
इस लेख में जानिए 2026 में अधिक पूर्णिमा व्रत की तिथि, इसका धार्मिक महत्व, व्रत विधि और इस दिन किए जाने वाले खास उपायों की पूरी जानकारी।
अधिक पूर्णिमा व्रत हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है। यह अधिक मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और चंद्रदेव की पूजा, व्रत और दान का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि अधिक पूर्णिमा व्रत करने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि का वास होता है।
हिंदू धर्म में पूर्णिमा व्रत का विशेष महत्व होता है। हर महीने पूर्णिमा के दिन व्रत रखा जाता है, लेकिन जब यह पूर्णिमा अधिक मास (मलमास) में आती है, तो इसे अधिक पूर्णिमा व्रत कहा जाता है। यह व्रत अत्यंत शुभ, दुर्लभ और कई गुना फल देने वाला माना जाता है।
अधिक पूर्णिमा व्रत: 30 मई 2026, शनिवार पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ: 30 मई 2026 को सुबह 11:57 बजे पूर्णिमा तिथि समाप्त: 31 मई 2026 को दोपहर 02:14 बजे चंद्रोदय (चंद्र दर्शन का समय): 30 मई 2026 को शाम 07:36 बजे व्रत और पूजा 30 मई 2026 (शनिवार) को ही की जाएगी।
पूर्णिमा व्रत हर महीने की पूर्णिमा तिथि को रखा जाता है, लेकिन जब यह तिथि अधिक मास में आती है, तो इसे अधिक पूर्णिमा कहा जाता है। अधिक मास को भगवान विष्णु का महीना माना जाता है इस दौरान किए गए व्रत और पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है इसलिए अधिक पूर्णिमा व्रत को बहुत विशेष और फलदायक माना जाता है।
इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है।
पूर्णिमा के दिन चंद्रमा पूर्ण रूप में होता है, जिससे मन और भावनाओं पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
इस दिन व्रत और स्नान करने से पापों का नाश होता है।
यह व्रत जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाता है।
व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प लें।
भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र स्थापित करें उन्हें पीले फूल और तुलसी अर्पित करें दीप और धूप जलाएं
“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
पूरा दिन उपवास रखें। फलाहार कर सकते हैं।
शाम को चंद्रमा के दर्शन करें और अर्घ्य दें।
पूर्णिमा के दिन चंद्रमा की पूजा का विशेष महत्व होता है। 2026 में चंद्र दर्शन: 30 मई शाम 07:36 बजे चंद्रमा को जल अर्पित करना शुभ माना जाता है इससे मन शांत होता है और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
क्या करें:
इस व्रत को करने से:
यह व्रत सभी के लिए लाभकारी है:
इस दिन दान करना बहुत शुभ माना जाता है:
अधिक पूर्णिमा व्रत एक अत्यंत शुभ और पुण्यदायक व्रत है, जो वर्ष 2026 में 30 मई (शनिवार) को पड़ रहा है। पूर्णिमा तिथि 30 मई सुबह 11:57 बजे से 31 मई दोपहर 02:14 बजे तक रहेगी और चंद्र दर्शन शाम 07:36 बजे होगा। यह दिन भगवान विष्णु की कृपा पाने, पापों से मुक्ति पाने और जीवन में सुख-समृद्धि लाने का एक श्रेष्ठ अवसर है। यदि आप इस दिन श्रद्धा और नियम से व्रत करते हैं, तो आपको निश्चित रूप से इसका शुभ फल मिलेगा।
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