
भगवान कृष्ण की भक्ति करें, 'वृंदावन के ओ बांके बिहारी' भजन पढ़ें।
वृंदावन के ओ बांके बिहारी" एक प्रसिद्ध भजन है जो भगवान श्री कृष्ण के प्रति भक्तों की श्रद्धा और प्रेम को व्यक्त करता है। यह भजन श्री कृष्ण की लीला और उनके आकर्षक रूप का वर्णन करता है। इसे गाने से मानसिक शांति, आंतरिक सुख और आध्यात्मिक उन्नति मिलती है। भक्त इस भजन के माध्यम से कृष्ण के दिव्य प्रेम का अनुभव करते हैं और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है।
वृन्दावन के ओ बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ॥
हम तुम्हारे पराये नही है,
गैर के दर पे आये नहीं है,
हम तुम्हारे पुराने पुजारी,
हम तुम्हारे पुराने पुजारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी,
वृन्दावन के ओ बांके बिहारी ॥
हरिदास के राज दुलारे,
नन्द यशोदा की आँखों के तारे,
राधा जू के सांवरे गिरधारी,
राधा जू के सांवरे गिरधारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी,
वृन्दावन के ओ बांके बिहारी ॥
बंद कमरों में रुक ना सकोगे,
लाख पर्दो में छुप ना सकोगे,
तुमको हर ओर हम है व्यापारी,
तुमको हर ओर हम है व्यापारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी,
वृन्दावन के ओ बांके बिहारी ॥
वृन्दावन के ओ बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ॥
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