आज का पंचांग 3 अगस्त 2026
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आज का पंचांग 3 अगस्त 2026

यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।

आज के पंचांग के बारे में

दिनभर के शुभ-अशुभ समय, तिथि, नक्षत्र और अन्य आवश्यक ज्योतिषीय विवरण शामिल हैं। कई लोग अपने महत्वपूर्ण कार्यों से पहले इन जानकारियों को देखना पसंद करते हैं। आइए जानते हैं आज का पंचांग क्या संकेत दे रहा है।

आज का पंचांग 3 अगस्त 2026 | Aaj Ka Panchang 3rd August 2026

3 अगस्त 2026 का दिन धार्मिक आस्था और दैनिक जीवन की व्यस्तताओं के बीच संतुलन बनाने का अवसर लेकर आया है। आज कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है और श्रावण मास का पहला सोमवार भी है, जिसे भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि आप पूजा, व्रत, यात्रा या किसी नए कार्य की योजना बना रहे हैं, तो आज का पंचांग आपको दिन के शुभ-अशुभ समय और प्रमुख ज्योतिषीय संकेतों की स्पष्ट जानकारी प्रदान करेगा।

आज का पंचांग

विवरणजानकारी
तिथिकृष्ण पक्ष पंचमी (10:55 PM तक)
वारसोमवार
पूर्णिमांत मासश्रावण
अमांत मासआषाढ़
विक्रम संवत2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत1948 (प्रभाउ)
ऋतुवर्षा
अयनदक्षिणायन
सूर्योदय05:27
सूर्यास्त18:43
चंद्रोदय21:30
चंद्रास्त09:30
नक्षत्रउत्तर भाद्रपद (10:01 PM तक)
योगसुकर्मा (9:14 PM तक)
करणकौलव (11:05 AM तक)
अभिजीत मुहूर्त11:39 AM से 12:31 PM
राहुकाल7:06 AM से 8:46 AM
गुलिक काल1:44 PM से 3:24 PM
यमघण्टकाल10:25 AM से 12:05 PM
दिशाशूलपूर्व
सूर्य राशिकर्क
चंद्र राशिमीन
चंद्र निवासउत्तर

तिथि और वार का प्रभाव

आज कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि रात्रि 10:55 PM तक रहेगी। पंचमी तिथि को सीखने, अनुशासन बनाए रखने और नियमित कार्यों को व्यवस्थित करने के लिए अनुकूल माना जाता है। आज का दिन अधूरे कार्यों को पूरा करने और नई योजनाओं की तैयारी के लिए भी उपयोगी हो सकता है।

आज सोमवार है और श्रावण मास का सोमवार होने के कारण इसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है। भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक और व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालु इस दिन शिव आराधना के माध्यम से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की कामना करते हैं।

मास, संवत और काल गणना

आज पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार श्रावण मास चल रहा है, जबकि अमांत परंपरा के अनुसार आषाढ़ मास प्रभावी है। भारतीय पंचांग की दोनों प्रणालियों में मास निर्धारण की पद्धति अलग होने के कारण यह अंतर सामान्य माना जाता है।

आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) तथा शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। धार्मिक अनुष्ठानों, पर्व-त्योहारों और शुभ मुहूर्त की गणना में इन दोनों संवतों का विशेष महत्व है।

ऋतु और अयन

इस समय वर्षा ऋतु का प्रभाव बना हुआ है। मौसम में ठंडक, हरियाली और वर्षा का वातावरण प्रकृति के साथ-साथ धार्मिक आयोजनों में भी विशेष उत्साह का अनुभव कराता है।

अयन की दृष्टि से वर्तमान में दक्षिणायन चल रहा है। भारतीय परंपरा में यह समय आत्मचिंतन, साधना और आध्यात्मिक अभ्यास के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

सूर्य और चंद्रमा का समय

आज सूर्योदय 5:27 AM पर तथा सूर्यास्त 6:43 PM पर होगा। दिन के इन समयों को ध्यान में रखते हुए आप अपने आवश्यक कार्यों, पूजा और अन्य योजनाओं को व्यवस्थित कर सकते हैं।

आज चंद्रोदय 9:30 PM पर तथा चंद्रास्त 9:30 AM पर होगा। चंद्रमा मीन राशि में स्थित रहेगा तथा उसका निवास उत्तर दिशा में माना गया है, जो आज की पंचांग गणना का महत्वपूर्ण भाग है।

नक्षत्र, योग और करण

आज उत्तर भाद्रपद नक्षत्र रात्रि 10:01 PM तक रहेगा। यह नक्षत्र धैर्य, स्थिरता और गंभीर विचारों से जुड़ा माना जाता है। इसके बाद अगला नक्षत्र प्रभावी होगा।

आज सुकर्मा योग रात्रि 9:14 PM तक रहेगा। पंचांग में इस योग को योजनाबद्ध कार्यों, जिम्मेदारियों के निर्वहन और सकारात्मक प्रयासों के लिए अनुकूल माना जाता है।

आज कौलव करण सुबह 11:05 AM तक रहेगा। करण को दैनिक कार्यों की गति और सफलता के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

शुभ और अशुभ समय

आज अभिजीत मुहूर्त 11:39 AM से 12:31 PM तक रहेगा। यह समय महत्वपूर्ण और शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए उपयुक्त माना जाता है।

  • राहुकाल: 7:06 AM से 8:46 AM

  • गुलिक काल: 1:44 PM से 3:24 PM

  • यमघण्टकाल: 10:25 AM से 12:05 PM

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इन समयों में नए और अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करने से बचना उचित माना जाता है।

दिशाशूल और राशि

आज दिशाशूल पूर्व दिशा में रहेगा। यदि पूर्व दिशा की यात्रा आवश्यक हो, तो पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार उचित सावधानी रखने की सलाह दी जाती है।

आज सूर्य कर्क राशि में तथा चंद्रमा मीन राशि में स्थित हैं। इन दोनों ग्रहों की स्थिति दिन के ज्योतिषीय प्रभाव और पंचांग की गणनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

निष्कर्ष

हर दिन की अपनी अलग गति और महत्व होता है। आज का पंचांग केवल शुभ-अशुभ समय की जानकारी ही नहीं देता, बल्कि यह भी संकेत करता है कि सही समय पर सही योजना बनाकर दिन को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकता है। यदि आप आज के कार्यों को पंचांग के अनुसार संतुलित ढंग से निर्धारित करते हैं, तो पूरे दिन की दिनचर्या अधिक सहज, अनुशासित और उद्देश्यपूर्ण रह सकती है।

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Published by Sri Mandir·July 30, 2026

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