20 जून 2026 को क्या है?
image
downloadDownload
shareShare
ShareWhatsApp

20 जून 2026 को क्या है? | 20 June 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

हर दिन का पंचांग अलग होता है, जिसमें तिथि, नक्षत्र और योग की जानकारी दी जाती है। 20 जून 2026 के दिन कौन-से शुभ संयोग बन रहे हैं और इस दिन का धार्मिक महत्व क्या बताया गया है, आइए जानते हैं।

20 जून 2026 को क्या है?

ज्योतिष और पंचांग के अनुसार 20 जून 2026 का दिन कई मायनों में खास रहने वाला है। यह दिन न केवल शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि का है, बल्कि मघा नक्षत्र और वज्र योग का अद्भुत संयोग भी बना रहा है। शनिवार होने के कारण शनिदेव की पूजा का महत्व भी कई गुना बढ़ जाता है। मान्यता है कि इस दिन की गई आराधना से नकारात्मकता दूर होती है और जीवन में स्थिरता आती है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष षष्ठी – 3:48 PM तक
  • वार: शनिवार
  • नक्षत्र: मघा – 9:27 AM तक
  • योग: वज्र – 12:48 PM तक
  • करण: तैतिल – 3:53 PM तक
  • मास (अमांत): ज्येष्ठ
  • मास (पूर्णिमांत): ज्येष्ठ
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: मिथुन
  • चंद्र राशि: सिंह
  • ऋतु: ग्रीष्म
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: पूर्व
  • चंद्र निवास: पूर्व

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त: 11:33 AM से 12:27 PM राहुकाल: 8:35 AM से 10:17 AM गुलिक काल: 5:09 AM से 6:52 AM यमघण्ट काल: 1:43 PM से 3:26 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

सूर्योदय: 5:09 AM सूर्यास्त: 6:52 PM चंद्रोदय: 10:29 AM चंद्रास्त: 11:15 PM

धार्मिक महत्व

20 जून 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण माना गया है। शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है। मघा नक्षत्र और वज्र योग का संयोग इस दिन को विशेष बनाता है। शनिवार होने के कारण शनिदेव की पूजा, पीपल वृक्ष की सेवा और जरूरतमंदों को दान करना शुभ माना जाता है। इस दिन किए गए जप, तप और दान से मानसिक शांति और सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने की मान्यता है।

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान शनिदेव और इष्ट देव का ध्यान करें।
  • तिल के तेल का दीपक जलाकर पूजा करें।
  • शनिदेव को काले तिल और सरसों का तेल अर्पित करें।
  • मंत्र जाप और ध्यान करना शुभ माना जाता है।
  • गरीब और जरूरतमंद लोगों को दान करें।
  • संध्या समय भगवान की आरती कर सुख-शांति की प्रार्थना करें।

निष्कर्ष

20 जून 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से शुभ माना गया है। षष्ठी तिथि, मघा नक्षत्र और वज्र योग का संयोग इस दिन को और भी खास बनाता है। श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजा-पाठ तथा दान-पुण्य करने से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

divider
Published by Sri Mandir·May 18, 2026

Did you like this article?

आपके लिए लोकप्रिय लेख

और पढ़ेंright_arrow
srimandir-logo

श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

हमारा पता

फर्स्टप्रिंसिपल ऐप्सफॉरभारत प्रा. लि. 2nd फ्लोर, अर्बन वॉल्ट, नं. 29/1, 27वीं मेन रोड, सोमसुंदरपल्या, HSR पोस्ट, बैंगलोर, कर्नाटक - 560102
YoutubeInstagramLinkedinWhatsappTwitterFacebook