इस्कॉन मंदिर चंडीगढ़
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इस्कॉन मंदिर चंडीगढ़

क्या आप जानना चाहते हैं चंडीगढ़ इस्कॉन मंदिर कब जाएं? कहाँ है? क्या देखें? फोटो और पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें

इस्कॉन मंदिर चंडीगढ़ के बारे में

इस्कॉन मंदिर चंडीगढ़, राधा-कृष्ण को समर्पित एक सुंदर जगह है, जहाँ रोज भजन-कीर्तन, आरती और प्रसाद से मन को खास शांति मिलती है। इस आर्टिकल में आप जानेंगे इसके दर्शन समय, यहाँ के खास आयोजन और इस मंदिर की भक्ति से भरी खासियतें।

इस्कॉन मंदिर चंडीगढ़ कहां है?

चंडीगढ़ के सेक्टर-36B में स्थित इस्कॉन मंदिर दक्षिण मार्ग पर स्थित है। यह मंदिर शहर के केंद्र में होने के कारण स्थानीय श्रद्धालुओं और बाहर से आने वाले भक्तों के लिए आसानी से पहुँचने योग्य है। इसकी शांत और विशाल उपस्थिति शहर के सुनियोजित डिज़ाइन में एक आध्यात्मिक आयाम जोड़ती है।

इस्कॉन चंडीगढ़ का इतिहास और स्थापना

इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (ISKCON) की स्थापना 1966 में अभय चरणारविंद भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद (श्रील प्रभुपाद) ने न्यूयॉर्क में की थी। उनका उद्देश्य था भगवद गीता और श्रीमद्भागवतम् के शाश्वत ज्ञान को पूरे विश्व में फैलाना और कृष्ण चेतना का प्रचार करना।

श्रील प्रभुपाद ने 1976 में चंडीगढ़ का दौरा किया था। अपनी यात्रा के दौरान, उन्होंने शहर के शिक्षित नागरिकों को कृष्ण भावनामृत का अभ्यास करके अपने जीवन को अधिक सुखी और शांतिपूर्ण बनाने में मदद करने के लिए यहाँ एक वैदिक शैक्षिक संस्थान की स्थापना की इच्छा व्यक्त की। इसी प्रेरणा के साथ, 1979 में, चंडीगढ़ के सेक्टर 36-B में, शहर के मध्य में 3 एकड़ भूमि पर इस्कॉन ने एक नियमित वैदिक संस्थान और मंदिर की स्थापना की। तब से, यह मंदिर चंडीगढ़ में भक्ति, शिक्षा और सांस्कृतिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है, जो ‘हरे कृष्ण आंदोलन’ की शिक्षाओं को आगे बढ़ा रहा है।

मंदिर की विशेषताएँ और वास्तुकला

इस्कॉन चंडीगढ़ मंदिर की वास्तुकला और आंतरिक सज्जा बेहद आकर्षक और प्रेरणादायक है, जो पारंपरिक भारतीय मंदिर शैली से प्रेरित है:

  • भव्य संरचना: यह मंदिर पारंपरिक हिंदू स्थापत्य शैली में बना है, जिसमें एक विशाल ऊँचा गुंबद और कई छोटे गुंबद शामिल हैं। सफेद संगमरमर से निर्मित यह मंदिर दूर से ही अपनी भव्यता का आभास कराता है।
  • आंतरिक सज्जा: मंदिर के आंतरिक भाग को मनमोहक चित्रों, जटिल नक्काशी और मूर्तियों से सजाया गया है, जो समृद्ध भारतीय संस्कृति और पौराणिक कथाओं को दर्शाते हैं। यहाँ की दीवारें और छतें भगवान कृष्ण और राधा रानी की लीलाओं को जीवंत करती हैं।
  • शांत वातावरण: मंदिर परिसर में एक बड़ा बगीचा और जल निकाय भी है, जो इसके सौंदर्य को बढ़ाता है और आगंतुकों को शांति का अनुभव कराता है। मुख्य हॉल में भगवान कृष्ण की एक बड़ी और मनमोहक मूर्ति स्थापित है।
  • विशाल प्रार्थना हॉल: मंदिर में एक विशाल प्रार्थना हॉल है, जिसे उत्तरी भारत के सबसे बड़े मंदिरों में से एक माना जाता है। यहाँ एक साथ कई भक्त बैठकर कीर्तन और प्रवचनों में भाग ले सकते हैं।
  • अन्य सुविधाएँ: मंदिर परिसर में एक गेस्ट हाउस, पुजारियों के लिए बड़े कमरे और विभिन्न धार्मिक पुस्तकें व कलाकृतियाँ खरीदने के लिए दुकानें भी हैं।

