21 सितंबर 2026 को क्या है?
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21 सितंबर 2026 को क्या है? | 21 September 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

हर दिन का पंचांग अपने आप में विशेष महत्व रखता है, जिसमें तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ मुहूर्त की जानकारी प्राप्त होती है। 21 सितंबर 2026 के दिन कौन-से शुभ संयोग बन रहे हैं, इस दिन का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व क्या है और कौन-से कार्य इस दिन करना शुभ माना गया है, आइए विस्तार से जानते हैं।

21 सितंबर 2026 को क्या है?

कई लोग दिन की शुरुआत पंचांग देखकर करते हैं, क्योंकि उन्हें विश्वास होता है कि सही समय और सही दिशा से काम आसान हो जाते हैं। 21 सितंबर 2026 का दिन धार्मिक रूप से खास माना जा रहा है। इस दिन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र और शोभन योग का प्रभाव रहेगा। सोमवार होने के कारण भगवान शिव की पूजा का महत्व भी बढ़ जाता है। आइए जानते हैं इस दिन के शुभ-अशुभ समय और पूजा से जुड़ी जरूरी बातें।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष दशमी – रात 8:02 PM तक
  • वार: सोमवार
  • नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा – सुबह 7:07 AM तक
  • योग: शोभन – शाम 4:06 PM तक
  • करण: तैतिल – सुबह 6:58 AM तक
  • मास (अमांत): भाद्रपद
  • मास (पूर्णिमांत): भाद्रपद
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: कन्या
  • चंद्र राशि: धनु
  • ऋतु: शरद
  • अयन: दक्षिणायन
  • दिशाशूल: पूर्व
  • चंद्र निवास: पूर्व

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त: 11:28 AM से 12:16 PM राहुकाल: 7:18 AM से 8:49 AM गुलिक काल: 1:23 PM से 2:54 PM यमघण्ट काल: 10:21 AM से 11:52 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

सूर्योदय: 5:47 AM सूर्यास्त: 5:57 PM चंद्रोदय: 2:40 PM चंद्रास्त: 12:31 AM

दिन का धार्मिक महत्व

भाद्रपद शुक्ल दशमी का दिन शुभ कार्यों और पूजा-पाठ के लिए अनुकूल माना जाता है। सोमवार होने के कारण भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व रहता है। मान्यता है कि इस दिन शिव पूजा और जलाभिषेक करने से मन को शांति और जीवन में सकारात्मकता मिलती है। वहीं शोभन योग शुभ कार्यों, नए निर्णयों और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अच्छा माना जाता है। इस दिन भक्त भगवान शिव, विष्णु और अपने इष्ट देव का स्मरण कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान शिव को जल, बेलपत्र और धतूरा अर्पित करें।
  • “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
  • घर के मंदिर में दीपक जलाकर पूजा-अर्चना करें।
  • जरूरतमंदों को दान और भोजन कराना शुभ माना जाता है।
  • दिनभर सकारात्मक विचार और संयम बनाए रखें।

निष्कर्ष

21 सितंबर 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाएगा। भाद्रपद शुक्ल दशमी, शोभन योग और सोमवार का संयोग इस दिन को पूजा-पाठ, शिव आराधना और शुभ कार्यों के लिए विशेष बनाता है। श्रद्धा और भक्ति के साथ किए गए धार्मिक कार्य जीवन में मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा ला सकते हैं।

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Published by Sri Mandir·May 27, 2026

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