
जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ-अशुभ मुहूर्त, ग्रह-नक्षत्र और धार्मिक दृष्टि से इस तिथि का महत्व।
25 फरवरी 2026 का दिन धार्मिक रूप से खास माना जाता है। इस दिन फाल्गुन माह की एक महत्वपूर्ण तिथि पड़ती है, जिसे पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त माना जाता है। कई लोग इस दिन व्रत, दान और धार्मिक कार्य करते हैं।
क्या आप जानना चाहते हैं कि 25 फरवरी 2026 को कौन-कौन से व्रत और पर्व मनाए जाते हैं और यह दिन धार्मिक दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण है? 25 फरवरी 2026, बुधवार को फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है। यह दिन विशेष रूप से रोहिणी व्रत के कारण महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत संयम, तप और आत्मशुद्धि का प्रतीक है तथा विशेष रूप से जैन धर्म में इसका अत्यंत महत्व है।
1. रोहिणी व्रत
रोहिणी व्रत जैन धर्म का प्रमुख व्रत माना जाता है। यह व्रत विशेष रूप से भगवान वासुपूज्य से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि इस व्रत के पालन से पापों का क्षय, आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति होती है। रोहिणी नक्षत्र में किया गया यह व्रत संयम और तप का श्रेष्ठ उदाहरण माना जाता है।
प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
व्रत का संकल्प लेकर दिनभर संयम और सात्त्विकता बनाए रखें।
भगवान वासुपूज्य या अरिहंत देव का ध्यान करें।
क्रोध, असत्य और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
जरूरतमंदों की सहायता और दान-पुण्य करें।
25 फरवरी 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। फाल्गुन शुक्ल नवमी और रोहिणी व्रत आत्मशुद्धि, संयम और तप की प्रेरणा देते हैं। श्रद्धा और नियमपूर्वक किया गया व्रत मन को शांति प्रदान करता है और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है।
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जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक महत्व, तिथि और ग्रह-नक्षत्र की पूरी जानकारी विस्तार से जानें।

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