27 जून 2026 को क्या है?
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27 जून 2026 को क्या है? | 27 June 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

हर दिन का पंचांग अलग होता है, जिसमें तिथि, नक्षत्र और योग की जानकारी दी जाती है। 27 जून 2026 के दिन कौन-से शुभ संयोग बन रहे हैं और इस दिन का धार्मिक महत्व क्या बताया गया है, आइए जानते हैं।

27 जून 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 27 जून 2026 को कौन-कौन से व्रत, त्योहार और शुभ योग बन रहे हैं और इस दिन का धार्मिक महत्व क्या है? 27 जून 2026, शनिवार के दिन ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है (रात 12:44 AM तक)। इस दिन प्रदोष व्रत और शनि त्रयोदशी का विशेष संयोग बन रहा है, जिसे भगवान शिव और शनि देव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। साथ ही अनुराधा नक्षत्र और साध्य योग का प्रभाव इस दिन को पूजा-पाठ, व्रत और आध्यात्मिक साधना के लिए खास बना रहा है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष त्रयोदशी – 12:44 AM तक
  • वार: शनिवार
  • नक्षत्र: अनुराधा – 10:12 PM तक
  • योग: साध्य – 12:33 PM तक
  • करण: कौलव – 11:32 AM तक
  • मास (अमांत): ज्येष्ठ
  • मास (पूर्णिमांत): ज्येष्ठ
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: मिथुन
  • चंद्र राशि: वृश्चिक
  • ऋतु: ग्रीष्म
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: पूर्व
  • चंद्र निवास: उत्तर

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त: 11:35 AM से 12:29 PM राहुकाल: 8:36 AM से 10:19 AM गुलिक काल: 5:11 AM से 6:53 AM यमघण्ट काल: 1:45 PM से 3:27 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

सूर्योदय: 5:11 AM सूर्यास्त: 6:53 PM चंद्रोदय: 4:54 PM चंद्रास्त: 2:38 AM

धार्मिक महत्व

27 जून 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। इस दिन प्रदोष व्रत होने के कारण भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व रहता है। वहीं शनिवार के दिन शनि त्रयोदशी का संयोग बनने से शनि देव की आराधना और उपाय करना भी शुभ माना गया है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत एवं पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। अनुराधा नक्षत्र और साध्य योग का प्रभाव आध्यात्मिक साधना, मंत्र जाप और दान-पुण्य के लिए भी उत्तम माना गया है।

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान शिव और शनि देव का ध्यान कर व्रत का संकल्प लें।
  • शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित करें।
  • शनि देव को तिल का तेल, काला तिल और नीले पुष्प अर्पित करें।
  • महामृत्युंजय मंत्र और शनि मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।
  • जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और तिल का दान करें।
  • संध्या के समय दीप जलाकर भगवान शिव की आरती करें।

निष्कर्ष

27 जून 2026 का दिन प्रदोष व्रत, शनि त्रयोदशी, अनुराधा नक्षत्र और साध्य योग के कारण अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना गया है। इस दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-पाठ, व्रत और दान-पुण्य करने से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने की मान्यता है।

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Published by Sri Mandir·May 27, 2026

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