11 जून 2026 को क्या है?
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11 जून 2026 को क्या है? | 11 June 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

हर दिन की तरह 11 जून 2026 का पंचांग भी तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति के आधार पर विशेष जानकारी देता है। इस दिन कौन-से संयोग बन रहे हैं और इसका क्या महत्व बताया गया है, आइए जानते हैं।

11 जून 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 11 जून 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से क्यों इतना विशेष माना जा रहा है? 11 जून 2026, गुरुवार के दिन ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है (रात 10:37 PM तक)। इस दिन परम एकादशी का पावन व्रत रखा जाएगा, जिसे भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने और पापों से मुक्ति पाने के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। साथ ही शोभन योग और रेवती नक्षत्र का संयोग इस दिन को पूजा-पाठ, व्रत और आध्यात्मिक साधना के लिए और भी मंगलकारी बना रहा है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष एकादशी – 10:37 PM तक
  • वार: गुरुवार
  • नक्षत्र: रेवती – 8:14 AM तक
  • योग: शोभन – 1:00 AM तक
  • करण: बव – 11:47 AM तक
  • मास (अमांत): ज्येष्ठ
  • मास (पूर्णिमांत): ज्येष्ठ
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: वृष
  • चंद्र राशि: मीन
  • ऋतु: ग्रीष्म
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: दक्षिण
  • चंद्र निवास: उत्तर

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:31 AM से 12:25 PM
  • राहुकाल: 1:41 PM से 3:24 PM
  • गुलिक काल: 8:33 AM से 10:16 AM
  • यमघण्ट काल: 5:08 AM से 6:50 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 5:08 AM
  • सूर्यास्त: 6:49 PM
  • चंद्रोदय: 1:30 AM
  • चंद्रास्त: 2:46 PM

धार्मिक महत्व

11 जून 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। परम एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इसे सभी एकादशियों में विशेष फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत, पूजा और विष्णु मंत्र जाप करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। रेवती नक्षत्र और शोभन योग का संयोग इस दिन को दान-पुण्य, ध्यान और आध्यात्मिक कार्यों के लिए शुभ बनाता है।

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ एवं पीले वस्त्र धारण करें।
  • भगवान विष्णु का ध्यान कर व्रत का संकल्प लें।
  • भगवान विष्णु को तुलसी दल, पीले पुष्प और पंचामृत अर्पित करें।
  • “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
  • विष्णु सहस्रनाम या श्री हरि स्तोत्र का पाठ करें।
  • जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र और फल का दान करें।
  • शाम के समय घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु की आरती करें।

निष्कर्ष

11 जून 2026 का दिन व्रत, पूजा-पाठ और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। परम एकादशी, रेवती नक्षत्र और शोभन योग का संयोग इस दिन को और भी विशेष बनाता है। श्रद्धा और नियमपूर्वक भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

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Published by Sri Mandir·May 20, 2026

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