इस्कॉन चंडीगढ़ दर्शन और आरती टाइमिंग

इस्कॉन चंडीगढ़ में दिन भर भगवान श्री राधा माधव की पूजा और आरती होती रहती है, जिससे भक्त हर समय आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव कर सकें।

मंदिर खुलने का समय

  • सुबह: 4:30 AM से 12:45 PM तक
  • सायं: 4:15 PM से 8:30 PM तक

मुख्य आरती और दर्शन का समय

  • मंगला आरती: सुबह 4:30 AM
  • शृंगार दर्शन/गुरु पूजा: सुबह 7:15 AM
  • राजभोग आरती: दोपहर 12:00 PM
  • धूप आरती: सायं 4:15 PM
  • संध्या आरती: सायं 7:00 PM
  • शयन आरती: रात 8:00 PM

यहाँ मनाए जाने वाले प्रमुख उत्सव

इस्कॉन चंडीगढ़ में साल भर कुछ प्रमुख हिंदू त्योहारों को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है:

  • जन्माष्टमी: भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव, यह मंदिर का सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है। इस दिन यहाँ रात भर भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और मध्यरात्रि में अभिषेक होता है।
  • राधाष्टमी: राधा रानी का जन्मोत्सव, यह भी बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।
  • रथ यात्रा: भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की भव्य रथ यात्रा शहर की सड़कों पर निकाली जाती है, जिसमें हजारों भक्त शामिल होते हैं।
  • होली: रंगों का त्योहार होली भी यहाँ विशेष रूप से मनाया जाता है, जिसमें फूलों और गुलाल से होली खेली जाती है।
  • दीपावली: प्रकाश का यह त्योहार भी मंदिर में विशेष पूजा और रोशनी के साथ मनाया जाता है।
  • गौर पूर्णिमा: भगवान चैतन्य महाप्रभु का जन्मोत्सव भी यहाँ भक्तिपूर्ण माहौल में मनाया जाता है।

इन त्योहारों के अलावा, मंदिर नियमित रूप से भगवद गीता पर प्रवचन, योग और ध्यान कक्षाएं, और मुफ्त प्रसाद (भोजन) वितरण जैसी सेवाएं प्रदान करता है।

इस्कॉन चंडीगढ़ शहर के केंद्र में होने के कारण, यहाँ तक पहुँचना बेहद सुविधाजनक है:

  • सड़क मार्ग: चंडीगढ़ का बस टर्मिनल इस्कॉन मंदिर से लगभग 3.6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहाँ से मंदिर तक पहुँचने के लिए आप स्थानीय बस, ऑटो-रिक्शा या टैक्सी जैसी सुविधाओं का सरलता से लाभ उठा सकते हैं।
  • रेल मार्ग: चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन मंदिर से लगभग 10 किमी दूर है। स्टेशन से ऑटो-रिक्शा या टैक्सी किराए पर लेकर लगभग 30 मिनट में मंदिर पहुंचा जा सकता है।
  • हवाई मार्ग: चंडीगढ़ अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा मंदिर से लगभग 11 किमी दूर है। हवाई अड्डे से प्रीपेड टैक्सी या कैब बुक करके मंदिर तक आसानी से पहुँचा जा सकता है।

चंडीगढ़ का इस्कॉन मंदिर शहर की भागदौड़ में शांति और भक्ति का केंद्र है। यह भगवान कृष्ण के भक्तों के साथ-साथ उन लोगों के लिए भी आश्रय है जो आध्यात्मिक शांति की तलाश में हैं। इसकी सुंदर वास्तुकला, नियमित आरतियाँ और त्योहार इसे एक प्रमुख धार्मिक स्थल बनाते हैं।

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Published by Sri Mandir·July 10, 2025

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