17 अक्टूबर 2026 को क्या है?
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17 अक्टूबर 2026 को क्या है? | 17 October 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

हर दिन का पंचांग विशेष महत्व रखता है, जिसमें तिथि, नक्षत्र, योग, करण और शुभ मुहूर्त की जानकारी दी जाती है। 17 अक्टूबर 2026 के दिन कौन-से शुभ संयोग बन रहे हैं, इस दिन का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व क्या है और किन कार्यों के लिए यह दिन शुभ फलदायी माना गया है, आइए विस्तार से जानते हैं।

17 अक्टूबर 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 17 अक्टूबर 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण माना जा रहा है? 17 अक्टूबर 2026, शनिवार को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि रहेगी। शारदीय नवरात्रि का सातवाँ दिन माता कालरात्रि की पूजा को समर्पित माना जाता है। सनातन धर्म में माता कालरात्रि को दुष्ट शक्तियों का नाश करने वाली और भय दूर करने वाली देवी माना गया है। इस दिन देवी आराधना, व्रत और साधना करने से नकारात्मकता दूर होकर जीवन में साहस और सकारात्मक ऊर्जा आने की मान्यता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष सप्तमी – रात 8:52 PM तक
  • वार: शनिवार
  • नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा – रात 10:30 PM तक
  • योग: वैधृति – सुबह 10:12 AM तक
  • करण: विष्टि – रात 8:52 PM तक
  • मास (अमांत): आश्विन
  • मास (पूर्णिमांत): आश्विन
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: तुला
  • चंद्र राशि: धनु
  • ऋतु: शरद
  • अयन: दक्षिणायन
  • दिशाशूल: पूर्व
  • चंद्र निवास: दक्षिण

त्यौहार व व्रत

शारदीय नवरात्रि – सप्तमी

नवरात्रि के सातवें दिन माता कालरात्रि की पूजा की जाती है। माता कालरात्रि को शक्ति और सुरक्षा की देवी माना जाता है। श्रद्धालु इस दिन माता की पूजा कर भय, संकट और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा की प्रार्थना करते हैं।

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त: 11:22 AM से 12:07 PM राहुकाल: 9:08 AM से 10:34 AM गुलिक काल: 6:16 AM से 7:42 AM यमघण्ट काल: 1:18 PM से 2:44 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

सूर्योदय: 6:26 AM सूर्यास्त: 5:37 PM चंद्रोदय: 9:50 AM (18 अक्टूबर) चंद्रास्त: 11:30 PM

पूजा-व्रत विधि

  • सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • माता कालरात्रि का ध्यान कर दीपक और धूप जलाएं।
  • माता को गुड़, लाल पुष्प और सिंदूर अर्पित करें।
  • दुर्गा सप्तशती और देवी मंत्रों का जाप करें।
  • व्रत रखकर सात्विक भोजन ग्रहण करें।
  • जरूरतमंदों को अन्न और वस्त्र दान देना शुभ माना जाता है।

निष्कर्ष

17 अक्टूबर 2026 का दिन धार्मिक श्रद्धा, देवी उपासना और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। शारदीय नवरात्रि की सप्तमी माता कालरात्रि की कृपा प्राप्त करने और जीवन में साहस व सुख-शांति बनाए रखने के लिए शुभ मानी गई है। श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-पाठ करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि बनी रहती है।

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Published by Sri Mandir·May 27, 2026

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