29 मई 2026 को क्या है?
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29 मई 2026 को क्या है? | 29 May 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

कैलेंडर की हर तारीख अपने साथ कुछ न कुछ संकेत लेकर आती है, और 29 मई 2026 भी ऐसा ही एक दिन है। आइए जानते हैं इस दिन से जुड़े व्रत, त्योहार एवं धार्मिक महत्व के बारे में।

29 मई 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 29 मई 2026 को कौन-कौन से व्रत पड़ रहे हैं और इस दिन का धार्मिक महत्व क्या है? 29 मई 2026, शुक्रवार के दिन ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है (सुबह 9:51 AM तक)। पंचांग के अनुसार त्रयोदशी तिथि धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है और यह दिन विशेष रूप से शिव पूजा और व्रत के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन के नक्षत्र, योग और शुभ-अशुभ समय का भी विशेष प्रभाव होता है, इसलिए धार्मिक कार्यों में इस दिन का महत्व बढ़ जाता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष त्रयोदशी – सुबह 9:51 AM तक
  • वार: शुक्रवार
  • नक्षत्र: स्वाति – सुबह 10:38 AM तक
  • योग: परिघ – सुबह 4:36 AM तक
  • करण: तैतिल – सुबह 9:51 AM तक
  • मास (अमांत): ज्येष्ठ
  • मास (पूर्णिमांत): ज्येष्ठ
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: वृष
  • चंद्र राशि: तुला
  • ऋतु: ग्रीष्म
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: पश्चिम
  • चंद्र निवास: पश्चिम

त्यौहार व व्रत

29 मई 2026 को शुक्ल त्रयोदशी तिथि पड़ रही है, जिसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है। यह तिथि विशेष रूप से भगवान शिव को समर्पित मानी जाती है और प्रदोष व्रत के रूप में इसका महत्व और बढ़ जाता है। शुक्रवार होने के कारण इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा का भी विशेष महत्व होता है।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:29 AM से 12:23 PM
  • राहुकाल: 10:14 AM से 11:56 AM
  • गुलिक काल: 6:51 AM से 8:33 AM
  • यमघण्ट काल: 3:20 PM से 5:02 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 5:09 AM
  • सूर्यास्त: 6:44 PM
  • चंद्रोदय: 5:09 PM
  • चंद्रास्त: 3:21 AM

पूजा-व्रत विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
  • भगवान शिव और माता लक्ष्मी का ध्यान करें।
  • प्रदोष व्रत के अनुसार शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करें।
  • मंदिर जाकर दीपक जलाएं और पूजा करें।
  • जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करें।
  • दिनभर संयम और सकारात्मकता बनाए रखें।

निष्कर्ष

29 मई 2026 का दिन ज्येष्ठ मास की शुक्ल त्रयोदशी तिथि के कारण धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। शुक्रवार का संयोग इस दिन के महत्व को और बढ़ाता है। इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा-पाठ, शिव आराधना और दान-पुण्य करने से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक फल की प्राप्ति होती है।

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Published by Sri Mandir·May 29, 2026

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