
17 जून 2026 के पंचांग में पढ़ें सूर्योदय, सूर्यास्त, तिथि और शुभ-अशुभ समय से जुड़ी जानकारी।
17 जून 2026 के पंचांग में ऐसे कई संकेत छिपे हैं, जिन्हें लोग शुभ समय से जोड़कर देखते हैं। आइए जानते हैं आज के दिन का ज्योतिषीय हाल और महत्वपूर्ण समय।
पंचांग के अनुसार 17 जून 2026 का दिन शुभ योगों और सकारात्मक ग्रह स्थितियों से प्रभावित रहेगा। आज पुनर्वसु नक्षत्र और ध्रुव योग का प्रभाव मानसिक संतुलन और योजनाओं में स्थिरता प्रदान कर सकता है। वहीं शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मांगलिक कार्यों के लिए भी अच्छा माना जाता है। आज महाराणा प्रताप जयन्ती भी मनाई जाएगी, जिससे इस दिन का सांस्कृतिक महत्व और बढ़ जाता है। आइए जानते हैं आज का विस्तृत पंचांग, शुभ समय और किन कार्यों में सावधानी रखनी चाहिए।
विवरण | जानकारी |
तिथि | शुक्ल पक्ष तृतीया (9:39 PM तक) |
वार | बुधवार |
पूर्णिमांत मास | ज्येष्ठ |
अमांत मास | ज्येष्ठ |
विक्रम संवत | 2083 (सिद्धार्थ) |
शक संवत | 1948 (प्रभाउ) |
ऋतु | ग्रीष्म |
अयन | उत्तरायण |
सूर्योदय | 05:08 |
सूर्यास्त | 18:51 |
चंद्रोदय | 07:13 |
चंद्रास्त | 21:19 |
नक्षत्र | पुनर्वसु (1:38 PM तक) |
योग | ध्रुव (8:51 PM तक) |
करण | तैतिल (11:16 AM तक) |
अभिजीत मुहूर्त | 11:33 AM से 12:27 PM |
राहुकाल | 12:00 PM से 1:43 PM |
गुलिक काल | 10:17 AM से 12:00 PM |
यमघण्टकाल | 6:51 AM से 8:34 AM |
दिशाशूल | उत्तर |
सूर्य राशि | मिथुन |
चंद्र राशि | मिथुन |
चंद्र निवास | पश्चिम |
आज शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है, जो रात 9:39 PM तक प्रभावी रहेगी। तृतीया तिथि को शुभ कार्यों, नए आरंभ और मांगलिक योजनाओं के लिए अनुकूल माना जाता है। यह तिथि मानसिक उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाली मानी जाती है।
आज बुधवार का दिन है, जो भगवान गणेश और बुध ग्रह से संबंधित माना जाता है। यह दिन बुद्धि, व्यापार, शिक्षा और संवाद से जुड़े कार्यों के लिए शुभ समझा जाता है।
आज महाराणा प्रताप जयन्ती मनाई जाएगी। यह दिन वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक महाराणा प्रताप की स्मृति को समर्पित है। कई स्थानों पर इस अवसर पर विशेष कार्यक्रम और श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जाती हैं।
आज अमांत और पूर्णिमांत दोनों पंचांगों के अनुसार ज्येष्ठ मास चल रहा है। ज्येष्ठ मास को तप, दान और धार्मिक साधना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
आज का विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) और शक संवत 1948 (प्रभाउ) है। भारतीय कालगणना में इन संवत्सरों का विशेष महत्व माना जाता है।
इस समय ग्रीष्म ऋतु का प्रभाव बना हुआ है। गर्मी के मौसम में सूर्य का प्रभाव अधिक रहता है और दिन अपेक्षाकृत लंबे होते हैं।
वर्तमान में उत्तरायण काल चल रहा है, जिसे धार्मिक दृष्टि से शुभ और उन्नति देने वाला समय माना जाता है।
आज सूर्योदय सुबह 5:08 AM बजे और सूर्यास्त शाम 6:51 PM बजे होगा। दिन की अवधि धार्मिक अनुष्ठानों और दैनिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त मानी जा रही है।
चंद्रमा का उदय सुबह 7:13 AM बजे और चंद्रास्त रात 9:19 PM बजे होगा। आज चंद्रमा मिथुन राशि में स्थित रहेगा, जिससे संचार, विचार और सामाजिक गतिविधियों में सक्रियता बढ़ सकती है।
आज पुनर्वसु नक्षत्र दोपहर 1:38 PM तक रहेगा। पुनर्वसु नक्षत्र को पुनर्निर्माण, आशा और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक माना जाता है।
ध्रुव योग रात 8:51 PM तक रहेगा। यह योग स्थिरता और दीर्घकालिक योजनाओं के लिए शुभ माना जाता है।
करण के रूप में तैतिल करण सुबह 11:16 AM तक रहेगा। यह करण व्यावहारिक और योजनाबद्ध कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।
आज का अभिजीत मुहूर्त 11:33 AM से 12:27 PM तक रहेगा। यह समय महत्वपूर्ण और शुभ कार्यों के लिए लाभकारी माना जाता है।
आज के अशुभ समय इस प्रकार हैं:
राहुकाल: 12:00 PM से 1:43 PM
गुलिक काल: 10:17 AM से 12:00 PM
यमघण्टकाल: 6:51 AM से 8:34 AM
इन समयों में नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करने से बचना बेहतर माना जाता है।
आज दिशाशूल उत्तर दिशा में है। इसलिए उत्तर दिशा की यात्रा करते समय सावधानी रखना शुभ माना जाता है।
सूर्य मिथुन राशि में और चंद्रमा भी मिथुन राशि में स्थित हैं। ग्रहों की यह स्थिति संचार, सीखने और सामाजिक संबंधों को प्रभावित कर सकती है।
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