29 जुलाई 2026 को क्या है?
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29 जुलाई 2026 को क्या है? | 29 July 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, ​​व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

हर दिन का पंचांग तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ मुहूर्त की महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है। 29 जुलाई 2026 के दिन कौन-से शुभ योग बन रहे हैं, ग्रह-नक्षत्रों की चाल कैसी रहेगी और धार्मिक दृष्टि से इस दिन का क्या महत्व माना गया है, आइए जानते हैं।

29 जुलाई 2026 को क्या है?

29 जुलाई 2026 का दिन आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को आता है, जिसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है। इस दिन गुरु पूर्णिमा, व्यास पूजा और आषाढ़ पूर्णिमा जैसे महत्वपूर्ण पर्व मनाए जाते हैं, जिससे इसका आध्यात्मिक महत्व और बढ़ जाता है। बुधवार का दिन होने से बुद्धि, ज्ञान और साधना का विशेष फल प्राप्त होता है। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र और प्रीति योग का संयोग इस दिन को पूजा-पाठ, ध्यान और गुरु वंदना के लिए अत्यंत अनुकूल बनाता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष पूर्णिमा – 8:06 PM तक
  • वार: बुधवार
  • नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा – 3:38 PM तक
  • योग: प्रीति – 11:58 PM तक
  • करण: विष्टि – 7:14 AM तक
  • मास (अमांत): आषाढ़
  • मास (पूर्णिमांत): आषाढ़
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: कर्क
  • चंद्र राशि: मकर
  • ऋतु: वर्षा
  • अयन: दक्षिणायन
  • दिशाशूल: उत्तर
  • चंद्र निवास: दक्षिण

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त: 11:39 AM से 12:31 PM राहुकाल: 12:05 PM से 1:45 PM गुलिक काल: 10:25 AM से 12:05 PM यमघण्ट काल: 7:05 AM से 8:45 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

सूर्योदय: 5:24 AM सूर्यास्त: 6:46 PM चंद्रोदय: 6:47 PM चंद्रास्त: 4:52 AM

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • अपने गुरु का स्मरण कर आशीर्वाद प्राप्त करें।
  • भगवान विष्णु और चंद्र देव की पूजा करें।
  • “ॐ गुरवे नमः” मंत्र का जाप करें।
  • गुरु पूर्णिमा पर दान, सेवा और सत्संग में भाग लें।
  • जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और दक्षिणा दें।
  • शाम के समय दीप जलाकर आरती करें।

निष्कर्ष

29 जुलाई 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है। गुरु पूर्णिमा, व्यास पूजा और आषाढ़ पूर्णिमा का अद्भुत संगम इस दिन को विशेष बना देता है। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र और प्रीति योग साधना, ध्यान और गुरु भक्ति के लिए उत्तम ऊर्जा प्रदान करते हैं। श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए व्रत, पूजा और दान से जीवन में ज्ञान, शांति और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

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Published by Sri Mandir·May 27, 2026

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