा। आज चंद्रमा तुला राशि में स्थित है और इसका निवास पश्चिम दिशा में माना गया है। चंद्रमा की स्थिति मानसिक और भावनात्मक प्रभावों को दर्शाती है।
आज विशाखा नक्षत्र दोपहर 1:21 बजे तक रहेगा, जिसके बाद अगला नक्षत्र प्रारंभ होगा। विशाखा नक्षत्र को लक्ष्य प्राप्ति और प्रगति का प्रतीक माना जाता है।
आज शिव योग सुबह 5:25 बजे तक रहेगा। पंचांग में शिव योग को शुभ और सकारात्मक परिणाम देने वाला योग माना जाता है।
करण के रूप में वणिज करण सुबह 11:59 बजे तक रहेगा। करण कार्यों की प्रकृति और उनके प्रभाव को समझने में महत्वपूर्ण माना जाता है।
आज का अभिजीत मुहूर्त 11:29 AM से 12:23 PM तक रहेगा, जिसे दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है।
राहु काल: 8:33 AM से 10:14 AM
गुलिक काल: 5:09 AM से 6:51 AM
यमगंड काल: 1:38 PM से 3:20 PM
इन समयों में नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए।
आज दिशाशूल पूर्व दिशा में है, इसलिए इस दिशा में यात्रा करते समय सावधानी बरतना शुभ माना जाता है।
सूर्य की राशि वृष है और चंद्र राशि तुला है। ग्रहों की यह स्थिति दिन के ज्योतिषीय प्रभाव को निर्धारित करती है।
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जानें आज का पंचांग, तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल, सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रमा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी।

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