4 दिसंबर 2026 को क्या है?
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4 दिसंबर 2026 को क्या है? | 4 December 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

सुबह की शुरुआत अगर सही जानकारी और सकारात्मक सोच के साथ हो, तो दिन थोड़ा अलग महसूस हो सकता है। 4 दिसंबर 2026 के शुभ समय, धार्मिक महत्व और जरूरी बातों को आसान भाषा में जानते हैं।

4 दिसंबर 2026 को क्या है?

कुछ दिन ऐसे होते हैं जब पंचांग केवल तिथि और समय की जानकारी नहीं देता, बल्कि पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए सही दिशा समझने का अवसर भी देता है। 4 दिसंबर 2026, शुक्रवार का दिन कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि, हस्त नक्षत्र और आयुष्मान योग के कारण धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा सकता है। यदि आप जानना चाहते हैं कि इस दिन का पंचांग क्या कहता है और किन बातों का ध्यान रखना शुभ माना जाता है, तो आइए विस्तार से जानते हैं।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष एकादशी – रात 11:46 PM तक
  • वार: शुक्रवार
  • नक्षत्र: हस्त – सुबह 10:24 AM तक
  • योग: आयुष्मान – सुबह 8:23 AM तक
  • करण: बव – सुबह 11:22 AM तक
  • मास (अमांत): कार्तिक
  • मास (पूर्णिमांत): मृगशिरा
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: वृश्चिक
  • चंद्र राशि: कन्या
  • ऋतु: हेमंत
  • अयन: दक्षिणायन
  • दिशाशूल: पश्चिम
  • चंद्र निवास: दक्षिण

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:28 AM से 12:10 PM
  • राहुकाल: 10:29 AM से 11:49 AM
  • गुलिक काल: 7:49 AM से 9:09 AM
  • यमघण्ट काल: 2:29 PM से 3:49 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 6:29 AM
  • सूर्यास्त: 5:08 PM
  • चंद्रोदय: 2:08 AM
  • चंद्रास्त: 1:49 PM

दिन का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व

4 दिसंबर 2026 को कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पड़ रही है, जिसे सनातन परंपरा में पूजा, संयम और भगवान के स्मरण के लिए विशेष माना जाता है। हस्त नक्षत्र को कौशल, एकाग्रता और शुभ कार्यों से जोड़कर देखा जाता है। वहीं आयुष्मान योग को सकारात्मकता और अच्छे कार्यों के लिए लाभकारी माना जाता है। इस दिन पूजा-पाठ, मंत्र जाप और आत्मिक शांति के लिए समय निकालना शुभ माना जा सकता है।

पूजा-व्रत विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र पहनें।
  • अपने इष्ट देव का स्मरण कर पूजा स्थल पर दीपक जलाएं।
  • एकादशी तिथि होने के कारण श्रद्धानुसार व्रत या सात्विक भोजन का पालन किया जा सकता है।
  • घर या मंदिर में पूजा-अर्चना कर मंत्र जाप करें।
  • जरूरतमंद लोगों की सहायता या दान देना शुभ माना जाता है।
  • शाम के समय भगवान का स्मरण कर प्रार्थना और ध्यान करें।

निष्कर्ष

4 दिसंबर 2026 का दिन पंचांग के अनुसार कृष्ण पक्ष एकादशी, हस्त नक्षत्र और आयुष्मान योग के कारण विशेष महत्व रखता है। धार्मिक भाव, संयम और सकारात्मक सोच के साथ बिताया गया यह दिन मानसिक शांति और आध्यात्मिक संतुलन का अनुभव करा सकता है। शुभ समय को ध्यान में रखकर किए गए कार्य अधिक संतोषदायक माने जा सकते हैं।

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Published by Sri Mandir·June 1, 2026

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