29 जनवरी 2026 को क्या है?
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29 जनवरी 2026 को क्या है? | 29 January 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, तिथि, वार, नक्षत्र, व्रत-त्योहार और शुभ-अशुभ मुहूर्त से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी।

आज के दिन के बारे में

29 जनवरी 2026 का दिन भी अपने आप में खास है। इस दिन कौन-सा व्रत, पर्व या शुभ योग बन रहे हैं, यह जानना आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। इस लेख में 29 जनवरी 2026 से जुड़ी सारी जरूरी धार्मिक और पंचांगीय जानकारी सरल और स्पष्ट तरीके से पेश की गई है।

29 जनवरी 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 29 जनवरी 2026 को कौन-सा व्रत, त्योहार और शुभ योग हैं और यह दिन धार्मिक दृष्टि से क्यों विशेष है? 29 जनवरी 2026, गुरुवार को शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। माघ मास की यह एकादशी जया एकादशी के रूप में जानी जाती है। साथ ही इस दिन भीष्म द्वादशी का पुण्य संयोग भी बन रहा है। यह दिन व्रत, तप, दान और विष्णु भक्ति के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष एकादशी – दोपहर 1:56 PM तक

  • नक्षत्र: रोहिणी – सुबह 7:32 AM तक

  • योग: इंद्र – रात 8:28 PM तक

  • करण: विष्टि – दोपहर 1:54 PM तक

  • वार: गुरुवार

  • मास (अमांत): माघ

  • मास (पूर्णिमांत): माघ

  • विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)

  • शक संवत: 1947 (विश्ववासु)

  • सूर्य राशि: मकर

  • चंद्र राशि: वृष

  • ऋतु: शिशिर

  • अयन: उत्तरायण

  • दिशाशूल: दक्षिण दिशा

  • चंद्र निवास: दक्षिण दिशा

त्योहार व पर्व

1. जया एकादशी

जया एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित एक पवित्र व्रत है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से पापों का नाश होता है और व्यक्ति को भय, रोग और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है। इस दिन व्रत, विष्णु पूजा और दान का विशेष महत्व है।

2. भीष्म द्वादशी

यह पर्व महाभारत के महावीर भीष्म पितामह को समर्पित है। इस दिन जल, तिल और अन्न दान करने से पितृ दोष से मुक्ति और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:51 AM से 12:33 PM

  • राहुकाल: 1:34 PM से 2:56 PM

  • गुलिक काल: 9:28 AM से 10:50 AM

  • यमघंट काल: 6:43 AM से 8:05 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 6:43 AM

  • सूर्यास्त: 5:41 PM

  • चंद्रोदय: 1:47 PM

  • चंद्रास्त: 3:15 AM

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातः स्नान कर व्रत का संकल्प लें।

  • भगवान विष्णु की पीले पुष्प, तुलसी दल, धूप-दीप से पूजा करें।

  • जया एकादशी व्रत कथा का पाठ करें।

  • भीष्म पितामह के नाम से जल और तिल दान करें।

  • शाम को आरती कर विष्णु मंत्रों का जाप करें।

निष्कर्ष

29 जनवरी 2026 का दिन जया एकादशी और भीष्म द्वादशी जैसे पुण्यदायी पर्वों के कारण धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दिन श्रद्धा से किया गया व्रत, पूजा और दान जीवन में शांति, पुण्य और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है।

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Published by Sri Mandir·January 16, 2026

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