25 जून 2026 को क्या है?
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25 जून 2026 को क्या है? | 25 June 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

हर दिन का पंचांग अलग होता है, जिसमें तिथि, नक्षत्र और योग की जानकारी दी जाती है। 25 जून 2026 के दिन कौन-से शुभ संयोग बन रहे हैं और इस दिन का धार्मिक महत्व क्या बताया गया है, आइए जानते हैं।

25 जून 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 25 जून 2026 को कौन-कौन से व्रत, त्योहार और शुभ योग बन रहे हैं और इस दिन का धार्मिक महत्व क्या है? 25 जून 2026, गुरुवार के दिन ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है (रात 8:10 PM तक)। इस दिन निर्जला एकादशी और गायत्री जयंती का पावन संयोग बन रहा है, जिसे हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है। साथ ही स्वाति नक्षत्र और शिव योग का प्रभाव इस दिन को पूजा-पाठ, व्रत और आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष बनाता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष एकादशी – 8:10 PM तक
  • वार: गुरुवार
  • नक्षत्र: स्वाति – 4:30 PM तक
  • योग: शिव – 10:53 AM तक
  • करण: वणिज – 7:09 AM तक
  • मास (अमांत): ज्येष्ठ
  • मास (पूर्णिमांत): ज्येष्ठ
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: मिथुन
  • चंद्र राशि: तुला
  • ऋतु: ग्रीष्म
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: दक्षिण
  • चंद्र निवास: पश्चिम

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त: 11:34 AM से 12:28 PM राहुकाल: 1:44 PM से 3:27 PM गुलिक काल: 8:36 AM से 10:19 AM यमघण्ट काल: 5:10 AM से 6:53 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

सूर्योदय: 5:10 AM सूर्यास्त: 6:53 PM चंद्रोदय: 3:04 PM चंद्रास्त: 1:22 AM

धार्मिक महत्व

25 जून 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है क्योंकि इस दिन निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाएगा। मान्यता है कि इस एकादशी का व्रत करने से वर्षभर की सभी एकादशियों के बराबर पुण्य प्राप्त होता है। साथ ही गायत्री जयंती होने के कारण मां गायत्री की उपासना और गायत्री मंत्र का जाप विशेष फलदायी माना गया है। गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की पूजा के लिए भी शुभ माना जाता है। शिव योग और स्वाति नक्षत्र का संयोग इस दिन को आध्यात्मिक साधना, दान-पुण्य और पूजा-अर्चना के लिए और भी श्रेष्ठ बनाता है।

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ और पीले वस्त्र धारण करें।
  • भगवान विष्णु और मां गायत्री का ध्यान कर व्रत का संकल्प लें।
  • निर्जला एकादशी व्रत में श्रद्धानुसार उपवास रखें।
  • भगवान विष्णु को तुलसी दल, पीले पुष्प और भोग अर्पित करें।
  • गायत्री मंत्र का जाप और धार्मिक पाठ करना शुभ माना जाता है।
  • जरूरतमंदों को जल, फल, वस्त्र और अन्न का दान करें।
  • शाम के समय दीप जलाकर भगवान की आरती करें।

निष्कर्ष

25 जून 2026 का दिन निर्जला एकादशी, गायत्री जयंती, शिव योग और स्वाति नक्षत्र के कारण अत्यंत पवित्र और शुभ माना गया है। इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा-पाठ, व्रत और दान-पुण्य करने से सुख, शांति और पुण्य की प्राप्ति होने की मान्यता है।

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Published by Sri Mandir·June 25, 2026

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